भारतीय Share बाजार की दिग्गज कंपनियों में शामिल ITC Ltd. एक बार फिर चर्चा में है । साल 2026 की शुरुआत के साथ ही ITC Share Price में तेज गिरावट देखने को मिली, जिसने छोटे निवेशकों से लेकर बड़े संस्थागत निवेशकों तक को सोचने पर मजबूर कर दिया । लंबे समय से स्थिर और भरोसेमंद माने जाने वाले इस स्टॉक में अचानक आई कमजोरी ने बाजार में कई सवाल खड़े कर दिए हैं । taazanews24x7.com
नई वित्तीय वर्ष की शुरुआत पर ही ITC Ltd. (NSE:500875) के SHARE में तेज गिरावट दर्ज की गई है । 1 जनवरी, 2026 को सिगरेट पर बढ़ी हुई अतिरिक्त क्षतिपूर्ति excise duty और टैक्स की नई दरों की घोषणा के बाद ITC का SHARE करीब 9 परसेंट से अधिक गिरकर 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुँच गया, जो 2023 के बाद से सबसे कम स्तर है ।
विश्लेषण में देखा गया कि नई कर संरचना की वजह से कंपनी के मुख्य सिगरेट विभाग के उत्पादन लागत पर दबाव बढ़ेगा , जिससे बिक्री मूल्य में अनुमानित वृद्धि और कम ग्राहकी की आशंका उत्पन्न हुई है।
क्या यह गिरावट केवल अस्थायी है या ITC के शेयरों के लिए आगे की राह मुश्किल होने वाली है ? क्या मौजूदा स्तर निवेश का मौका है या अभी और गिरावट का खतरा बाकी है ? इस रिपोर्ट में हम ITC शेयर प्राइस , इसके पीछे के कारण , फंडामेंटल स्थिति , भविष्य के टारगेट और निवेश रणनीति पर विस्तार से चर्चा करेंगे ।
ITC LTD. कंपनी प्रोफाइल एक नजर में
ITC LTD. भारत की सबसे पुरानी और विविध कारोबार वाली कंपनियों में से एक है । कंपनी का बिज़नेस केवल तंबाकू तक सीमित नहीं है, बल्कि आज यह कई सेक्टर्स में अपनी मजबूत मौजूदगी रखती है ।
ITC के प्रमुख बिज़नेस सेगमेंट
• सिगरेट और तंबाकू उत्पाद
• FMCG Food Personal Care
• होटल्स
• एग्री बिज़नेस
• पेपर , पैकेजिंग और स्टेशनरी
इसी डाइवर्सिफिकेशन की वजह से ITC को लंबे समय तक Defensive Stock माना जाता रहा है ।
ITC SHARE Price का भविष्य: आगे क्या संकेत दे रहा है बाजार?
ITC LTD. का SHARE फिलहाल दबाव में ज़रूर है, लेकिन SHARE बाज़ार में अक्सर ऐसा देखा गया है कि मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियाँ अस्थायी झटकों के बाद दोबारा उभरती हैं। ITC भी उन्हीं चुनिंदा ब्लू-चिप कंपनियों में गिनी जाती है, जिनका कारोबार सिर्फ एक सेक्टर पर निर्भर नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि सिगरेट टैक्स से जुड़ा नकारात्मक असर शॉर्ट टर्म में दिख सकता है, लेकिन मिड और लॉन्ग टर्म में कंपनी के अन्य बिज़नेस से ग्रोथ की भरपाई संभव है।

ITC के फंडामेंटल कितने मजबूत हैं?
- मजबूत ब्रांड और बाजार हिस्सेदारी
ITC भारतीय सिगरेट बाजार में लगभग 75 परसेंट से अधिक हिस्सेदारी रखती है । इसके अलावा Aashirvaad , Sunfeast , Bingo , Yippee , Classmate जैसे ब्रांड FMCG सेक्टर में लगातार मजबूत हो रहे हैं ।
- FMCG और एग्री-बिज़नेस से ग्रोथ
बीते कुछ वर्षों में ITC का नॉन-सिगरेट FMCG बिज़नेस डबल-डिजिट ग्रोथ दिखा चुका है । इससे यह साफ है कि कंपनी धीरे-धीरे तंबाकू पर निर्भरता कम कर रही है ।
- मजबूत बैलेंस शीट
ITC लगभग Debt-Free कंपनी है , जो अनिश्चित आर्थिक माहौल में निवेशकों को भरोसा देती है ।
ITC Share Price में गिरावट क्या हुआ अचानक ?
