Mukhyamantri Udyami Yojana 2026: अगर आप बिहार के युवा हैं और अपना खुद का कारोबार शुरू करने का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी बड़े मौके से कम नहीं है। बिहार सरकार ने एक बार फिर Mukhyamantri Udyami Yojana 2026 के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना के जरिए राज्य के युवाओं को ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिसमें से ₹5 लाख तक की राशि अनुदान (सब्सिडी) के रूप में माफ की जाएगी।
राज्य सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक युवा नौकरी खोजने के बजाय रोजगार देने वाले बनें। आइए विस्तार से जानते हैं कि यह योजना क्या है, कौन आवेदन कर सकता है, कितनी मदद मिलेगी, आवेदन की आखिरी तारीख क्या है और फॉर्म भरने का पूरा तरीका क्या है। taazanews24x7.com

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? आसान और स्पष्ट गाइड
1️⃣ आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
सबसे पहले उद्योग विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं। किसी थर्ड पार्टी या एजेंट के झांसे में न आएं। आवेदन केवल सरकारी वेबसाइट से ही मान्य होगा।
2️⃣ नया रजिस्ट्रेशन करें
“New Registration” पर क्लिक करें और अपनी बुनियादी जानकारी भरें—
- पूरा नाम (मैट्रिक प्रमाण पत्र के अनुसार)
- सक्रिय मोबाइल नंबर
- वैध ईमेल आईडी
OTP वेरिफिकेशन के बाद आपका रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाएगा। ध्यान रखें कि जो मोबाइल नंबर दें, वही आगे पूरी प्रक्रिया में उपयोग होगा।
3️⃣ लॉगिन कर डैशबोर्ड खोलें
रजिस्ट्रेशन के बाद यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें। लॉगिन करते ही आपका डैशबोर्ड खुल जाएगा, जहां आवेदन फॉर्म उपलब्ध रहेगा।
4️⃣ आवेदन फॉर्म ध्यान से भरें
यही सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यहां जल्दबाज़ी न करें।
- व्यक्तिगत जानकारी
- शैक्षणिक योग्यता
- बैंक खाता विवरण (सही IFSC कोड सहित)
- प्रस्तावित व्यवसाय का प्रकार
- अनुमानित लागत और पूंजी निवेश
- विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट
विशेष सलाह: प्रोजेक्ट रिपोर्ट कॉपी-पेस्ट न करें। अपनी स्थानीय परिस्थितियों, बाजार की मांग और लागत का यथार्थ आकलन शामिल करें। स्क्रीनिंग कमेटी इन्हीं बिंदुओं को गंभीरता से देखती है।
5️⃣ दस्तावेज़ अपलोड करें
सभी जरूरी प्रमाण पत्र साफ स्कैन कर PDF या निर्धारित फॉर्मेट में अपलोड करें। धुंधले या अधूरे दस्तावेज़ आवेदन खारिज होने का कारण बन सकते हैं।
6️⃣ फाइनल सबमिशन और रसीद डाउनलोड
सबमिट करने से पहले पूरा फॉर्म एक बार फिर पढ़ें। त्रुटि मिलने पर सुधार करें। सबमिशन के बाद आवेदन की रसीद डाउनलोड कर सुरक्षित रखें।
किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी?
- आधार कार्ड
- बिहार का निवास प्रमाण पत्र
- शैक्षणिक प्रमाण पत्र (कम से कम 10वीं)
- आय प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- बैंक पासबुक की प्रति
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट
चयन प्रक्रिया को समझना जरूरी है
कई आवेदक यह मान लेते हैं कि फॉर्म भरते ही पैसा मिल जाएगा, जबकि ऐसा नहीं है। प्रक्रिया चरणबद्ध होती है:
- दस्तावेज़ सत्यापन
- स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा परियोजना मूल्यांकन
- आवश्यकता पड़ने पर साक्षात्कार
- अंतिम चयन सूची जारी

