H3N2 फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी: बदलते मौसम और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों के कारण दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में H3N2 फ्लू के मामलो में बढ़ोतरी। बच्चे, बुजुर्गो और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसके प्रमुख लक्षणों जैसे तेज़ बुखार, खांसी, गले में खराश और निर्जलीकरण शामिल हैं। इसकी रोकथाम के लिए स्वच्छता बनाए रखे एवं मास्क पहने और जल्द से जल्द चिकित्सक की सहायता ले।
H3N2 वायरस क्या है?
H3N2 वायरस इन्फ्लूएंजा A वायरस का एक प्रकार है और ये फ्लू मौसमो में होने वाले बदलाव कारण होता है। यह मुख्य रूप से श्वसन तंत्र, जिसमें नाक, गला और फेफड़े को प्रभावित करता है और और यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अत्यधिक तेजी से एवं आसानी से फैलने वाला बीमारी है।
यह H3N2 Virus नया नहीं है, यह पहली बार 1968 में हांगकांग फ्लू महामारी के दौरान सामने आया था, जिसने लाखों लोगों की जान ले ली थी। न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार, यह बीमारी दिल्ली-एनसीआर के 69% घरों में फैला हुआ है और वहां रह रहे लोगो में इसके लक्षण देखे जा रहे हैं, जो स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। taazanews24x7.com
दिल्ली-एनसीआर में H3N2 वायरस के फैलने का क्या कारण है?
दिल्ली-एनसीआर में H3N2 वायरस के मामलो में बढ़ोतरी के मुख्या कारण:
• मौसम में बदलाव: मौसम में बदलाव के कारण इस क्षेत्र में दिन गर्म और रातें ठंडी होती हैं, जिससे रोग प्रतिरक्षा प्रणाली कमज़ोर हो जाती है।
• उच्च जनसंख्या घनत्व: उच्च जनसंख्या भी इसका मुख्या वजह है, जैसे बस, मेट्रो, कार्यालय, स्कूल और बाज़ार जैसे भीड़-भाड़ वाले स्थानों में संक्रमण की बढ़ने का खतरा ज्यादा होता है।
• स्वच्छता संबंधी खराब आदतें: स्वच्छता का ध्यान नहीं रखना, जैसे अच्छे से हाथ धुलाई नहीं करना और भीड़ भाड़ वाले इलाके में मास्क का काम उपयोग इस वायरस के प्रसार में योगदान करती हैं।
आम फ्लू के विपरीत, जिसमें लोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते हैं, इस बीमारी में मरीज़ों में सामान्य रिकवरी अवधि से कहीं ज़्यादा समय तक गंभीर लक्षण देखने को मिलते हैं।
Delhi-Ncr समेत देश के अन्य राज्यों में चिंता का मुख्या कारण इसका तेज़ी से प्रसार होना है, जो पूरे क्षेत्र में लोगो को प्रभावित कर रहा है और सबसे ज्यादा असर —बच्चों, बुज़ुर्गों और पहले से किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों में देखने को मिल रहा है, जो इस बीमारी को जटिलताओं के गंभीर ख़तरे में डालता है। अस्पतालों में पहले से ही बढ़ रहे मरीजों की संख्या की सूचना के साथ, डॉक्टर लोगों से आग्रह कर रहे हैं कि वे लक्षणों को जल्दी पहचानें, समय पर सावधानी बरतें और इसे सामान्य सर्दी या हल्के मौसमी फ्लू के रूप में इसे नज़रअंदाज़ न करें, जैसे ही लक्षण दिखयी दे सावधानी बरते और चिकित्सक परमर्श ले। जैसे-जैसे यह प्रकोप राजधानी को जकड़ रहा है, वैसे वैसे जागरूकता और निवारक देखभाल अभियान तेजी से चलाने की आवस्यकता है।
H3N2 Virus Flu के सामान्य लक्षण:
लगातार खांसी – इसमें सूखी या गीली खांसी जो सामान्य फ्लू से ज़्यादा दिनों तक रहती है।
तेज़ बुखार – इसमें तेज़ बुखार अक्सर 101°F से ऊपर, कई दिनों तक रहता है।
शरीर में तेज़ दर्द – मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द का होना जिससे हिलना-डुलना मुश्किल हो जाता है।
गले में खराश और जलन – लगातार गले में खराश और जलन, जिससे निगलने में कठिनाई और गले में तकलीफ।
सर्दी जुकाम या बहती हुई नाक – सर्दी जुकाम या बहती हुई नाक बंद होना जो आसानी से ठीक नहीं होता।
सिरदर्द – लगातार और कभी-कभी तेज़ सिरदर्द का होना।
थकान और कमज़ोरी – शरीर में थकावट और कमज़ोरी का महसूस होना।
साँस लेने में तकलीफ़ या सीने में घरघराहट – खासकर बच्चों, बुज़ुर्गों और फेफड़ों की बीमारी वाले लोगों में साँस लेने में तकलीफ़ या सीने में घरघराहट का होना जो चिंताजनक है।
