ECI के नए नियम 2025: चुनाव आयोग के बड़े बदलावों से बदलेगी वोटिंग प्रक्रिया, पारदर्शिता और निष्पक्षता को मिलेगा नया आयाम

नई दिल्ली, 4 नवंबर 2025:
ECI के नए नियम 2025: भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India – ECI) ने लोकतंत्र की नींव को और मजबूत करने के लिए 2025 में कई बड़े सुधारों और नए नियमों की घोषणा की है। इन बदलावों का सीधा असर देश के हर मतदाता, उम्मीदवार और राजनीतिक दल पर पड़ेगा। आयोग का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य “पारदर्शी, निष्पक्ष और तकनीकी रूप से उन्नत चुनाव प्रणाली” को साकार करना है। taazanews24x7.com

देश में अगले लोकसभा चुनाव से पहले लागू होने वाले इन नियमों के तहत वोटर लिस्ट अपडेट, आचार संहिता, चुनावी फंडिंग, सोशल मीडिया प्रचार, ई-वोटिंग और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा जैसे कई अहम मुद्दों पर सुधार किए गए हैं।

वोटर लिस्ट अपडेट की नई डिजिटल प्रणाली

अब निर्वाचन आयोग ने वोटर लिस्ट को डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक ऑटोमेटेड अपडेट सिस्टम शुरू किया है। इसके तहत मतदाता सूची हर तीन महीने में अपडेट होगी, ताकि किसी भी फर्जी या दोहरी प्रविष्टि को तुरंत हटाया जा सके।

  • आधार लिंक अनिवार्य: अब हर वोटर आईडी को आधार नंबर से लिंक करना आवश्यक होगा। इससे एक व्यक्ति के एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में नाम दर्ज होने की संभावना खत्म होगी।
  • 18 वर्ष पूरा होते ही स्वतः पंजीकरण: युवा मतदाताओं के लिए आयोग ने एक नई सुविधा शुरू की है — अब जैसे ही कोई नागरिक 18 वर्ष का होगा, उसे अपने स्थानीय निर्वाचन क्षेत्र में स्वतः मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
  • ऑनलाइन एड्रेस अपडेट: अब वोटर अपने पते में बदलाव, नाम सुधार या हटाने की प्रक्रिया ऑनलाइन कर सकेंगे। इसके लिए “Voter Service Portal” और “ECI App” पर विशेष विकल्प जोड़े गए हैं।

इन बदलावों से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मतदाताओं के लिए वोटिंग प्रक्रिया अधिक सुगम और सटीक हो जाएगी।

आचार संहिता (Model Code of Conduct) में नए संशोधन

चुनाव के दौरान आचार संहिता का पालन करवाना आयोग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। इस बार ECI ने डिजिटल प्रचार और सोशल मीडिया को ध्यान में रखते हुए MCC में कई नए प्रावधान जोड़े हैं।

  • अब कोई भी उम्मीदवार या राजनीतिक दल सोशल मीडिया पर विज्ञापन या प्रचार सामग्री प्रकाशित करने से पहले आयोग से अनुमति लेगा।
  • धर्म, जाति, भाषा या क्षेत्रीय भावना के आधार पर वोट मांगना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
  • MCC उल्लंघन के मामलों में अब 48 घंटे के भीतर जवाब और कार्रवाई की प्रक्रिया तय की गई है।
  • चुनाव प्रचार के दौरान नकद वितरण, उपहार या मुफ्त वस्तुएं बांटने जैसी गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।

आयोग ने बताया कि MCC का उल्लंघन करने वाले किसी भी दल या उम्मीदवार को चुनाव प्रचार से अस्थायी रूप से प्रतिबंधित भी किया जा सकता है।

ई-वोटिंग (E-Voting) और तकनीकी सुधार

डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ECI अब ई-वोटिंग सिस्टम को लेकर गंभीर तैयारी कर रहा है।

  • NRI वोटर्स के लिए रिमोट वोटिंग: विदेश में रह रहे भारतीय नागरिक अब अपने देश में चुनावों में रिमोट वोटिंग सुविधा के ज़रिए भाग ले सकेंगे।
  • ब्लॉकचेन सुरक्षा तकनीक: ई-वोटिंग में डाटा सिक्योरिटी के लिए ब्लॉकचेन तकनीक का प्रयोग होगा, जिससे वोट में छेड़छाड़ असंभव हो जाएगी।
  • मोबाइल ऐप सुविधा:ECI VoterConnect App” लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से मतदाता अपने बूथ की जानकारी, वोटिंग डेट, रजिस्ट्रेशन स्टेटस और BLO से संपर्क कर सकेंगे।

इस कदम से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और टेक-सेवी युवाओं की भागीदारी भी बढ़ेगी।

चुनावी फंडिंग में पारदर्शिता के नए नियम

राजनीतिक दलों की फंडिंग पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। अब ECI ने इस दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है।

  • हर राजनीतिक दल को अब अपने डोनेशन और खर्च का रियल-टाइम डाटा आयोग की वेबसाइट पर साझा करना होगा।
  • अनाम चंदे की सीमा ₹10,000 से घटाकर ₹2,000 कर दी गई है, ताकि किसी भी तरह की “ब्लैक मनी” का प्रयोग न हो।
  • विदेशी स्रोतों से मिलने वाले फंड की जांच के लिए विशेष Election Audit Committee बनाई गई है।
  • हर पार्टी को अपने फंडिंग स्रोतों की वार्षिक रिपोर्ट सार्वजनिक करनी होगी।

