7 जनवरी 2026 — जब दौलत, ताकत और सफलता भी एक पिता के दर्द के आगे बेबस दिखी
ANIL AGARWAL (जन्म 1954) एक भारतीय अरबपति व्यवसायी हैं जो वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के संस्थापक और अध्यक्ष हैं। वह वोलकैन इन्वेस्टमेंट्स के माध्यम से वेदांता रिसोर्सेज को नियंत्रित करते हैं, जो व्यवसाय में 100% हिस्सेदारी के साथ व्हीकल होल्डिंग है। अग्रवाल के परिवार की कुल संपत्ति $4 बिलियन है।
भारत के सबसे प्रभावशाली उद्योगपतियों में शुमार VEDANTA GROUP के चेयरमैन ANIL AGARWAL के जीवन में 7 जनवरी 2026 एक ऐसा दिन बन गया, जिसे वह शायद कभी भुला नहीं पाएंगे। taazanews24x7.com
अमेरिका से आई एक दिल दहला देने वाली खबर ने पूरे कारोबारी जगत को स्तब्ध कर दिया—उनके इकलौते बेटे अग्निवेश अग्रवाल का असामयिक निधन। VEDANTA GROUP के चेयरमैन ANIL AGARWAL के बेटे अग्निवेश का न्यूयॉर्क में निधन हो गया. अग्निवेश अमेरिका में स्कीइंग के दौरान हादसे का शिकार हो गए थे. उसके बाद उनका इलाज रहा था. इस बीच, कार्डियक अरेस्ट से जान चली गई. बेटे की मौत ने कारोबारी अग्रवाल और उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिस बेटे को उन्होंने सपनों की तरह पाला, जिस पर भविष्य की उम्मीदें टिकी थीं, उसी बेटे की अर्थी को कंधा देना—यह दृश्य किसी भी पिता के लिए सबसे बड़ा सदमा होता है।
ANIL AGARWAL का दर्द सिर्फ एक उद्योगपति का नहीं, बल्कि एक टूट चुके पिता का दर्द था।

अमेरिका से आई बुरी खबर, थम सा गया वक्त
सूत्रों के मुताबिक, अग्निवेश अग्रवाल अमेरिका में स्कीइंग के दौरान कार्डियक अरेस्ट का शिकार हो गए।
घटना इतनी अचानक थी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
परिवार को जब यह खबर मिली, तो मानो समय वहीं रुक गया।
VEDANTA GROUPसे जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और पूरे उद्योग जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
सोशल मीडिया पर एक ही सवाल गूंज रहा था—
“इतनी कम उम्र में, इतना होनहार बेटा यूं कैसे चला गया?”
ANIL AGARWAL के दो बच्चे: अग्निवेश और प्रिया
ANIL AGARWAL के परिवार में दो संतानें हैं—
- दिवंगत पुत्र – अग्निवेश अग्रवाल
- पुत्री – प्रिया अग्रवाल
जहां प्रिया अग्रवाल आज कॉरपोरेट जगत में एक सशक्त पहचान बना चुकी हैं, वहीं अग्निवेश को भविष्य का उत्तराधिकारी माना जा रहा था।
कौन थे अग्निवेश अग्रवाल? सिर्फ उद्योगपति के बेटे नहीं थे
अग्निवेश अग्रवाल को केवल “ANIL AGARWAL का बेटा” कहना उनके व्यक्तित्व के साथ अन्याय होगा।
वह बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे।
शिक्षा
- मेयो कॉलेज, अजमेर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से पढ़ाई
- बचपन से ही अनुशासन और नेतृत्व गुणों से भरपूर
बॉक्सिंग चैंपियन
- अग्निवेश एक नेशनल लेवल बॉक्सिंग चैंपियन रह चुके थे
- फिटनेस और मानसिक मजबूती उनकी पहचान थी
हॉर्स राइडिंग का जुनून
- घुड़सवारी उनके जीवन का अहम हिस्सा थी
- रफ्तार और नियंत्रण—दोनों में महारत
शानदार म्यूजिशियन
- संगीत से गहरा लगाव
- गिटार और पियानो पर उनकी पकड़ काबिल-ए-तारीफ मानी जाती थी
दोस्तों के अनुसार,
“वह शांत, विनम्र और जमीन से जुड़ा इंसान था, जिसमें अहंकार नाम की कोई चीज नहीं थी।”

