शेयर बाजार में इस समय SME सेगमेंट के आईपीओ को लेकर जबरदस्त हलचल है। इसी बीच फर्टिलिटी और IVF सेवाओं से जुड़ी कंपनी Gaudium IVF का आईपीओ निवेशकों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। दूसरे दिन ही यह इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया और रिटेल निवेशकों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ग्रे मार्केट में भी इसका GMP करीब 9% प्रीमियम का संकेत दे रहा है, जिससे लिस्टिंग गेन की उम्मीदें मजबूत हुई हैं। taazanews24x7.com
आज इस आईपीओ में आवेदन का आखिरी दिन है। ऐसे में अगर आप भी इसमें निवेश करने की सोच रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों को समझना बेहद जरूरी है—सब्सक्रिप्शन स्टेटस, GMP ट्रेंड, कंपनी का बिजनेस मॉडल, वित्तीय स्थिति और जुटाई गई रकम का उपयोग। आइए विस्तार से जानते हैं।

Gaudium IVF IPO: इश्यू की मुख्य जानकारी
यह एक SME IPO है, जिसका मतलब है कि यह मेनबोर्ड की तुलना में छोटे आकार का इश्यू है और इसमें निवेश के साथ जोखिम भी अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है।
मुख्य बिंदु:
- इश्यू टाइप: SME IPO
- इश्यू संरचना: फ्रेश इश्यू
- लिस्टिंग प्लेटफॉर्म: NSE SME
- निवेश श्रेणियां: रिटेल, HNI/अन्य निवेशक
- लॉट साइज: SME मानकों के अनुसार तय
SME आईपीओ में न्यूनतम निवेश राशि आमतौर पर मेनबोर्ड आईपीओ की तुलना में अधिक होती है क्योंकि लॉट साइज बड़ा होता है। इसलिए निवेशक को आवेदन से पहले पूंजी की उपलब्धता और जोखिम क्षमता का आकलन जरूर करना चाहिए।
दूसरे दिन फुल सब्सक्रिप्शन: रिटेल निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स
Gaudium IVF IPO ने बाजार में मजबूत एंट्री ली। दूसरे दिन ही यह इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया।
- रिटेल पोर्शन 200% से ज्यादा सब्सक्राइब
- अन्य श्रेणियों में भी अच्छा प्रतिसाद
- कुल मिलाकर ओवरसब्सक्रिप्शन का ट्रेंड
रिटेल निवेशकों का इस तरह से उत्साह दिखाना इस बात का संकेत है कि कंपनी की ग्रोथ स्टोरी और सेक्टर की संभावनाओं पर भरोसा किया जा रहा है।
हालांकि, ओवरसब्सक्रिप्शन का मतलब यह भी है कि सभी आवेदकों को शेयर आवंटित नहीं होंगे। ऐसे में अलॉटमेंट की संभावना लॉटरी सिस्टम पर निर्भर करेगी।
GMP क्या संकेत दे रहा है?
ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP, अनौपचारिक बाजार में शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत का संकेत देता है।
Gaudium IVF IPO का GMP लगभग 9% प्रीमियम का इशारा कर रहा है। इसका मतलब है कि यदि इश्यू प्राइस 100 रुपये मान लें, तो लिस्टिंग 109 रुपये के आसपास हो सकती है (सिर्फ संकेतात्मक उदाहरण)।
लेकिन ध्यान रखने वाली बातें:
- GMP आधिकारिक नहीं होता
- यह डिमांड-सप्लाई के आधार पर बदल सकता है
- बाजार की स्थिति अचानक बदल सकती है
इसलिए केवल GMP देखकर निवेश का निर्णय लेना जोखिम भरा हो सकता है।

कंपनी का बिजनेस मॉडल: IVF सेक्टर में मजबूत पकड़
Gaudium IVF फर्टिलिटी और IVF सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी है। भारत में IVF यानी In Vitro Fertilization की मांग पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है।
कंपनी किन सेवाओं में सक्रिय है?
- IVF ट्रीटमेंट
- IUI
- फर्टिलिटी काउंसलिंग
- एडवांस्ड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी
- लैब सेवाएं
फर्टिलिटी क्लीनिक का मॉडल आमतौर पर हाई मार्जिन वाला माना जाता है क्योंकि इसमें विशेषज्ञता, ब्रांड और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की अहम भूमिका होती है।
भारत में IVF सेक्टर की ग्रोथ स्टोरी
भारत में फर्टिलिटी ट्रीटमेंट का बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है।
ग्रोथ के प्रमुख कारण:
- लेट मैरिज और करियर प्राथमिकता
- लाइफस्टाइल से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं
- बढ़ती जागरूकता
- मेडिकल टेक्नोलॉजी में सुधार
- हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज का विस्तार
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले वर्षों में IVF बाजार दो अंकों की वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ सकता है। ऐसे में इस सेक्टर की कंपनियों को दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है।
IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग
किसी भी आईपीओ में यह जानना जरूरी है कि कंपनी जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल किस उद्देश्य से करेगी।
Gaudium IVF ने निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए राशि उपयोग की योजना बनाई है:
1. नए क्लीनिक खोलना
कंपनी अपने क्लीनिक नेटवर्क का विस्तार विभिन्न शहरों में करना चाहती है।
2. अत्याधुनिक उपकरणों में निवेश
IVF उपचार में लैब इंफ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल टेक्नोलॉजी की अहम भूमिका होती है।
3. ब्रांडिंग और मार्केटिंग
फर्टिलिटी ट्रीटमेंट में भरोसा सबसे बड़ा फैक्टर होता है। कंपनी अपनी ब्रांड पहचान मजबूत करना चाहती है।
4. वर्किंग कैपिटल जरूरतें
दैनिक संचालन और विस्तार योजनाओं के लिए पूंजी की आवश्यकता।
यह उपयोग योजना संकेत देती है कि कंपनी विस्तार मोड में है।

