THALAPATHY VIJAY की ‘JANA NAYAGAN’ पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: U/A सर्टिफिकेट मिला, लेकिन रिलीज की तारीख अब भी सवालों में

तमिल फिल्म इंडस्ट्री में इस वक्त जिस एक फिल्म को लेकर सबसे ज़्यादा हलचल है, वह है THALAPATHY VIJAY की JANA NAYAGAN। यह फिल्म किसी आम रिलीज की तरह नहीं देखी जा रही। माना जा रहा है कि यह विजय के अभिनय करियर की आखिरी फिल्म हो सकती है, जिसके बाद वह पूरी तरह सार्वजनिक जीवन और राजनीति की ओर रुख करेंगे। यही वजह है कि ‘JANA NAYAGAN’ से जुड़ी हर खबर—चाहे वह ट्रेलर हो, सेंसर बोर्ड का फैसला हो या अदालत का आदेश—सीधे सुर्खियों में जगह बना रही है। taazanews24x7.com

इसी सिलसिले में हाल ही में मद्रास हाई कोर्ट ने फिल्म को लेकर अहम दखल दिया। कोर्ट ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन को निर्देश दिया कि JANA NAYAGAN’ को U/A सर्टिफिकेट जारी किया जाए। इस आदेश के बाद विजय के फैंस में राहत साफ नजर आई, लेकिन इसके बावजूद फिल्म की रिलीज को लेकर बना सस्पेंस अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

आखिर ‘JANA NAYAGAN’ है क्या और इसे विजय की आखिरी फिल्म क्यों कहा जा रहा है?

‘JANA NAYAGAN’ को लेकर चर्चा सिर्फ इसकी कहानी या स्टार पावर तक सीमित नहीं है। इंडस्ट्री के अंदर यह बात लंबे समय से कही जा रही है कि यह फिल्म विजय के सिनेमा करियर का अंतिम पड़ाव हो सकती है। इसके बाद उनका फोकस राजनीति पर रहने वाला है। ऐसे में इस फिल्म को एक विदाई की तरह देखा जा रहा है।

फिल्म में विजय ऐसे किरदार में नजर आते हैं, जो आम लोगों की आवाज बनकर व्यवस्था से सवाल करता है। सत्ता, सिस्टम और जनता के बीच टकराव को कहानी के केंद्र में रखा गया है। यही वजह है कि कई लोग इस फिल्म को सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं, बल्कि विजय के विचारों और उनके भविष्य की झलक के तौर पर भी देख रहे हैं।

‘JANA NAYAGAN’ को लेकर सबसे बड़ा दावा यही किया जा रहा है कि यह THALAPATHY VIJAY की आखिरी फिल्म हो सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फिल्म के बाद विजय पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी में हैं।

फिल्म की कहानी एक ऐसे व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है, जो:

  • जनता की आवाज बनता है
  • सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ खड़ा होता है
  • सिस्टम की कमजोरियों को बेनकाब करता है

विजय का किरदार एक जननायक के रूप में उभरता है—जो न सिर्फ पर्दे पर, बल्कि असल जिंदगी में भी उनके फैंस उन्हें मानते आए हैं।

फिल्म की घोषणा से ही क्यों चर्चा में रही ‘JANA NAYAGAN’?

जब इस फिल्म की घोषणा हुई थी, तभी यह साफ हो गया था कि यह कोई आम कमर्शियल फिल्म नहीं होगी। टाइटल से लेकर थीम तक, सब कुछ विजय की संभावित राजनीतिक छवि से जुड़ा हुआ नजर आया।

फिल्म के पोस्टर्स और टीजर में:

  • सत्ता के गलियारों की झलक
  • जनता के गुस्से को दिखाते दृश्य
  • सिस्टम से टकराते संवाद

इन सबने यह संकेत दे दिया था कि फिल्म सियासी संदेशों से भरपूर होगी।

CBFC के साथ विवाद: आखिर आपत्ति किस बात पर थी?

फिल्म पूरी होने के बाद जब इसे सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पास भेजा गया, तो यहीं से असली विवाद शुरू हुआ।

CBFC ने फिल्म के कुछ हिस्सों पर आपत्ति जताई, जिनमें शामिल थे:

  • राजनीतिक प्रतीकों की स्पष्ट झलक
  • सत्ता और सिस्टम पर तीखे संवाद
  • कुछ दृश्य जिन्हें बच्चों के लिए अनुपयुक्त बताया गया

बोर्ड का कहना था कि फिल्म को बिना बदलाव के रिलीज करना संवेदनशील हो सकता है, जबकि मेकर्स का तर्क था कि फिल्म किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं करती।

मद्रास हाई कोर्ट का हस्तक्षेप: मेकर्स को मिली राहत

CBFC से निराश होकर फिल्म के निर्माताओं ने मद्रास हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट में दलील दी गई कि:

  • फिल्म अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में आती है
  • किसी विशेष राजनीतिक दल या व्यक्ति को निशाना नहीं बनाया गया
  • CBFC का रवैया जरूरत से ज्यादा सख्त है

इन दलीलों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि:

“अगर कोई फिल्म कानून के खिलाफ नहीं है, तो उसे अनावश्यक रूप से रोका नहीं जा सकता।”

इसके बाद कोर्ट ने CBFC को तुरंत U/A सर्टिफिकेट जारी करने का आदेश दिया।

फिर क्यों नहीं हो पाई 9 जनवरी को रिलीज?

हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद फिल्म 9 जनवरी को रिलीज नहीं हो पाई। इसकी वजह बनी अस्थायी कानूनी रोक (Stay Order)

CBFC की ओर से दायर याचिका पर कोर्ट ने:

  • सर्टिफिकेट जारी करने के आदेश पर अस्थायी रोक लगाई
  • अगली सुनवाई तक फिल्म की रिलीज टालने को कहा

इस फैसले का सीधा असर पड़ा मेकर्स और थिएटर मालिकों पर।

टिकट रिफंड और करोड़ों का नुकसान

फिल्म की रिलीज टलते ही:

  • एडवांस बुकिंग कैंसिल करनी पड़ी
  • हजारों दर्शकों को टिकट रिफंड दिए गए
  • प्रमोशनल इवेंट्स रोकने पड़े

ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस देरी से मेकर्स को 20 से 30 करोड़ रुपये तक का नुकसान हुआ है। यही वजह है कि फिल्म इंडस्ट्री में इसे साल की सबसे महंगी रिलीज डिले में से एक माना जा रहा है।

21 जनवरी तक क्यों टली ‘JANA NAYAGAN’?

कोर्ट के अगले आदेश तक यह साफ कर दिया गया कि:

  • 21 जनवरी से पहले फिल्म रिलीज नहीं होगी
  • CBFC और मेकर्स को आपसी सहमति बनानी होगी

इस दौरान फैंस में निराशा भी दिखी और गुस्सा भी। सोशल मीडिया पर #ReleaseJanaNayagan ट्रेंड करने लगा।

राम गोपाल वर्मा का बयान: सेंसर बोर्ड पर सीधा हमला

‘JANA NAYAGAN’ विवाद के बीच मशहूर डायरेक्टर राम गोपाल वर्मा ने बयान देकर बहस को और तेज कर दिया। उन्होंने कहा:

“आज का 9 साल का बच्चा भी जानता है कि क्या देखना है और क्या नहीं। फिल्मों को एडल्ट कहकर रोकना अब बेमानी हो चुका है।”

RGV के इस बयान को CBFC की कार्यशैली पर सीधा हमला माना गया और इंडस्ट्री में सेंसरशिप को लेकर नई बहस छिड़ गई।

नई रिलीज डेट: अब कब आएगी ‘JANA NAYAGAN’?

मेकर्स की ओर से संकेत दिए गए हैं कि:

  • फिल्म को किसी बड़े त्योहार पर रिलीज किया जाएगा
  • Pongal या Republic Day वीकेंड पर नजर
  • पूरी तरह कानूनी मंजूरी के बाद ही नई तारीख घोषित होगी

फिलहाल दर्शकों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

क्या बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचेगी विजय की आखिरी फिल्म?

ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि:

  • फिल्म का ओपनिंग डे कलेक्शन 80–100 करोड़ तक जा सकता है
  • तमिलनाडु में रिकॉर्ड तोड़ भीड़ देखने को मिल सकती है
  • विजय के करियर की यह सबसे बड़ी ओपनिंग साबित हो सकती है

आखिरी फिल्म का टैग, विवादों की वजह से बढ़ा क्रेज और विजय की फैन फॉलोइंग—ये तीनों फैक्टर इसे ब्लॉकबस्टर बना सकते हैं।

JANA NAYAGAN’: सिर्फ फिल्म नहीं, एक राजनीतिक संदेश?

इंडस्ट्री के कई जानकार मानते हैं कि ‘JANA NAYAGAN’:

  • विजय की राजनीतिक सोच को दर्शाती है
  • जनता से सीधा संवाद स्थापित करती है
  • सिनेमा और राजनीति की सीमाओं को धुंधला करती है

यही वजह है कि यह फिल्म जितनी सिनेमाघरों में चर्चा में है, उतनी ही राजनीतिक गलियारों में भी।

निष्कर्ष: विवादों से निकलकर और मजबूत हुई ‘JANA NAYAGAN’

‘JANA NAYAGAN’ का सफर यह साबित करता है कि:

  • विवाद कभी-कभी फिल्म की ताकत बन जाते हैं
  • THALAPATHY VIJAY सिर्फ अभिनेता नहीं, एक जनभावना हैं
  • यह फिल्म उनके करियर का ऐतिहासिक अध्याय बन सकती है

अब सबकी निगाहें सिर्फ एक सवाल पर टिकी हैं—
क्या ‘JANA NAYAGAN’ THALAPATHY VIJAY को सिनेमा से राजनीति तक यादगार विदाई दे पाएगी?

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