25thSCO Summit: चीन ने #Prime Minister Narendra Modi का SCO Summit सम्मेलन में भाग लेने के लिए गर्मजोशी से स्वागत किया है। अपने सात साल के कार्यकाल के बाद यह उनकी पहली चीन यात्रा है। उनका मानना है कि इसमें #India-China संबंधों को नई गति देने की अपार संभावनाएँ हैं। उन्हें विश्वास है कि यह बैठक सकारात्मक परिणामों का मार्ग प्रशस्त करेगी और हमारे संबंधों को और मज़बूत करेगी। taazanews24x7.com
#SCO शिखर सम्मेलन की कार्यवाही के बाद, प्रधानमंत्री #Narendra Modi जी और रूस के राष्ट्रपति #Vladimir Putin द्विपक्षीय बैठक स्थल पर एक साथ गए। हमेशा की तरह, बातचीत ज्ञानवर्धक और विचारोत्तेजक रही। #SCO Summit के दौरान प्रधानमंत्री #Narendra Modi जी और राष्ट्रपति #Putin ने एक-दूसरे को गले लगाया और यह एक हृदयस्पर्शी क्षण था।
#Narendra Modi जी ने चीन के #SCOsummit में पुतिन और शी को एक साथ लाकर एकता दिखाई।
#Prime minister Modi ने #Russia’s President #Putin से की द्विपक्षीय वार्ता दिया भारत आने के न्योता कहा मुश्किल वक़्त में कंधे से कन्धा मिलाकर खड़ा रहे
#Russia न सिर्फ हमारा घनिष्ठ मित्र है बल्कि वैश्विक समृद्धि, शांति और स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है। रश हमेशा कठिन परिस्थितियों में भारत के साथ कंधे से कन्धा मिला कर खड़ा रहा है।
#Modi ji ने कहा, हम हाल के सभी प्रयासो का स्वागत करते है जो शान्ति के लिए जरुरी है
Modi जी ने रुसी राष्ट्रपति #Vladimir Putin के साथ द्विपक्षीय बैठक में कहा #Ucraine में चल रहे लगातार संघर्ष पर चर्चा कर रहे है। हम हाल के सभी प्रयासो का स्वागत करते है जो शान्ति के लिए जरुरी है और उम्मीद करते है की सभी पक्ष रचनात्मक रूप से आगे बढ़ कर जल्द से जल्द संघर्ष समाप्त करने और स्थायी शान्ति स्थापित करने के रास्तो को खोजेंगे । यही पूरी मानवता का आह्वान है ।
#SCO Summit में अपने घोषणापत्र में #Pahalgam हमले की निंदा करते हुए #Modi ji ने कहा आतंकवाद की लड़ाई में दोहरा माप दंड अस्वीकार्य
22 अप्रैल 2025 को सदस्य राष्ट्र अपने घोषणापत्र में Pahalgam हमले की निंदा करते हुए Modiji ने कहा घायलों और मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। हमलों के प्रायोजकों, आयोजकों और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। अलगाववाद, आतंकवाद और उग्रवाद के विरुद्ध लड़ाई के प्रति सदस्य राष्ट्र अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए उग्रवादी आतंकवादी और अलगाववादी समूहों का भाड़े के उद्देश्यों के लिए उपयोग के प्रयासों की अस्वीकार्यता पर बल देते हैं। संप्रभु राष्ट्रों और उनके सक्षम प्राधिकारियों की अग्रणी भूमिका जो उग्रवादी और आतंकवादी खतरों में मान्यता देते हैं।आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की सदस्य राष्ट्रनिंदा करते हैं, वे इस बात पर बल देते हैं कि आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में दोहरे मापदंड अस्वीकार्य हैं और सीमा पारआतंकवादियों की आतंकी गतिविधियों पर अंतरास्ट्रीय समुदाय से मुकाबला करने का आह्वान करते हैं।
भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modiऔर चीनी प्रधानमंत्री Xi Jinping ने कहा कि वे ‘साझेदार हैं, प्रतिद्वंद्वी नही’
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी प्रधानमंत्री शी जिनपिंग ने संबंधों को और मज़बूत करने और दोनों देशों के बीच हो रही घातक सीमा झड़पों से आगे बढ़ने का संकल्प लिया और कहा कि वे ‘साझेदार हैं, प्रतिद्वंद्वी नही’ ।
SCO Summit में चीनी प्रधानमंत्री शी जिनपिंग ने अमेरिकी नीतियों का संदर्भ में सभी नेताओं से “शीत युद्ध की मानसिकता” त्यागने का आग्रह किया । इधर, इस मंच का इस्तेमाल यूक्रेन में अपने युद्ध का बचाव करने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने की ।
#SCOsummit समापन वक्तव्य में यूक्रेन युद्ध पर ध्यान न देने के लिए कीव आलोचना की