चयनित उम्मीदवारों को प्रशिक्षण में भाग लेना अनिवार्य होगा। बिना प्रशिक्षण पूरा किए राशि जारी नहीं की जाती।
प्रशिक्षण क्यों सच में गेम-चेंजर है?
अक्सर लोग समझते हैं कि सरकार लोन दे दे तो काम आसान हो जाएगा। हकीकत इससे थोड़ी अलग है। पैसा शुरुआती ईंधन जरूर है, लेकिन बिजनेस को दौड़ाने के लिए समझ, अनुशासन और बाजार की पकड़ जरूरी होती है। Mukhyamantri Udyami Yojana की सबसे बड़ी ताकत यही है कि यह सिर्फ फंडिंग नहीं, बल्कि फाउंडेशन देती है।
प्रशिक्षण के दौरान जिन बातों पर जोर दिया जाता है, वही किसी भी नए उद्यमी की असली परीक्षा होती हैं:
- व्यवसाय की ठोस योजना बनाना:
आइडिया अच्छा होना काफी नहीं है। मांग कितनी है? प्रतिस्पर्धी कौन हैं? शुरुआती निवेश और मासिक खर्च कितना होगा? ब्रेक-ईवन कब आएगा? प्रशिक्षण में इन सवालों के व्यावहारिक जवाब ढूंढना सिखाया जाता है। - लागत और लाभ का संतुलन:
कई छोटे व्यवसाय इसलिए बंद हो जाते हैं क्योंकि मालिक को अपनी असली लागत का अंदाज़ा ही नहीं होता। कच्चा माल, किराया, बिजली, स्टाफ, परिवहन—सब जोड़ने के बाद असली मुनाफा कितना बच रहा है, यह समझना जरूरी है। - मार्केटिंग और ग्राहक प्रबंधन:
आज का बाजार सिर्फ दुकान खोलने से नहीं चलता। ग्राहक तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया, लोकल नेटवर्किंग, ऑफर और सर्विस क्वालिटी—सब पर ध्यान देना पड़ता है। प्रशिक्षण इन बुनियादी लेकिन अहम पहलुओं को स्पष्ट करता है। - डिजिटल पेमेंट और GST की समझ:
अब कारोबार कैश तक सीमित नहीं है। UPI, QR कोड, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और टैक्स नियमों की जानकारी जरूरी है। गलत टैक्स फाइलिंग या रजिस्ट्रेशन में चूक भविष्य में परेशानी खड़ी कर सकती है।
सीधी बात यह है कि यह प्रशिक्षण आपको “दुकानदार” से आगे बढ़ाकर “उद्यमी” बनाता है। यही फर्क लंबे समय तक टिके रहने वाले कारोबार और कुछ महीनों में बंद हो जाने वाले व्यापार के बीच होता है।
महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान: सिर्फ कोटा नहीं, अवसर
राज्य सरकार का फोकस साफ है—महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हों। इस योजना में महिला आवेदकों के लिए अलग कोटा रखा गया है, ताकि वे प्रतिस्पर्धा में पीछे न रह जाएं।
खासकर फूड प्रोसेसिंग, सिलाई-कढ़ाई, डेयरी, ब्यूटी और अन्य सेवा क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। गांवों और कस्बों में छोटे-छोटे यूनिट शुरू कर महिलाएं न सिर्फ खुद आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार दे रही हैं।

यह पहल सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में भी एक कदम है। जब घर की महिलाएं कमाने लगती हैं, तो परिवार की शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर पर सीधा सकारात्मक असर पड़ता है।
आखिर क्यों खास मानी जा रही है यह योजना?
कुछ वजहें इसे सामान्य लोन स्कीम से अलग बनाती हैं:
- ₹10 लाख तक की परियोजना सहायता
- 50% तक अनुदान (₹5 लाख तक माफ)
- शेष राशि ब्याज मुक्त ऋण
- पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और अपेक्षाकृत पारदर्शी
- प्रशिक्षण और लगातार मार्गदर्शन
सबसे अहम बात—यह योजना युवाओं को “रोजगार मांगने” से “रोजगार देने” की ओर ले जाने की कोशिश करती है।
अंतिम सलाह: आवेदन से पहले तैयारी
अगर आपके पास जमीन से जुड़ा, व्यावहारिक और स्थानीय जरूरतों पर आधारित बिजनेस आइडिया है, तो यह मौका आपके लिए है। लेकिन सिर्फ इसलिए आवेदन न करें कि 5 लाख की सब्सिडी मिल रही है।
- बाजार का सर्वे खुद करें।
- लागत और संभावित कमाई का यथार्थ आकलन करें।
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट को गंभीरता से तैयार करें।
- प्रशिक्षण को औपचारिकता न समझें—उसे सीखने का अवसर मानें।
याद रखिए, सरकारी सहायता शुरुआत भर है। असली सफलता आपकी योजना, मेहनत और निरंतरता पर निर्भर करेगी।
समय पर आवेदन करें, दस्तावेज पूरे रखें और अपने सपनों के कारोबार की मजबूत नींव आज ही रखें—क्योंकि अवसर बार-बार दरवाजा नहीं खटखटाते।