भारतीय शेयर बाजार में जब भी किसी बड़ी विदेशी संस्था का भरोसा किसी देसी फाइनेंशियल कंपनी पर दिखता है, तो उसका असर सिर्फ शेयर प्राइस तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे सेक्टर की दिशा तय कर देता है। Shriram Finance और जापान की दिग्गज फाइनेंशियल कंपनी MUFG (Mitsubishi UFJ Financial Group) के बीच हुई ₹39,620 करोड़ (करीब 4.4 अरब डॉलर) की मेगा डील को भी बाजार कुछ इसी नजर से देख रहा है। यही वजह है कि बीते दो दिनों में Shriram Finance का शेयर करीब 9% उछल चुका है, और ब्रोकरेज हाउस अब इसे लेकर सुपर बुलिश नजर आ रहे हैं। taazanews24x7.com
यह डील सिर्फ एक निवेश समझौता नहीं है, बल्कि भारतीय NBFC सेक्टर के लिए एक बड़ा संकेत है। सवाल यही है—क्या अब भी Shriram Finance के शेयर में कमाई का मौका बचा है? क्या वाकई निवेशकों को यहां से 17%, 31% या यहां तक कि 36% तक का रिटर्न मिल सकता है? आइए, पूरे मामले को आसान भाषा में, निवेशक के नजरिए से समझते हैं।
- MUFG के साथ Shriram Finance की यह साझेदारी सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं है। करीब ₹39,620 करोड़ की यह पूंजी कंपनी को अगले कई सालों की ग्रोथ के लिए तैयार करेगी। यह पैसा एक बार में नहीं, बल्कि सोच-समझकर अलग-अलग चरणों में डाला जाएगा, ताकि लोन बुक का विस्तार हो और बैलेंस शीट ज्यादा मजबूत बने।
- MUFG दुनिया के सबसे भरोसेमंद और कड़े मानकों वाले बैंकिंग समूहों में गिना जाता है। ऐसे में किसी भारतीय NBFC में इतना बड़ा निवेश करना अपने आप में बड़ी बात है। बाजार इसे इस रूप में देख रहा है कि Shriram Finance का बिजनेस मॉडल और उसका मैनेजमेंट इंटरनेशनल कसौटी पर खरा उतरा है।
- डील की खबर आते ही शेयर बाजार में हलचल तेज हो गई। पहले ही कारोबारी सत्र में शेयर 5% से ज्यादा चढ़ा, और अगले दिन भी खरीदारी का रुझान बना रहा। दो दिनों में करीब 9% की तेजी ने साफ कर दिया कि निवेशक इस खबर को हल्के में नहीं ले रहे।
- इस उछाल की सबसे बड़ी वजह यही मानी जा रही है कि MUFG जैसे ग्लोबल फाइनेंशियल दिग्गज का साथ मिलना Shriram Finance की साख को नई ऊंचाई देता है। बाजार मान रहा है कि जब विदेशी संस्थान भरोसा दिखाते हैं, तो उसके पीछे मजबूत आंकड़े और लंबी रणनीति होती है।
- कैपिटल स्ट्रेंथ – इतने बड़े निवेश से कंपनी की बैलेंस शीट और मजबूत होगी।
- ग्रोथ एक्सेलरेशन – ज्यादा पूंजी का मतलब है ज्यादा लोन वितरण, बेहतर मार्जिन और तेज ग्रोथ।

ब्रोकरेज क्यों हुए सुपर बुलिश?
डील के ऐलान के बाद कई ब्रोकरेज हाउस ने Shriram Finance पर अपनी राय बदली है। कुछ ने टारगेट प्राइस बढ़ाए, तो कुछ ने स्टॉक को हाई कन्विक्शन BUY बताया।
1. 31% तक तेजी की उम्मीद
एक प्रमुख ब्रोकरेज का मानना है कि MUFG डील के बाद Shriram Finance का रिस्क प्रोफाइल कम होगा और फंडिंग कॉस्ट घटेगी। इससे कंपनी का प्रॉफिटेबिलिटी आउटलुक बेहतर होगा। इसी आधार पर उन्होंने स्टॉक में 31% तक अपसाइड की बात कही है।
2. 17% का शॉर्ट-टू-मीडियम टर्म टारगेट
दो अन्य ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि भले ही शेयर दो दिन में 9% चढ़ चुका हो, लेकिन अभी भी इसमें 17% तक की तेजी की गुंजाइश बनी हुई है। उनका तर्क है कि बाजार ने अभी पूरी डील की वैल्यू को प्राइस-इन नहीं किया है।
3. 36% रिटर्न की संभावना
कुछ एक्सपर्ट इसे लॉन्ग टर्म गेमचेंजर मान रहे हैं। उनका कहना है कि अगर कंपनी आने वाले 2–3 साल में MUFG के साथ मिलकर ग्रोथ को सही तरीके से एक्सीक्यूट करती है, तो 36% या उससे ज्यादा का रिटर्न भी संभव है।
आम निवेशक के लिए इस डील के क्या मायने?
अब सवाल उठता है कि इस मेगा डील से एक आम निवेशक को क्या फायदा हो सकता है?
1. ज्यादा भरोसेमंद कंपनी
MUFG जैसी ग्लोबल फाइनेंशियल संस्था का साथ मिलने से Shriram Finance की क्रेडिबिलिटी और बढ़ेगी। इससे रेटिंग एजेंसियों और बड़े निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा।
2. ग्रोथ के नए रास्ते
Shriram Finance पहले से ही रिटेल और MSME लोन सेगमेंट में मजबूत पकड़ रखती है। नई पूंजी के साथ कंपनी नए प्रोडक्ट्स, डिजिटल लेंडिंग और ग्रामीण फाइनेंस में तेजी से विस्तार कर सकती है।
3. शेयरहोल्डर वैल्यू में इजाफा
लॉन्ग टर्म में मजबूत ग्रोथ, बेहतर मार्जिन और स्थिर एसेट क्वालिटी का सीधा फायदा शेयर प्राइस को मिलता है।
Shriram Finance का बिजनेस मॉडल: क्यों है खास?