जनवरी 2026 की शुरुआत में ITC के शेयरों में 8–10 परसेंट तक की तेज गिरावट दर्ज की गई । शेयर 52-सप्ताह के निचले स्तर के करीब पहुंच गया , जो बीते लगभग तीन वर्षों का न्यूनतम स्तर माना जा रहा है ।
गिरावट के मुख्य कारण
सिगरेट पर टैक्स बढ़ने की घोषणा
सरकार द्वारा सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त कर Excise Duty बढ़ाने की घोषणा ITC के लिए सबसे बड़ा झटका साबित हुई । ITC की आय का बड़ा हिस्सा आज भी सिगरेट बिज़नेस से आता है।
भारत सरकार ने 1 फरवरी, 2026 से सिगरेट पर नई विभिन्न श्रेणियों में अतिरिक्त कर लागू करने की घोषणा की है। नई दरों के अनुसार प्रति 1000 सिगरेट पर ₹2,050 से ₹8,500 तक अतिरिक्त कर रखा गया है, जो वर्तमान GST (40 %) के ऊपर है। यह स्पष्ट रूप से ITC के मुख्य उत्पाद पर लागत बढ़ाता है और संभावित तौर पर मांग को प्रभावित कर सकता है।
टैक्स बढ़ने से
• सिगरेट की कीमतें बढ़ेंगी
• मांग में गिरावट आ सकती है
• कंपनी के मार्जिन पर दबाव पड़ेगा
ब्रोकरेज हाउस का रेटिंग डाउनग्रेड
स्थानीय BROKERAGE फ़र्म Nuvama Institutional Equities ने ITC के SHARE रेटिंग को “BUY” से “HOLD” में डाउनग्रेड कर दिया है। उनका कहना है कि कर वृद्धि की तीव्रता अपेक्षा से अधिक है, जिसके चलते सिगरेट की कीमतों में लगभग 20 % वृद्धि की संभावना है, जो बिक्री मात्रा को प्रभावित कर सकती है।
मार्केट सेंटिमेंट और तकनीकी दबाव
टेक्निकल चार्ट विश्लेषणों में, ITC का SHARE उद्योग मानकों से नीचे ट्रेड कर रहा है और व्यापक बाजार की तुलना में इसका परफ़ॉर्मेंस कमज़ोर रहा है। इससे निवेशकों के बीच बेचने का दबाव बढ़ा है।
SHARE मूल्य पर ताज़ा आँकड़े
• ITC का SHARE गिरकर करीब ₹360-370 के आसपास ट्रेड हुआ, जो पिछले 52 सप्ताह के निचले स्तर के करीब है।
• निफ्टी और सेंसैक्स ने नई साल की शुरुआत में मिश्रित रुझान दिखाया, जबकि ITC समेत तंबाकू सेक्टर के SHARE भारी गिरावट देखे।
• कई प्रमुख म्यूचुअल फंड जैसे GQG और PPFAS ITC में प्रमुख हिस्सेदारी रखते हैं (~14.3 %) — इससे यह गिरावट केवल खुदरा नहीं बल्कि संस्थागत निवेशकों पर भी असर डाल सकती है।
ITC के फंडामेंटल कितने मजबूत हैं?
गिरावट के बावजूद ITC के फंडामेंटल अब भी मजबूत माने जाते हैं।
मजबूत बैलेंस शीट
ITC लगभग Debt-Free कंपनी है। कंपनी के पास पर्याप्त कैश रिज़र्व है, जो मुश्किल समय में भी उसे स्थिर बनाए रखता है।
शानदार डिविडेंड रिकॉर्ड
ITC भारत की उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल है, जो वर्षों से नियमित और आकर्षक डिविडेंड देती आ रही है। डिविडेंड निवेशकों के लिए यह एक बड़ा प्लस पॉइंट है।
FMCG बिज़नेस में तेज़ ग्रोथ
Aashirvaad, Sunfeast, Bingo, Yippee, Classmate जैसे ब्रांड्स ने ITC के नॉन-तंबाकू बिज़नेस को मजबूत बनाया है। FMCG सेगमेंट में कंपनी लगातार डबल डिजिट ग्रोथ दिखा रही है।
ITC Share Price Target 2026–2028
शॉर्ट टर्म टारगेट (6–12 महीने)
- ₹400 – ₹420
अगर बाजार स्थिर रहता है और टैक्स इम्पैक्ट धीरे-धीरे पच जाता है, तो ITC सीमित रिकवरी दिखा सकता है।
मिड टर्म टारगेट (1–2 साल)
- ₹460 – ₹500
FMCG और होटल बिज़नेस में सुधार ITC को दोबारा ग्रोथ ट्रैक पर ला सकता है।
लॉन्ग टर्म टारगेट (3–5 साल)
- ₹550 – ₹650
डाइवर्सिफाइड बिज़नेस मॉडल और मजबूत कैश फ्लो लॉन्ग टर्म में अच्छे रिटर्न की संभावना दिखाते हैं।
नोट: शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है, निवेश से पहले स्वयं अध्ययन ज़रूरी है।

निवेशकों के लिए रणनीति: क्या करें और क्या नहीं?
