देश में Gold की कीमतें एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। वजह सिर्फ बाजार नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री Narendra Modi का वह बयान है जिसने सर्राफा बाजार से लेकर आम परिवारों तक हलचल मचा दी। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में लोगों से अपील की थी कि वे फिलहाल Gold खरीदने से बचें, ईंधन की बचत करें और आर्थिक चुनौतियों के दौर में संयम बरतें। इसके अगले ही दिन सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी के दामों में मजबूती देखने को मिली।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या Gold और सस्ता होगा? क्या अभी खरीदारी रोक देना बेहतर है? और आज देश के अलग-अलग शहरों में 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट Gold का क्या भाव चल रहा है? taazanews24x7.com
आइए विस्तार से समझते हैं कि पीएम मोदी की अपील के बाद सर्राफा बाजार में आखिर क्या बदला है और इसका आम लोगों की जेब पर क्या असर पड़ सकता है।

पीएम मोदी की अपील के बाद बाजार में क्यों मचा असर?
प्रधानमंत्री मोदी ने हालिया संबोधन में देशवासियों से अपील की कि वे गैर-जरूरी खर्चों को कुछ समय के लिए टालें। खास तौर पर Gold खरीदने को लेकर उन्होंने संयम बरतने की बात कही। यह बयान ऐसे समय आया जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहले से ही Gold की कीमतें दबाव में थीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री की अपील का मनोवैज्ञानिक असर बाजार पर तुरंत दिखाई दिया। कई निवेशकों और खुदरा खरीदारों ने खरीदारी रोक दी, जिससे डिमांड कमजोर हुई और कीमतों में नरमी आ गई।
सर्राफा कारोबारियों के मुताबिक पिछले 24 घंटों में ग्राहकों की संख्या में कमी देखी गई। खासकर शादी और निवेश के लिए खरीदारी करने वाले लोग फिलहाल इंतजार की रणनीति अपना रहे हैं।
आज क्या है 10 ग्राम Gold का भाव?
11 मई 2026 को देश के बड़े शहरों में Gold की कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 24 कैरेट Gold के रेट में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी मजबूत बनी हुई है।
प्रमुख शहरों में आज का Gold रेट (10 ग्राम)
दिल्ली
- 24 कैरेट: ₹97,850
- 22 कैरेट: ₹89,700
- 18 कैरेट: ₹73,450
मुंबई
- 24 कैरेट: ₹97,700
- 22 कैरेट: ₹89,550
- 18 कैरेट: ₹73,300
चेन्नई
- 24 कैरेट: ₹98,100
- 22 कैरेट: ₹89,950
- 18 कैरेट: ₹73,700
कोलकाता
- 24 कैरेट: ₹97,750
- 22 कैरेट: ₹89,600
- 18 कैरेट: ₹73,350
पटना
- 24 कैरेट: ₹97,900
- 22 कैरेट: ₹89,750
- 18 कैरेट: ₹73,500
हालांकि अलग-अलग ज्वेलर्स और टैक्स के कारण इन कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।
चांदी क्यों हो रही है महंगी?
जहां Gold दबाव में है, वहीं चांदी लगातार मजबूत बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार इसकी सबसे बड़ी वजह इंडस्ट्रियल डिमांड है।
इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में चांदी की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर निवेशक भी चांदी को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।
आज चांदी का रेट कई शहरों में ₹1,12,000 प्रति किलो के आसपास पहुंच गया। कुछ बाजारों में यह इससे भी ऊपर कारोबार कर रही है।
क्या पीएम मोदी की अपील से और सस्ता होगा Gold?
यह सवाल इस समय हर निवेशक के मन में है। क्या अभी खरीदारी रोक देनी चाहिए? या यह गिरावट अस्थायी है?
विशेषज्ञों की राय अलग-अलग है।
कुछ जानकार मानते हैं:
- अगर वैश्विक तनाव कम होता है तो Gold में और गिरावट आ सकती है।
- डॉलर मजबूत होने पर गोल्ड दबाव में रहेगा।
- घरेलू डिमांड कमजोर हुई तो रेट और नीचे जा सकते हैं।
वहीं दूसरी राय यह है:
- सोना लंबे समय में हमेशा मजबूत निवेश माना जाता है।
- शादी सीजन आते ही डिमांड बढ़ सकती है।
- केंद्रीय बैंकों की खरीदारी गोल्ड को सपोर्ट दे सकती है।