बेटी प्रिया अग्रवाल: कारोबार की मजबूत कड़ी
जहां अग्निवेश की पहचान एक उभरते लीडर की थी, वहीं प्रिया अग्रवाल पहले से ही कॉरपोरेट दुनिया में मजबूत जगह बना चुकी हैं।
- वेदांता लिमिटेड के निदेशक मंडल की सदस्य
- हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन
प्रिया को एक कुशल प्रशासक, रणनीतिक सोच रखने वाली लीडर और जिम्मेदार उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता है।
“बाप के कंधे पर बेटे की अर्थी…”—टूट गए अनिल अग्रवाल
जब अग्निवेश का पार्थिव शरीर भारत लाया गया, तो अंतिम संस्कार के दौरान जो दृश्य सामने आया, उसने हर किसी की आंखें नम कर दीं।
ANIL AGARWAL खुद बेटे की अर्थी को कंधा देते दिखे।
उनकी आंखों से बहते आंसू किसी कैमरे से छुपे नहीं रहे।
उन्होंने बेहद भावुक शब्दों में कहा—
“एक पिता के लिए इससे बड़ा दुख कुछ नहीं हो सकता।
लेकिन मैं अपने बेटे के सपनों को अधूरा नहीं रहने दूंगा।”
उनका यह बयान सोशल मीडिया पर लाखों लोगों के दिल को छू गया।
VEDANTA GROUPमें शोक की लहर
अग्निवेश के निधन के बाद—
- VEDANTA GROUPके सभी कार्यालयों में शोक सभाएं आयोजित की गईं
- कर्मचारियों ने मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि दी
- कई वरिष्ठ उद्योगपतियों ने व्यक्तिगत रूप से ANIL AGARWAL से संपर्क कर संवेदना जताई
टाटा, अडानी, बिड़ला जैसे उद्योग समूहों से जुड़े कई दिग्गजों ने भी दुख व्यक्त किया।
सोशल मीडिया पर भावनाओं का सैलाब
ट्विटर (X), इंस्टाग्राम और लिंक्डइन पर—
- #AgniveshAgarwal
- #AnilAgarwal
- #VedantaGroup
ट्रेंड करने लगे।
लोगों ने लिखा—
- “दौलत सब कुछ नहीं खरीद सकती।”
- “एक पिता का दर्द शब्दों से परे है।”
कार्डियक अरेस्ट: युवाओं के लिए चेतावनी?
अग्निवेश की मौत ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए—
- क्या युवाओं में दिल से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं?
- क्या हाई-इंटेंसिटी स्पोर्ट्स में पर्याप्त मेडिकल निगरानी हो रही है?
विशेषज्ञों का मानना है कि अचानक कार्डियक अरेस्ट अब सिर्फ उम्रदराज लोगों की समस्या नहीं रही।
ANIL AGARWAL का संकल्प: “सपने अधूरे नहीं रहने दूंगा”
गहरे शोक के बीच ANIL AGARWAL ने यह साफ कर दिया है कि—
- वह बेटे के सपनों को आगे बढ़ाएंगे
- सामाजिक और शिक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट्स को नई दिशा देंगे
- युवाओं के लिए स्पोर्ट्स और हेल्थ अवेयरनेस पर काम होगा
उनके करीबी बताते हैं कि अग्निवेश समाज के लिए कुछ बड़ा करना चाहते थे।
एक पिता, एक बेटा और अधूरे सपने
यह कहानी सिर्फ एक उद्योगपति के बेटे की नहीं है।
यह कहानी है—
- रिश्तों की
- संवेदनाओं की
- और उस दर्द की, जिसे कोई भी शोहरत कम नहीं कर सकती
ANIL AGARWAL आज भी अरबों की संपत्ति के मालिक हैं, लेकिन उस दिन उन्होंने साबित कर दिया कि
सबसे पहले वह एक पिता हैं।

निष्कर्ष
अग्निवेश अग्रवाल का निधन भारतीय उद्योग जगत के लिए ही नहीं, बल्कि हर उस माता-पिता के लिए एक झटका है, जो अपने बच्चों में भविष्य देखते हैं।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि—
जिंदगी अनिश्चित है, और अपनों की कीमत किसी भी सफलता से कहीं ज्यादा।
अग्निवेश भले ही चले गए हों,
लेकिन उनकी यादें, उनके सपने और उनके पिता का संकल्प हमेशा जीवित रहेगा।