#SCOSummit समापन वक्तव्य में यूक्रेन युद्ध पर ध्यान न देने के लिए कीव ने कड़ी आलोचना की है क्योंकि इसमें यूक्रेन और रूस के युद्ध का ज़िक्र नहीं किया गया था। साथ ही कहा गया है “यूरोप में हुए सबसे बड़े आक्रामक युद्ध का ज़िक्र इतने महत्वपूर्ण और मौलिक दस्तावेज़ में नहीं है जो की द्वितीय विश्व युद्ध हुआ हो आश्चर्यजनक है”। कीव ने कहा सतत वैश्विक विकास, अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा,संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का पालन कर के समान विकास तथा विभिन्न क्षेत्रों के बीच व्यापार संबंधों को स्थिर, ये सभी #SCOSummit घोषणापत्र में शामिल हैं और इन्हें रूस के आक्रमण के न्यायोचित अंत” के बिना ठीक से संबोधित नहीं किया जा सकता। इस चूक को”यूक्रेन के विरुद्ध रूस के आक्रमण के आकलन में दुनिया को विभाजित दिखाने” का असफल प्रयास बताया, यह दिखाकर यूक्रेन के प्रति सहानुभूति पश्चिम से आगे नहीं बढ़ती। कीव ने कहा, “चीन की महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक भूमिका को देखते हुए, बीजिंग की अधिक सक्रिय भूमिका का स्वागत करते हैं।”
#SCOsummit सम्मेलन में Donald Trump के Tariff, #Iran पर #Israel और पहलगाम हमलों की निंदा की गई
SCOsummit सम्मेलन के समापन पर जारी एक संयुक्त बयान में के समापन पर जारी एक संयुक्त बयान में #Donald Trump की #Tariff policy और संगठन के सदस्य देशों पर हाल ही में हुए सभी हमलों की निंदा की गई।#SCOsummit members ने बयान में “आर्थिक” उपायों सहित एकतरफा दमनकारी उपायों को अस्वीकार करने पर ज़ोर दिया, जो#Donald Trump की #Tariff policy का स्पष्ट संदर्भ था, जिनका भारत और चीन पर सबसे ज़्यादा असर देखने को मिला। बयान में #SCOsummit members #Iran में Nuclear centers पर#Israel और #America के हमलों की भी निंदा की गई। समाचार एजेंसी द्वारा प्रकाशित एक बयान के अनुसार, सदस्य देशों ने ” गाज़ा में नागरिक हताहतों और मानवीय आपदाओं का कारण बनने वाले कृत्यों” की भी कड़ी निंदा की, और कहा कि उन्होंने “व्यापक, स्थायी युद्धविराम और मानवीय सहायता” का आह्वान किया। एक अन्य समाचार अप्रैल महीने में भारत प्रशासित कश्मीर के पहलगाम में हुए #Terror हमले की भी निंदा की गई जिसमें दर्जनों लोग मारे गए थे जिनमें ज़्यादातर भारतीय पर्यटक थे। इस हमले ने #Nuclear शक्तियों और #SCO सदस्य देशों भारत और पाकिस्तान के बीच एक संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण सैन्य टकराव को जन्म दिया। News report कहा गया कि #SCO के बयान में संघर्ष को संबोधित करने वाले एक अंश नेभारत की नाराजकर दिया ।
SCO में भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत: भारत के Prime minister Narendra Modi और #Russia के Prime minister #Vladiminir Putin ने “सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने” पर चर्चा की। दोनों नेताओं की #SCOsummit की बैठक में मुलाकात हुई। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब अमेरिका के बढ़ते दबाव का सामना कर रहा भारत रूसी तेल पर अपनी निरंतर और बढ़ती निर्भरता का सामना कर रहा है।#America’s President #Donald Trump ने भारत पर #Russia’s कच्चा तेल खरीदना बंद करने का दबाव बढ़ा दिया, जिससे#Moscow को #Ucraine में अपने युद्ध प्रयासों के लिए धन जुटाने में मदद मिलती है। ऐसा #Ucraine में शांति समझौता कराने के अपने प्रयासों के तहत किया गया। लेकिन #New Delhi ने #Moscow से दूरी बनाने के बजाय कोशिशें दोगुनी कर दी। सोमवार को Tianjin में अपनी बातचीत के बाद, मोदी ने कहा कि पुतिन के साथ उनकी “शानदार बैठक” हुई, जिसमें उन्होंने”व्यापार, उर्वरक, अंतरिक्ष, सुरक्षा और संस्कृति सहित सभी क्षेत्रों में” सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचार किया।
पुतिन ने मोदी को अपना “प्रिय मित्र” बताया और शीत युद्ध के बाद से दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों पर प्रकाश डाला। रूसी नेता ने कहा, “#Russia और #India ने दशकों से विशेष संबंध बनाए रखे हैं। मैत्रीपूर्ण और भरोसेमंद। यही भविष्य में हमारे संबंधों के विकास की नींव है।”
‘#Security, #connectivity, opportunity are our #pillars’: #PMModi address at #SCOSummit in #China https://t.co/Vte23IoNEN pic.twitter.com/ynfqAbl1PL
— Economic Times (@EconomicTimes) September 1, 2025