आज यानी 15 जनवरी 2026 को देशभर के लाखों निवेशकों के मन में एक ही सवाल गूंजता रहा—
“क्या आज Share Market खुला है या बंद?”
सुबह से ही ट्रेडर्स, निवेशक और ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स पर एक्टिव लोग कंफ्यूजन में दिखे, क्योंकि एक तरफ ग्लोबल मार्केट्स में हलचल थी और दूसरी तरफ भारत का Share Market पूरी तरह ठप रहा।
दरअसल, 15 जनवरी को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) — दोनों में कोई भी ट्रेडिंग नहीं हुई। न इक्विटी, न डेरिवेटिव्स, न ही F&O या SLB सेगमेंट में कोई कामकाज हुआ। taazanews24x7.com
इसका कारण बना महाराष्ट्र नगरपालिका चुनाव 2026, जिसकी वजह से राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया और उसी के चलते Share Market भी बंद कर दिया गया।
लेकिन यह फैसला सिर्फ एक छुट्टी तक सीमित नहीं रहा—इसने देश की ग्लोबल फाइनेंशियल इमेज, निवेशकों के भरोसे और मार्केट प्लानिंग सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

15 जनवरी को शेयर बाजार बंद क्यों किया गया?
भारतीय Share Market का संचालन कई अहम व्यवस्थाओं पर निर्भर करता है, जिनमें बैंकिंग सिस्टम, क्लियरिंग हाउस और सेटलमेंट प्रोसेस सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।
चूंकि महाराष्ट्र नगरपालिका चुनाव के चलते आज राज्य में सरकारी छुट्टी थी, इसलिए—
- बैंक बंद रहे
- क्लियरिंग और सेटलमेंट सिस्टम प्रभावित हुआ
- बैक-ऑफिस सपोर्ट सीमित रहा
इसी वजह से BSE और NSE ने 15 जनवरी को “Full Trading Holiday” घोषित किया।
इस दिन:
- इक्विटी ट्रेडिंग
- डेरिवेटिव्स (F&O)
- करेंसी और कमोडिटी
- सिक्योरिटी लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB)
- इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स
सब कुछ पूरी तरह बंद रहा।
क्या सिर्फ महाराष्ट्र के चुनाव से पूरे देश का बाजार बंद होना सही है?
यही वह सवाल है जिसने आज पूरे फाइनेंशियल सेक्टर में बहस छेड़ दी।
भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में BSE और NSE के मुख्यालय हैं। तकनीकी तौर पर बाजार डिजिटल है, लेकिन फिर भी कई प्रशासनिक और सेटलमेंट प्रक्रियाएं अभी भी स्थानीय इन्फ्रास्ट्रक्चर और बैंकिंग अवेलेबिलिटी पर निर्भर हैं।
यही कारण है कि:
- महाराष्ट्र में छुट्टी
- मुंबई में बैंक बंद
- और परिणामस्वरूप पूरे देश का शेयर बाजार बंद
हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि आज के डिजिटल युग में यह व्यवस्था पुरानी सोच को दर्शाती है।
अरबपति निवेशक क्यों भड़के?
नितिन कामथ का बयान बना चर्चा का केंद्र
Share Market बंद होने पर Zerodha के सह-संस्थापक और अरबपति निवेशक नितिन कामथ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा—
“लोकल नगर निगम चुनाव के कारण पूरे देश का Share Market बंद करना, भारत की ग्लोबल फाइनेंशियल इमेज के लिए सही संकेत नहीं है।”
नितिन कामथ का मानना है कि:
- भारतीय शेयर बाजार अब ग्लोबल इन्वेस्टर्स से जुड़ा है
- विदेशी निवेशक 24×7 एक्टिव रहते हैं
- ऐसे में स्थानीय कारणों से ट्रेडिंग रोकना गलत संदेश देता है
उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत को वर्ल्ड-क्लास फाइनेंशियल मार्केट बनना है, तो ऐसी छुट्टियों पर दोबारा विचार करना होगा।
निवेशकों पर क्या पड़ा असर?