इन प्रावधानों से चुनावों में पारदर्शिता बढ़ेगी और ईमानदार राजनीति को बढ़ावा मिलेगा।

सोशल मीडिया और फेक न्यूज़ नियंत्रण

पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया चुनाव प्रचार का अहम साधन बन गया है, लेकिन इसके दुरुपयोग से फेक न्यूज़ और हेट स्पीच बढ़ी है। इस बार ECI ने इसके लिए खास गाइडलाइन जारी की है।

  • Election Media Code 2025: फेसबुक, एक्स (Twitter), यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स को चुनाव आयोग की नीतियों का पालन करना होगा।
  • सभी ऑनलाइन प्रचारक सामग्रियों की 24 घंटे की मॉनिटरिंग विंडो रखी गई है।
  • आयोग ने Election Cyber Monitoring Unit बनाई है, जो हर जिले में डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखेगी।
  • किसी भी भ्रामक खबर या डीपफेक वीडियो के मामले में प्लेटफॉर्म्स को 3 घंटे के भीतर कार्रवाई करनी होगी।

इन नियमों से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जवाबदेही बढ़ेगी और मतदाताओं को सटीक जानकारी मिलेगी।

6. वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए नई सुविधाएँ

निर्वाचन आयोग ने समाज के हर वर्ग तक मतदान अधिकार पहुंचाने के लिए कई संवेदनशील कदम उठाए हैं।

  • 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं के लिए अब “होम वोटिंग सिस्टम” लागू किया गया है। BLO अधिकारियों की टीम उनके घर जाकर मतदान करवाएगी।
  • दिव्यांग मतदाताओं के लिए ब्रेल स्लिप, रैम्प, व्हीलचेयर और सहायक स्टाफ की सुविधा अनिवार्य की गई है।
  • ग्रामीण इलाकों में मतदान केंद्रों पर “Accessible Booth” की संख्या दोगुनी की जा रही है।

इन प्रावधानों से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि देश का कोई भी नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।

7. चुनाव कार्यक्रम और पारदर्शिता प्रणाली

ECI ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए शेड्यूल और परिणाम घोषणा के तरीकों में भी बदलाव किए हैं।

  • अब प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में Live Counting Transparency Portal उपलब्ध कराया जाएगा।
  • चुनाव तिथियों की घोषणा के लिए एकीकृत समयसीमा प्रणाली (Unified Timeline System) लागू होगी, जिससे भ्रम कम होगा।
  • चुनाव आयोग की वेबसाइट पर मतदान प्रतिशत, बूथ लेवल डेटा और उम्मीदवारों की स्थिति रियल-टाइम अपडेट होगी।

इस कदम से मीडिया, मतदाता और राजनीतिक दल – तीनों को पारदर्शी जानकारी उपलब्ध होगी।

राजनीतिक दलों की जवाबदेही और घोषणापत्र पर निगरानी

ECI ने राजनीतिक दलों से यह भी कहा है कि वे अपने घोषणापत्र में किए गए वादों की वित्तीय व्यवहार्यता का ब्यौरा पेश करें।

  • अब प्रत्येक वादे के साथ उसकी फंडिंग का स्रोत और आर्थिक प्रभाव बताना अनिवार्य होगा।
  • आयोग ने “Freebie Control Framework” पर भी चर्चा शुरू कर दी है, जिससे अव्यवहारिक वादों पर अंकुश लगाया जा सके।
  • राजनीतिक दलों को अपने उम्मीदवारों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।

इससे मतदाताओं को बेहतर विकल्प चुनने में मदद मिलेगी और राजनीति में पारदर्शिता का स्तर बढ़ेगा।

9. पारदर्शिता और जिम्मेदारी की दिशा में डिजिटल नवाचार

चुनाव आयोग ने 2025 को “डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन ईयर” घोषित किया है।

  • देशभर के बूथ स्तर अधिकारियों (BLO) को टैबलेट और सॉफ्टवेयर टूल्स से लैस किया गया है।
  • हर जिले में “Election Data Center” बनेगा, जहां मतदाता सूची, वोटिंग प्रतिशत, और परिणामों का पूरा रिकॉर्ड रहेगा।
  • नागरिकों को चुनावी जानकारी देने के लिए “ECI Chatbot” लॉन्च किया गया है, जो 24×7 हिंदी और अंग्रेजी में सहायता करेगा।

10. लोकतंत्र की मजबूती की ओर एक निर्णायक कदम

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, और निर्वाचन आयोग उसकी रीढ़ है। इन नए नियमों के लागु होने और सुधारों से चुनाव प्रणाली न केवल तकनीकी रूप से बेहतर होगी, बल्कि इससे मतदाताओं में विश्वास बढ़ेगा

साइबर सुरक्षा, पारदर्शिता, जवाबदेही और सुविधा — ये चार सुधार आने वाले वर्षों में भारतीय चुनावों की नई पहचान बनेंगे।

निष्कर्ष:

भारत निर्वाचन आयोग के नए नियम 2025 देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में उठाया गया एक अच्छा कदम है।

इन सुधारों की वजह से  मतदाताओं को सशक्त बनाने, उम्मीदवारों को जवाबदेह करने और चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने में मदद मिलेगी। अब देश एक ऐसे युग में प्रवेश कर रहा है जहां वोट सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि तकनीकी सशक्तिकरण का प्रतीक भी होगा।

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