Shriram Finance भारत की सबसे बड़ी NBFCs में से एक है, जिसकी मजबूत पकड़ खासतौर पर कमर्शियल व्हीकल फाइनेंस, MSME लोन और रिटेल क्रेडिट में है।
- कंपनी का फोकस उन ग्राहकों पर है, जिन्हें पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम से आसानी से लोन नहीं मिल पाता।
- यही वजह है कि इसका यील्ड प्रोफाइल बेहतर रहता है।
- हालांकि रिस्क भी ज्यादा होता है, लेकिन Shriram Finance ने सालों में मजबूत कलेक्शन मैकेनिज्म तैयार किया है।
MUFG के साथ डील से कंपनी का यह मॉडल और मजबूत हो सकता है।

क्या रिस्क पूरी तरह खत्म हो गया?
हर निवेश के साथ कुछ न कुछ जोखिम जुड़े होते हैं, और Shriram Finance भी इससे अछूती नहीं है।
- इकोनॉमिक स्लोडाउन – अगर अर्थव्यवस्था में सुस्ती आती है, तो NBFC सेक्टर पर दबाव बढ़ सकता है।
- एसेट क्वालिटी – ग्रामीण और MSME लोन में डिफॉल्ट का खतरा हमेशा बना रहता है।
- रेगुलेटरी बदलाव – RBI की नीतियों में बदलाव NBFCs पर असर डाल सकता है।
हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि MUFG जैसी संस्था की मौजूदगी इन जोखिमों को काफी हद तक बैलेंस कर सकती है।
शेयर में अचानक आई तेजी: क्या अब एंट्री सही है?
यह सबसे बड़ा सवाल है। जब कोई शेयर तेजी से भागता है, तो निवेशक दुविधा में पड़ जाते हैं—अब खरीदें या रुकें?
मार्केट एक्सपर्ट्स की राय बंटी हुई है, लेकिन एक बात पर सहमति है:
- लॉन्ग टर्म निवेशक के लिए अभी भी Shriram Finance आकर्षक लग सकता है।
- शॉर्ट टर्म ट्रेडर को थोड़ी वोलैटिलिटी के लिए तैयार रहना चाहिए।
अगर शेयर में किसी भी तरह का डिप या कंसोलिडेशन आता है, तो उसे कई ब्रोकरेज बाय ऑन डिप्स का मौका मान रहे हैं।
MUFG डील: भारतीय NBFC सेक्टर के लिए क्या संकेत?
यह डील सिर्फ Shriram Finance तक सीमित नहीं है। इससे पूरे NBFC सेक्टर के लिए एक पॉजिटिव मैसेज गया है कि:
- भारत का रिटेल और MSME क्रेडिट मार्केट ग्लोबल इनवेस्टर्स को आकर्षित कर रहा है।
- मजबूत गवर्नेंस और स्केल वाली कंपनियों में विदेशी पूंजी आने को तैयार है।
इसका फायदा आगे चलकर अन्य NBFCs को भी मिल सकता है।
निवेशकों के लिए रणनीति: क्या करें?
अगर आप Shriram Finance में निवेश की सोच रहे हैं, तो एक्सपर्ट्स कुछ आसान रणनीति सुझाते हैं:
- लॉन्ग टर्म अप्रोच रखें – यह डील तुरंत चमत्कार नहीं, बल्कि धीरे-धीरे वैल्यू क्रिएशन करेगी।
- एकमुश्त नहीं, चरणबद्ध निवेश – अगर शेयर में उतार-चढ़ाव आए, तो SIP या स्टैगर्ड बाइंग बेहतर हो सकती है।
- जोखिम समझें – NBFC सेक्टर की प्रकृति को ध्यान में रखकर ही निवेश करें।
निष्कर्ष: क्या सच में “रॉकेट” बन गया है Shriram Finance?
Shriram Finance–MUFG डील ने बाजार में जो उत्साह पैदा किया है, वह यूं ही नहीं है। ₹39,620 करोड़ का निवेश, ग्लोबल भरोसा, मजबूत बिजनेस मॉडल और ब्रोकरेज की बुलिश राय—ये सभी फैक्टर मिलकर इस स्टॉक को खास बनाते हैं।
दो दिन में 9% की तेजी के बावजूद, कई एक्सपर्ट मानते हैं कि कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। सही रणनीति और धैर्य के साथ, Shriram Finance आने वाले समय में निवेशकों की झोली भर सकता है।
हालांकि, हर निवेशक को यह याद रखना चाहिए कि शेयर बाजार में कोई भी रिटर्न गारंटी नहीं होता। लेकिन मौजूदा हालात में इतना जरूर कहा जा सकता है कि Shriram Finance फिलहाल बाजार के सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले स्टॉक्स में से एक बन चुका है—और इसकी वजह सिर्फ तेजी नहीं, बल्कि इसके पीछे की मजबूत कहानी है।
MUFG-Shriram Finance के बीच बड़ी डील
— Zee Business (@ZeeBusiness) December 19, 2025
MUFG खरीदेगी Shriram Finance में हिस्सा
डील से Shriram Finance को कितना फायदा?#ShriramFinance #MUFG #CorporateDeal #StockMarket @poojat_0211 pic.twitter.com/zBxyQmVeWo