ट्रेडर्स को नुकसान
इंट्राडे और शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए आज का दिन पूरी तरह बेकार गया।
कई ट्रेडर्स ने—
- ओपनिंग स्ट्रैटेजी बनाई थी
- ग्लोबल मार्केट मूवमेंट पर दांव लगाने की योजना थी
लेकिन अचानक ट्रेडिंग न होने से उनकी सारी प्लानिंग रुक गई।
F&O निवेशकों की चिंता
जिन डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी 15 जनवरी को होनी थी, उन्हें 14 जनवरी को ही एक्सपायर कर दिया गया।
इससे कई निवेशकों को—
- जल्दी पोजीशन क्लोज करनी पड़ी
- रिस्क मैनेजमेंट गड़बड़ा गया
लॉन्ग टर्म निवेशकों को राहत
वहीं SIP और लॉन्ग टर्म निवेशकों पर इसका सीधा असर नहीं पड़ा।
उनके लिए यह सिर्फ एक नॉन-ट्रेडिंग डे रहा।
क्या यह पहली बार हुआ है?
ऐसा बहुत कम हुआ है कि स्थानीय चुनाव के कारण पूरे देश का Share Market बंद किया गया हो।
अधिकतर मामलों में बाजार सिर्फ—
- राष्ट्रीय त्योहार
- केंद्रीय सरकारी छुट्टियों
- आपात स्थिति
में ही बंद रहता है।
यही वजह है कि इस बार का फैसला असामान्य माना जा रहा है।
ग्लोबल निवेशकों के नजरिए से क्यों अहम है यह मुद्दा?
भारत लगातार खुद को:
- उभरती अर्थव्यवस्था
- मैन्युफैक्चरिंग हब
- और ग्लोबल इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन
के रूप में पेश कर रहा है।
लेकिन जब—
- अमेरिका
- यूरोप
- एशियाई बाजार
खुले रहते हैं और भारत स्थानीय कारणों से बंद हो जाता है, तो विदेशी निवेशकों को यह संकेत मिलता है कि भारत की मार्केट स्ट्रक्चर अभी भी पूरी तरह परिपक्व नहीं है।
यही चिंता नितिन कामथ जैसे बड़े निवेशक भी जता रहे हैं।क्या MCX या अन्य बाजार खुले थे?
कुछ कमोडिटी सेगमेंट में सीमित ट्रेडिंग की संभावनाएं रहती हैं, लेकिन मुख्य रूप से—
- BSE
- NSE
पूरी तरह बंद रहे।
अगला ट्रेडिंग दिन कब?
16 जनवरी 2026 (शुक्रवार) से
BSE और NSE में सामान्य रूप से ट्रेडिंग शुरू होगी।
निवेशकों को सलाह दी गई है कि:
- अपने ऑर्डर्स दोबारा चेक करें
- एक्सपायरी डेट्स पर ध्यान दें
- किसी भी अफवाह से बचें
2026 में Share Market की प्रमुख छुट्टियां
निवेशकों के लिए पहले से छुट्टियों की जानकारी होना बेहद जरूरी है:
- 26 जनवरी – गणतंत्र दिवस
- मार्च – होली
- अप्रैल – गुड फ्राइडे
- अगस्त – स्वतंत्रता दिवस
- अक्टूबर – गांधी जयंती / दशहरा
- नवंबर – दिवाली
(पूरी लिस्ट BSE/NSE की वेबसाइट पर उपलब्ध है)
निष्कर्ष: छुट्टी से बड़ा सवाल
15 जनवरी को Share Market का बंद रहना सिर्फ एक अवकाश नहीं, बल्कि भारत की मार्केट पॉलिसी पर उठता सवाल है।
एक तरफ:
- डिजिटल इंडिया
- ग्लोबल इन्वेस्टमेंट
- 5 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का सपना
और दूसरी तरफ:
- स्थानीय चुनाव के कारण नेशनल मार्केट बंद
यही विरोधाभास आज चर्चा का विषय बना हुआ है।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि—
- क्या एक्सचेंज अपनी छुट्टी नीति में बदलाव करेंगे?
- क्या भारत वाकई ग्लोबल फाइनेंशियल हब बनने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा?
फिलहाल, निवेशकों को सलाह है—
घबराएं नहीं, सही जानकारी रखें और अगले ट्रेडिंग सेशन के लिए तैयार रहें।