वित्तीय प्रदर्शन: निवेश से पहले जरूरी विश्लेषण
IPO में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति समझना बेहद जरूरी है।
निवेशकों को इन बिंदुओं पर ध्यान देना चाहिए:
- पिछले तीन साल का रेवेन्यू ट्रेंड
- प्रॉफिट ग्रोथ
- EBITDA मार्जिन
- कर्ज का स्तर
- कैश फ्लो
यदि कंपनी लगातार राजस्व और मुनाफा बढ़ा रही है, तो यह सकारात्मक संकेत माना जाता है।
हालांकि SME कंपनियों में उतार-चढ़ाव ज्यादा हो सकता है, इसलिए जोखिम का स्तर भी समझना जरूरी है।
SME IPO में निवेश के फायदे और जोखिम
फायदे
- शुरुआती चरण में ग्रोथ कंपनी में निवेश का मौका
- लिस्टिंग गेन की संभावना
- कम मार्केट कैप में मल्टीबैगर बनने की क्षमता
जोखिम
- लिक्विडिटी कम
- कीमत में तेज उतार-चढ़ाव
- कॉर्पोरेट गवर्नेंस जोखिम
- सीमित विश्लेषक कवरेज
SME शेयरों में लिस्टिंग के बाद सर्किट लिमिट भी लागू हो सकती है, जिससे तेजी या गिरावट दोनों सीमित हो सकती हैं।
लिस्टिंग गेन बनाम लॉन्ग टर्म निवेश
निवेशकों को पहले तय करना चाहिए कि उनका लक्ष्य क्या है।
यदि लक्ष्य लिस्टिंग गेन है:
- GMP पर नजर रखें
- बाजार की स्थिति समझें
- अल्पकालिक रणनीति अपनाएं
यदि लक्ष्य लंबी अवधि का निवेश है:
- सेक्टर ग्रोथ का आकलन करें
- कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति देखें
- विस्तार रणनीति पर भरोसा करें
IVF सेक्टर लंबी अवधि में संभावनाशील है, लेकिन SME जोखिम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बाजार में खुले अन्य IPO से तुलना
वर्तमान में बाजार में तीन IPO खुले हैं। इनमें से Gaudium IVF IPO को रिटेल निवेशकों का सबसे मजबूत समर्थन मिला है।
- उच्च रिटेल सब्सक्रिप्शन
- सकारात्मक GMP
- सेक्टर आधारित थीम
यह इसे बाकी इश्यू से अलग पहचान दिला रहा है।
क्या करें निवेशक?
आक्रामक निवेशक
यदि आपकी जोखिम क्षमता अधिक है, तो सीमित पूंजी के साथ आवेदन पर विचार कर सकते हैं।
संतुलित निवेशक
यदि पोर्टफोलियो में विविधता चाहते हैं, तो कुल निवेश का छोटा हिस्सा SME IPO में लगाएं।
सुरक्षित निवेशक
यदि आप स्थिर और कम जोखिम वाले निवेश पसंद करते हैं, तो SME IPO से दूरी बनाना बेहतर हो सकता है।

एक्सपर्ट नजरिया
मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि:
- सेक्टर थीम मजबूत है
- रिटेल डिमांड सकारात्मक है
- GMP लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है
लेकिन वे यह भी कहते हैं कि SME निवेश हमेशा जोखिम के साथ आता है।
अंतिम निष्कर्ष
Gaudium IVF IPO ने दूसरे दिन ही फुल सब्सक्रिप्शन हासिल कर निवेशकों का भरोसा जीता है। 9% GMP संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है।
कंपनी का फर्टिलिटी सेक्टर में फोकस, विस्तार योजना और बढ़ती मांग इसकी ग्रोथ स्टोरी को मजबूत बनाती है।
हालांकि, SME IPO होने के कारण इसमें उतार-चढ़ाव का जोखिम अधिक है।
निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता, निवेश लक्ष्य और वित्तीय स्थिति का आकलन जरूर करें।
आज आवेदन का आखिरी दिन है। जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय समझदारी से कदम उठाएं।
As Gaudium IVF’s IPO opens today, Chairperson & MD Dr. Manika Khanna breaks down why this moment matters for the company’s market debut.
— NDTV Profit (@NDTVProfitIndia) February 20, 2026
In conversation with NDTV Profit’s @TamannaInamdar. pic.twitter.com/EiFibg6lpp