नई दिल्ली। जब भी भारतीय कला, सिनेमा और टेलीविजन में जज़्बे, संघर्ष और जीत की मिसालों की बात होती है, तो Sudha Chandran का नाम अपने आप सामने आ जाता है। उनकी कहानी सिर्फ एक कलाकार की नहीं है, बल्कि उस इंसान की है जिसने किस्मत की सबसे क्रूर चोट खाने के बाद भी हार मानने से इनकार कर दिया। एक ऐसा नाम, जिसने यह साबित किया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो ज़िंदगी किसी भी मोड़ से दोबारा शुरू की जा सकती है। taazanews24x7.com
टीवी और फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री और भरतनाट्यम डांसर Sudha Chandran एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई सीरियल या फिल्म नहीं, बल्कि उनका आध्यात्मिक अनुभव है। हाल ही में सामने आए एक Viral Video ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है, जिसमें Sudha Chandran माता की चौकी के दौरान अचानक भावुक हो जाती हैं, भजन गाती हैं और फिर उनके हाव-भाव पूरी तरह बदलते नजर आते हैं। कभी आंखें बंद कर भक्ति में डूबी सुधा, तो कभी जोर-जोर से हंसती हुई—इस पूरे घटनाक्रम ने लोगों को हैरान कर दिया है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि उन्हें संभालने के लिए परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त आगे आते हैं। कुछ लोग इसे “माता का चढ़ना” बता रहे हैं, तो कुछ इसे भावनाओं का उफान मान रहे हैं। सवाल यह है कि माता की चौकी में ऐसा क्या हुआ कि Sudha Chandran का यह वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया?

क्या है पूरा मामला?
यह घटना एक निजी माता की चौकी के दौरान की बताई जा रही है, जहां परिवार और करीबी लोग मौजूद थे। माहौल पूरी तरह भक्तिमय था—भजन, जयकारे और ढोलक की थाप के बीच श्रद्धालु माता रानी का गुणगान कर रहे थे। इसी दौरान Sudha Chandran ने भी भजन गाना शुरू किया।
शुरुआत में सब कुछ सामान्य था। Sudha पूरी तल्लीनता के साथ भजन गा रही थीं। लेकिन कुछ ही पलों में उनके चेहरे के भाव बदलने लगे। आंखें बंद, शरीर में कंपन और फिर अचानक तेज हंसी—यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए अप्रत्याशित था।
वीडियो में साफ दिखता है कि सुधा किसी अलग ही अवस्था में चली गईं। उनके आसपास बैठे लोग पहले तो चौंकते हैं, फिर उन्हें संभालने की कोशिश करते हैं। कोई उनका हाथ पकड़ता है, तो कोई पानी देता नजर आता है।
वायरल वीडियो ने क्यों उड़ाए फैंस के होश?
सोशल मीडिया पर इस वीडियो के सामने आते ही प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
- कुछ लोगों ने इसे गहरी भक्ति और आध्यात्मिक अनुभव बताया।
- कुछ ने सवाल उठाए कि क्या यह भावनात्मक ओवरफ्लो था?
- वहीं कई श्रद्धालुओं ने इसे साफ तौर पर “माता का चढ़ना” कहा।
खासतौर पर इसलिए भी यह वीडियो चर्चा में आ गया क्योंकि Sudha Chandran को लोग एक संयमित, मजबूत और आत्मनियंत्रित व्यक्तित्व के रूप में जानते हैं। ऐसे में उनका इस तरह भाव-विभोर होना लोगों के लिए हैरान करने वाला रहा।
माता की चौकी और “माता चढ़ना”: धार्मिक दृष्टि से क्या है इसका अर्थ?
भारतीय सनातन परंपरा में माता की चौकी सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, भाव और आत्मिक जुड़ाव का माध्यम मानी जाती है। कई बार भजन-कीर्तन के दौरान भक्त ऐसी अवस्था में पहुंच जाते हैं, जहां वे खुद पर नियंत्रण खो बैठते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब किसी भक्त पर “माता चढ़ती हैं”, तो वह व्यक्ति सामान्य चेतना से अलग अवस्था में चला जाता है।
- कभी वह रोने लगता है
- कभी हंसने लगता है
- कभी तेज स्वर में बोलने लगता है
इसे माता रानी की कृपा और शक्ति का संकेत माना जाता है।

