ऑनलाइन ग्रॉसरी डिलीवरी का बढ़ता चलन अब ग्राहकों के लिए चिंता का कारण बनता दिखाई दे रहा है। देशभर से खराब क्वालिटी के अंडों की शिकायतें मिलने के बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण Food Safety and Standards Authority of India यानी FSSAI ने बड़ा कदम उठाया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्राहकों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से खरीदे गए अंडों को लेकर शिकायत की थी कि अंडों से बदबू आ रही थी, उनका टेक्सचर रबड़ जैसा था और कई मामलों में वे खाने लायक नहीं थे। शिकायतों के बढ़ने के बाद FSSAI ने क्विक कॉमर्स कंपनी Blinkit समेत कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। taazanews24x7.com
यह मामला सिर्फ खराब अंडों तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इससे ऑनलाइन फूड डिलीवरी सिस्टम और उसकी क्वालिटी मॉनिटरिंग पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

आखिर क्या है पूरा मामला?
पिछले कुछ हफ्तों में सोशल media पर कई ग्राहकों ने ऑनलाइन मंगाए गए अंडों की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। कुछ लोगों ने दावा किया कि अंडे उबालने के बाद उनका अंदरूनी हिस्सा असामान्य रूप से सख्त और रबड़ जैसा हो गया। वहीं कई ग्राहकों ने अंडों से तेज बदबू आने की शिकायत भी की।
कई यूजर्स ने यह भी कहा कि एक्सपायरी डेट और स्टोरेज कंडीशन की जानकारी साफ तरीके से नहीं दी जा रही थी। शिकायतों के वायरल होने के बाद FSSAI ने मामले का संज्ञान लिया।
सूत्रों के मुताबिक, रेगुलेटर ने ई-कॉमर्स कंपनियों से पूछा है कि वे खराब खाद्य उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचने से रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उनकी योजना क्या है।
Blinkit को 7 दिन का समय
जानकारी के अनुसार, FSSAI ने Blinkit से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। कंपनी को 7 दिनों के भीतर यह बताना होगा कि सप्लाई चेन में कहां गड़बड़ी हुई और ग्राहकों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
रेगुलेटर ने यह भी पूछा है कि कंपनी अपने वेयरहाउस और डिलीवरी सिस्टम में खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता कैसे जांचती है।
खास बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स पर खाद्य गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे हों। इससे पहले भी खराब फल, एक्सपायर्ड डेयरी प्रोडक्ट्स और गलत पैकेजिंग को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं।

क्यों खराब हो जाते हैं अंडे?
फूड एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अंडे बेहद संवेदनशील खाद्य पदार्थों में शामिल होते हैं। अगर इन्हें सही तापमान पर स्टोर न किया जाए तो इनमें बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सप्लाई चेन के दौरान तापमान में बदलाव, लंबे समय तक खुले वातावरण में रखना या पुराना स्टॉक बेचने जैसी वजहों से अंडों की गुणवत्ता खराब हो सकती है।
कुछ मामलों में अंडों का सफेद हिस्सा रबड़ जैसा हो जाना भी गलत स्टोरेज का संकेत माना जाता है। वहीं तेज बदबू इस बात की ओर इशारा करती है कि अंडे खराब हो चुके हैं।
ऑनलाइन ग्रॉसरी मार्केट पर असर संभव
भारत में क्विक कॉमर्स सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। Blinkit, Zepto और Swiggy जैसी कंपनियां 10 से 20 मिनट में ग्रॉसरी डिलीवरी का दावा करती हैं।
लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि इतनी तेज डिलीवरी के बीच क्या खाद्य गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है?
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते क्विक कॉमर्स बाजार में कंपनियों पर डिलीवरी स्पीड का दबाव है, जिसके कारण कई बार गुणवत्ता जांच प्रक्रिया कमजोर पड़ सकती है।
ग्राहक क्या रखें सावधानी?
फूड सेफ्टी विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन अंडे या डेयरी उत्पाद खरीदते समय ग्राहकों को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
अंडे खरीदते समय ध्यान रखें:
- पैकेजिंग सही होनी चाहिए
- एक्सपायरी डेट जरूर जांचें
- टूटे हुए अंडे स्वीकार न करें
- बदबू आने पर तुरंत इस्तेमाल बंद करें
- अंडे को फ्रिज में स्टोर करें
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर अंडा पानी में डालने पर ऊपर तैरने लगे तो वह पुराना हो सकता है। ताजा अंडा सामान्यतः पानी में नीचे बैठ जाता है।
क्या सख्त नियम ला सकता है FSSAI?
इस मामले के बाद संभावना जताई जा रही है कि FSSAI ऑनलाइन फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनियों के लिए नए दिशानिर्देश जारी कर सकता है।
इनमें कोल्ड स्टोरेज मॉनिटरिंग, रियल टाइम क्वालिटी ट्रैकिंग और एक्सपायरी प्रोडक्ट्स पर सख्त कार्रवाई जैसे नियम शामिल हो सकते हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में ऑनलाइन फूड बिजनेस पर निगरानी और बढ़ेगी, क्योंकि अब करोड़ों लोग रोजमर्रा की खाने-पीने की चीजें ऐप्स के जरिए मंगाने लगे हैं।

सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा
इस खबर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताई। कई यूजर्स ने दावा किया कि उन्हें भी खराब क्वालिटी के अंडे मिले थे, लेकिन शिकायत करने के बाद सिर्फ रिफंड देकर मामला खत्म कर दिया गया।
कुछ लोगों ने कहा कि कंपनियां डिलीवरी स्पीड पर ज्यादा फोकस कर रही हैं, जबकि खाने की गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए।
वहीं कुछ यूजर्स ने मांग की कि फूड सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया जाए।
बढ़ती ऑनलाइन निर्भरता के बीच बड़ा सवाल
कोरोना महामारी के बाद भारत में ऑनलाइन ग्रॉसरी खरीदने का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। अब लोग सब्जियों से लेकर दूध, अंडे और मांस तक ऑनलाइन मंगाने लगे हैं।
ऐसे में यह मामला सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि पूरे ऑनलाइन फूड सप्लाई सिस्टम की विश्वसनीयता से जुड़ा मुद्दा बन गया है।
यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो ग्राहकों का भरोसा कमजोर हो सकता है।

निष्कर्ष
खराब क्वालिटी के अंडों को लेकर FSSAI का सख्त रुख यह साफ संकेत देता है कि अब ऑनलाइन फूड कंपनियों को गुणवत्ता के मामले में ज्यादा जिम्मेदारी निभानी होगी। Blinkit समेत कई प्लेटफॉर्म्स से जवाब मांगे जाने के बाद यह देखना अहम होगा कि कंपनियां ग्राहकों का भरोसा दोबारा जीतने के लिए क्या कदम उठाती हैं।
फिलहाल यह मामला ऑनलाइन ग्रॉसरी सेक्टर के लिए बड़ी चेतावनी माना जा रहा है, जहां तेज डिलीवरी के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है।
दिल्ली में नकली अंडों की शिकायत पर एक्शन
— Bharat 24 – Vision Of New India (@Bharat24Liv) May 15, 2026
FSSAI ने Blinkit को भेजा नोटिस
FSSAI ने 7 दिनों में मांगा जवाब
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