देश में बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों को एक और बड़ा झटका लगा है। घरेलू रसोई गैस यानी LPG सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। तेल कंपनियों ने घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 60 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है, जिसके बाद कई शहरों में 14.2 किलो वाला घरेलू सिलेंडर करीब 913 रुपये तक पहुंच गया है। taazanews24x7.com
इतना ही नहीं, कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भी भारी इजाफा हुआ है। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में लगभग 115 रुपये तक की वृद्धि दर्ज की गई है। माना जा रहा है कि मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण यह फैसला लिया गया है।
ऊर्जा बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वैश्विक स्तर पर तनाव और बढ़ता है तो आने वाले महीनों में पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

मिडिल ईस्ट संकट का भारत पर असर
हाल के दिनों में मिडिल ईस्ट में तनाव तेजी से बढ़ा है। खासकर Iran और Israel के बीच बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर दिया है। इस क्षेत्र को दुनिया के सबसे बड़े तेल और गैस आपूर्ति क्षेत्रों में गिना जाता है।
जब भी इस इलाके में युद्ध या राजनीतिक संकट होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं। चूंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए इसका सीधा असर देश के अंदर ईंधन की कीमतों पर पड़ता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ता सैन्य तनाव और जहाजों की आवाजाही पर खतरे के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित होने का डर है, जिससे कीमतों में उछाल आया है।
घरेलू गैस सिलेंडर के नए दाम
तेल कंपनियों द्वारा जारी नई दरों के अनुसार 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद कई बड़े शहरों में कीमतें 900 रुपये के पार पहुंच गई हैं।
अनुमानित तौर पर प्रमुख शहरों में नए दाम इस प्रकार हो सकते हैं:
- दिल्ली – लगभग ₹913
- मुंबई – करीब ₹905
- कोलकाता – लगभग ₹940
- चेन्नई – करीब ₹930
हालांकि अलग-अलग राज्यों में टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन के कारण कीमतों में थोड़ा फर्क हो सकता है।

कमर्शियल सिलेंडर भी हुआ महंगा
घरेलू गैस के साथ-साथ कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी की गई है। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में लगभग 115 रुपये का इजाफा हुआ है।
कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और छोटे व्यवसायों में किया जाता है। ऐसे में कीमत बढ़ने से होटल और फूड इंडस्ट्री पर भी असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।
क्यों बढ़ रही है गैस की कीमत?
LPG की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कई बड़े कारण माने जा रहे हैं।
1. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर एलपीजी पर पड़ता है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है तो भारत में गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें बढ़ जाती हैं।
2. मिडिल ईस्ट में युद्ध का खतरा
Iran और Israel के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर दिया है। इस क्षेत्र से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आपूर्ति होती है।
3. सप्लाई चेन पर दबाव
युद्ध या तनाव के कारण समुद्री रास्तों पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। इससे सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ता है और कीमतें ऊपर चली जाती हैं।
आम जनता पर पड़ेगा सीधा असर
गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर पड़ता है। क्योंकि रसोई गैस अब लगभग हर घर की जरूरत बन चुकी है।
विशेष रूप से शहरी और कस्बाई इलाकों में लोग पूरी तरह LPG पर निर्भर हैं। ऐसे में कीमत बढ़ने से मासिक बजट पर सीधा असर पड़ता है।
एक मध्यम वर्गीय परिवार के लिए साल में अगर 12 सिलेंडर इस्तेमाल होते हैं, तो 60 रुपये की बढ़ोतरी से सालाना खर्च करीब 720 रुपये तक बढ़ सकता है।

उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर असर
देश में करोड़ों गरीब परिवार Pradhan Mantri Ujjwala Yojana के तहत LPG सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस योजना के तहत गरीब महिलाओं को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया था।
हालांकि सरकार कई बार सब्सिडी देकर कीमतों को संतुलित करने की कोशिश करती है, लेकिन बाजार में बढ़ती कीमतों का असर इन परिवारों पर भी पड़ता है।
अगर कीमतें लगातार बढ़ती हैं तो सरकार पर सब्सिडी बढ़ाने का दबाव भी बढ़ सकता है।
क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम?
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में हालात और बिगड़ते हैं तो तेल की कीमतों में और उछाल आ सकता है। इसका असर भारत में पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।
दूसरी ओर अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम होता है और सप्लाई सामान्य रहती है तो कीमतों में स्थिरता भी आ सकती है।
सरकार की क्या हो सकती है रणनीति
गैस की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार कई विकल्पों पर विचार कर सकती है:
- गरीब परिवारों के लिए सब्सिडी बढ़ाना
- तेल कंपनियों को कुछ राहत देना
- आयात लागत को संतुलित करने के उपाय करना
सरकार पहले भी कई बार त्योहारों या चुनावी समय में गैस की कीमतों में राहत दे चुकी है।
विशेषज्ञों की राय
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को लंबे समय में ऊर्जा सुरक्षा के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर अधिक ध्यान देना होगा। LPG के साथ-साथ बायोगैस, सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक कुकिंग जैसे विकल्पों को बढ़ावा देना जरूरी है।
अगर देश ऊर्जा के आयात पर निर्भरता कम करता है तो वैश्विक संकटों का असर घरेलू कीमतों पर कम पड़ेगा।
निष्कर्ष
घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी ने एक बार फिर महंगाई की चिंता बढ़ा दी है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इसका प्रमुख कारण मानी जा रही है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये की बढ़ोतरी से होटल और फूड इंडस्ट्री पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले समय में महंगाई का दबाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि अंतरराष्ट्रीय हालात कैसे बदलते हैं और सरकार आम लोगों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाती है।
🔴#BREAKING | Domestic LPG Price Hiked By Rs 60, Commercial Cylinder Up Rs 115 From Todayhttps://t.co/ObQGPZvpXm pic.twitter.com/5KCF0nvJi6
— NDTV (@ndtv) March 7, 2026