यानी फिलहाल बाजार पूरी तरह अनिश्चितता के दौर में है।
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
भारत में Gold सिर्फ निवेश नहीं, भावनाओं और परंपरा से भी जुड़ा हुआ है। शादी, त्योहार और पारिवारिक आयोजनों में सोने की खरीदारी आम बात है।
ऐसे में कीमतों में गिरावट से आम खरीदारों को थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि कई लोग अभी इंतजार कर रहे हैं ताकि कीमतें और नीचे आएं।
दूसरी तरफ जिन लोगों ने ऊंचे रेट पर गोल्ड खरीदा था, वे फिलहाल नुकसान में महसूस कर सकते हैं।
क्या अभी Gold खरीदना सही रहेगा?
अगर आप निवेश के नजरिए से सोच रहे हैं तो विशेषज्ञ “स्टेप बाय स्टेप खरीदारी” की सलाह दे रहे हैं। यानी एक बार में बड़ी रकम लगाने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करें।
निवेशकों के लिए कुछ जरूरी बातें:
- लंबी अवधि के लिए गोल्ड अब भी सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
- हर गिरावट खरीदारी का मौका हो सकती है।
- जरूरत के हिसाब से ही निवेश करें।
- सिर्फ भाव देखकर जल्दबाजी न करें।
24K, 22K और 18K गोल्ड में क्या फर्क है?
कई लोग आज भी कैरेट को लेकर भ्रमित रहते हैं। इसलिए यह समझना जरूरी है कि कौन सा Gold किस काम के लिए बेहतर होता है।
24 कैरेट Gold
- सबसे शुद्ध Gold
- लगभग 99.9% प्योर
- निवेश के लिए बेहतर
- ज्वेलरी में कम इस्तेमाल
22 कैरेट गोल्ड
- लगभग 91% शुद्ध
- गहने बनाने में सबसे ज्यादा उपयोग
- मजबूत और टिकाऊ
18 कैरेट Gold
- फैशन ज्वेलरी में इस्तेमाल
- अन्य धातुओं की मात्रा ज्यादा
- कीमत अपेाकृत कम

अंतरराष्ट्रीय बाजार का क्या असर पड़ रहा है?
भारत में Gold की कीमतें सिर्फ घरेलू कारणों से तय नहीं होतीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार भी इसमें बड़ी भूमिका निभाता है।
इन फैक्टर्स का सबसे ज्यादा असर होता है:
- अमेरिकी डॉलर की स्थिति
- ब्याज दरें
- क्रूड ऑयल की कीमतें
- भू-राजनीतिक तनाव
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले
हाल के दिनों में वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा है, जिसका असर भारतीय सर्राफा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।
क्या शादी सीजन में फिर बढ़ेंगे रेट?
भारत में शादी सीजन आते ही Gold की मांग तेजी से बढ़ जाती है। ज्वेलर्स का मानना है कि अगर अगले कुछ हफ्तों में डिमांड बढ़ती है तो कीमतों में फिर तेजी आ सकती है।
हालांकि फिलहाल खरीदार “वेट एंड वॉच” की रणनीति अपनाए हुए हैं।
निवेशक क्या कर रहे हैं?
बाजार में इस समय तीन तरह के निवेशक दिखाई दे रहे हैं:
1. इंतजार करने वाले
ये लोग मान रहे हैं कि सोना और सस्ता हो सकता है।
2. धीरे-धीरे खरीदारी करने वाले
ये हर गिरावट पर थोड़ा-थोड़ा निवेश कर रहे हैं।
3. चांदी की ओर शिफ्ट होने वाले
कई निवेशक अब चांदी को बेहतर विकल्प मान रहे हैं।
डिजिटल गोल्ड और ETF में भी हलचल
फिजिकल गोल्ड के अलावा डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ETF में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। निवेशक अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी सोने में निवेश कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल निवेश में पारदर्शिता ज्यादा होती है और स्टोरेज की समस्या भी नहीं रहती।
क्या यह गिरावट अस्थायी है?
बाजार के जानकारों के अनुसार अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सोना लंबे समय के लिए कमजोर पड़ गया है। गोल्ड हमेशा अनिश्चित समय में सुरक्षित निवेश माना जाता है।
अगर वैश्विक संकट बढ़ता है तो सोने में फिर तेजी लौट सकती है। लेकिन अगर आर्थिक हालात स्थिर होते हैं तो कीमतें कुछ समय तक दबाव में रह सकती हैं।
छोटे शहरों में क्या है स्थिति?
दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों के मुकाबले छोटे शहरों में रेट थोड़ा अलग हो सकता है। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई शहरों में स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण कीमतों में अंतर देखा जा रहा है।
पटना, गया, मुजफ्फरपुर और दरभंगा जैसे शहरों में ग्राहकों की संख्या फिलहाल सामान्य से कम बताई जा रही है।
सर्राफा कारोबारियों की क्या राय है?
कई ज्वेलर्स का कहना है कि पीएम मोदी की अपील का असर लोगों की मानसिकता पर पड़ा है। लोग अभी जरूरी खरीदारी ही कर रहे हैं।
हालांकि कारोबारियों को उम्मीद है कि त्योहार और शादी सीजन आते ही बाजार फिर रफ्तार पकड़ लेगा।

निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद सोने के बाजार में हलचल साफ दिखाई दे रही है। कीमतों में गिरावट ने खरीदारों को राहत जरूर दी है, लेकिन अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। वहीं चांदी लगातार मजबूत होकर निवेशकों का ध्यान खींच रही है।
अगर आप गोल्ड खरीदने की योजना बना रहे हैं तो जल्दबाजी के बजाय बाजार की चाल पर नजर रखना बेहतर हो सकता है। विशेषज्ञों की मानें तो लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना अब भी मजबूत विकल्प बना हुआ है, लेकिन फिलहाल सतर्कता जरूरी है।
आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल और घरेलू मांग यह तय करेगी कि सोना और सस्ता होगा या फिर दोबारा तेजी पकड़ेगा।
विदेशी मुद्रा बचाने के लिए PM Modi ने देशवासियों से एक साल तक किसी भी कार्यक्रम या फंक्शन में सोना नहीं खरीदने की अपील की है.
— News Leader (@NewsLeaderLive) May 10, 2026
पीएम मोदी ने ये बात हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कही.@narendramodi Gold Price | #NewsLeader pic.twitter.com/HpJhSQ2Tgy