ठंड लगना और पसीना आना – शरीर में अचानक से कंपकंपी और पसीना आना।
भूख न लगना और जी मिचलाना – कुछ मरीज़ों को फ्लू के साथ पेट खराब तथा उलटी जैसे समस्या का होना भी है।
H3N2 फ्लू से सुरक्षित रहने के लिए सावधानियां:
1. हाथों की अच्छी सफाई रखें: अपने हाथों को साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक बार-बार धोएँ और बाहर आते -जाते समय सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करें।
2. भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क का उपयोग: चूँकि H3N2 एक संक्रमित बीमारी है, इसलिए भीड़-भाड़ वाली स्थानों पर मास्क पहनने से संक्रमण फैलने का खतरा कम रहता है।
3. रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना: विटामिन युक्त खाद्य पदार्थ, मौसमी फल, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, हल्दी, अदरक खाएँ और काढ़ा या हर्बल चाय का सेवन करे, जिससे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढे।
4. अपने चेहरे को छूने से बचें: बिना धुले हाथों से अपनी नाक, मुँह या आँखों को छूने से बचें, क्योंकि इससे वायरस के प्रवेश का खतरा बढ़ जाता है।
5. हमेशा हाइड्रेटेड रहें: अत्यधिक मात्रा में पानी पिए , गले को नम रखने और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए नियमित रूप से गर्म पानी एवं तरल पदार्थ का सेवन करे।
6. बीमार होने पर आराम करें और दुसरो से अलग रहें: यदि आपमें फ्लू के लक्षण दिखाई दें, जल्दी से जल्द डॉक्टर सलाह लें, घर पैर आराम करे और अन्य दूसरे लोगो से दुरी बनाये रखे।
7. घर को साफ़ रखें: घर के दरवाज़े एवं उसके हैंडल, फ़ोन और स्विच जैसी अक्सर छुई जाने वाली वस्तुवो कीटाणुरहित रखे तथा सेनिटीज़र का प्रयोग करें और घर के अंदर धूप और ताज़ी हवा आने दें।
8. बच्चों, बुज़ुर्गों और बीमारियों से ग्रस्त लोगों की सुरक्षा: बच्चों, बुज़ुर्गों और पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोगों को विशेष सावधान और सतर्क रहना चाहिए और उन्हें संक्रमित लोगों से निश्चित दुरी बनाये रखना चाहिए।
घरेलू उपचार जो H3N2 फ्लू में राहत प्रदान करते हैं:
1. अदरक में प्राकृतिक रूप से सूजन-रोधी और जीवाणुरोधी गुण होते हैं, इसलिए अदरक की चाय पीने या शहद के साथ इसके छोटे टुकड़े चबाने से गले की खराश और लगातार खांसी में आराम मिल सकता है।
2. गर्म पानी में शहद मिलाकर पिने से गले में खराश एवं जलन जैसी समस्या दूर होती है। तुरंत राहत के लिए एक चम्मच शहद को गर्म पानी या हर्बल चाय में मिलाकर पिए।
3. नीलगिरी के तेल को गर्म पानी में मिलाकर भाप लेना भाप लेने से ढीला होता है और सर्दी जुकाम में राहत मिलती है। नीलगिरी के तेल की कुछ बूँदें नाक में डालने से साइनस में काफी रहत मिलता है।
4. हल्दी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है और संक्रमण से लड़ने में मदद करता है, अतः सोने से पहले आधा चम्मच हल्दी के साथ गर्म दूध पीने से सर्दी, खांसी बुखार में राहत मिलती है और नींद भी अच्छी आती है।
5. ताज़ी तुलसी के पत्तों के साथ काली मिर्च को चबाने या उन्हें पानी में उबालकर चाय बनाने से सर्दी तथा गले में राहत मिलती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
6. नमक के पानी से गरारे करना भी एक कारगर प्रभावी उपाय है। गर्म नमक के पानी से गरारे करने से गले की खराश में और खांसी जैसी समस्या में राहत मिलता है।
7. लहसुन में रोगाणुरोधी गुण होते हैं, जबकि लौंग गले की जलन में राहत दिलाती है। दोनों को पानी में उबालें, छान लें और आराम के लिए गुनगुना घूंट-घूंट करके पिएँ।
VIDEO | Delhi: On H3N2 flu alert, Sir Ganga Ram Hospital’s Vice Chairperson of Medicine, Dr. Ambuj Garg, said, “This is an influenza virus, similar to the common flu, which changes frequently. However, this time the H3N2 strain is spreading more. If a patient begins to recover… pic.twitter.com/AVq2P0dgzX
— Press Trust of India (@PTI_News) September 12, 2025