लॉन्ग टर्म निवेशक
जो निवेशक 3–5 साल या उससे अधिक का नजरिया रखते हैं, उनके लिए मौजूदा गिरावट धीरे-धीरे खरीदारी (Staggered Buying) का मौका हो सकती है।
डिविडेंड निवेशक
जो निवेशक रेगुलर इनकम चाहते हैं, उनके लिए ITC अब भी एक भरोसेमंद विकल्प है।
शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स
फिलहाल शेयर में उतार-चढ़ाव ज्यादा है। बिना स्पष्ट ट्रेंड के ट्रेडिंग जोखिम भरी हो सकती है।
ITC में निवेश के जोखिम
- भविष्य में टैक्स और बढ़ने की संभावना
- अवैध सिगरेट बाजार से प्रतिस्पर्धा
- FMCG सेक्टर में बढ़ती कॉम्पिटिशन
- रेगुलेटरी पॉलिसी का अनिश्चित माहौल
क्या बड़े निवेशक अब भी ITC पर भरोसा कर रहे हैं?
हां। कई बड़े म्यूचुअल फंड और विदेशी निवेशकों की ITC में हिस्सेदारी अब भी बनी हुई है। यह संकेत देता है कि लॉन्ग टर्म स्टोरी अभी खत्म नहीं हुई है।
निष्कर्ष: क्या ITC शेयर में निवेश करना चाहिए?
ITC शेयर में आई गिरावट ने बाजार में डर जरूर पैदा किया है , लेकिन मजबूत फंडामेंटल , डाइवर्सिफाइड बिज़नेस और शानदार डिविडेंड इतिहास इसे पूरी तरह कमजोर स्टॉक नहीं बनने देते ।
जो निवेशक धैर्य रखते हैं
जो लॉन्ग टर्म सोचते हैं
जो डिविडेंड इनकम चाहते हैं
उनके लिए ITC अब भी एक महत्वपूर्ण स्टॉक बना हुआ है ।
क्या ITC गिरावट सिर्फ अल्पकालिक है?
ITC Ltd. का SHARE मूल्य हाल-फिलहाल टैक्स वृद्धि, निवेशक सेंटिमेंट, और उत्पादन लागत पर बढ़ते दबाव की वजह से दबाव में है। हालांकि कंपनी का व्यापक व्यवसाय मॉडल, मजबूत लाभांश इतिहास और डाइवर्सिफ़िकेशन इसे संभावित निवेश योग्य बनाते हैं।
लाभांश-आधारित निवेशकों,
लंबी अवधि की होल्डिंग के इच्छुक,
और
डाइवर्सिफ़ाइड पोर्टफोलियो वाले निवेशक
इसके मूल्य गिरावट को संभव अवसर के रूप में देख सकते हैं — बशर्ते वे अपने जोखिम प्रोफ़ाइल और बाजार की स्थिति का सही आकलन करें।
FAQ: ITC Share Price से जुड़े सवाल
Q1. ITC शेयर क्यों गिर रहा है ?
सिगरेट पर टैक्स बढ़ने और निगेटिव सेंटिमेंट की वजह से ।
Q2. क्या ITC अभी खरीदने लायक है ?
लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए चरणबद्ध खरीदारी बेहतर हो सकती है।
Q3. ITC का सबसे बड़ा फायदा क्या है?
मजबूत कैश फ्लो और रेगुलर डिविडेंड।
Q4. क्या ITC फिर से ऊपर जाएगा? अगर FMCG और अन्य बिज़नेस ग्रोथ दिखाते हैं, तो रिकवरी संभव है।