Sudha Chandran और अध्यात्म: कोई नई बात नहीं
जो लोग Sudha Chandran को करीब से जानते हैं, उनके लिए यह पूरी तरह चौंकाने वाली बात नहीं है। Sudha हमेशा से आध्यात्मिक रही हैं। कई इंटरव्यू में वे यह कह चुकी हैं कि उनके जीवन में माता रानी की विशेष कृपा रही है।
गौरतलब है कि एक भयानक हादसे के बाद जब उनका पैर कट गया था, तब भी उन्होंने कई बार यह कहा कि ईश्वर और आस्था ने ही उन्हें दोबारा खड़ा होने की ताकत दी।
उनका मानना है कि जीवन में जो कुछ भी मिला है, वह किसी न किसी रूप में ईश्वरीय शक्ति का आशीर्वाद है।
वीडियो में दिखा भावनाओं का उफान या आध्यात्मिक चेतना?
मनोवैज्ञानिक नजरिए से देखें तो भक्ति संगीत, वातावरण और व्यक्तिगत आस्था मिलकर इंसान को गहरे भावनात्मक स्तर पर ले जा सकते हैं। सुधा चंद्रन जैसी संवेदनशील कलाकार, जिनका जीवन संघर्षों से भरा रहा है, उनके लिए यह अनुभव और भी गहरा हो सकता है।
वहीं धार्मिक नजरिए से मानने वाले इसे माता रानी का साक्षात प्रभाव बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने लिखा—
“जिसने इतना दर्द सहा हो, उस पर माता का आशीर्वाद होना स्वाभाविक है।”
परिवार और दोस्तों की भूमिका
वीडियो में एक बात साफ नजर आती है—परिवार और दोस्त पूरी तरह सतर्क और सहयोगी हैं। कोई घबराहट नहीं, कोई अफरा-तफरी नहीं। यह बताता है कि ऐसे अनुभव उनके लिए भी पूरी तरह अनजान नहीं थे।
वे शांति से Sudha को संभालते हैं, उन्हें बैठाते हैं और माहौल को संतुलित रखते हैं। यह दृश्य दिखाता है कि भक्ति के ऐसे क्षणों को परिवार किस परिपक्वता से संभालता है।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
जहां एक तरफ श्रद्धालु वर्ग ने इसे माता की कृपा बताया, वहीं कुछ यूजर्स ने सवाल भी उठाए। हालांकि, ज्यादातर प्रतिक्रियाएं सम्मान और संवेदना से भरी रहीं।
कई फैंस ने लिखा—
- “Sudha जी हमेशा से प्रेरणा रही हैं, माता ने उन्हें चुना है।”
- “यह दिखाता है कि सच्ची भक्ति कैसी होती है।”
वहीं कुछ लोगों ने अपील की कि ऐसे निजी धार्मिक पलों को सनसनीखेज बनाकर पेश न किया जाए।

क्यों खास है यह घटना?
यह घटना सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं है। यह उस कलाकार की कहानी का हिस्सा है, जिसने जीवन में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक हर स्तर पर संघर्ष देखा है।
Sudha Chandran का यह अनुभव दिखाता है कि आस्था किसी भी उम्र, किसी भी पहचान से ऊपर होती है। कैमरे के सामने मजबूत दिखने वाली अभिनेत्री भी भीतर से उतनी ही संवेदनशील और भावुक हो सकती है।
निष्कर्ष: भक्ति, भाव और विश्वास का संगम
माता की चौकी में सुधा चंद्रन का भावुक होना, उनके हाव-भाव का अचानक बदलना और परिवार का उन्हें संभालना—यह सब मिलकर एक गहरा मानवीय और आध्यात्मिक चित्र पेश करता है।
यह घटना याद दिलाती है कि भक्ति सिर्फ शब्दों या रस्मों तक सीमित नहीं होती। कभी-कभी वह इंसान को ऐसी अवस्था में ले जाती है, जहां तर्क नहीं, सिर्फ विश्वास काम करता है।
Sudha Chandran का वायरल वीडियो चाहे जिस नजरिए से देखा जाए, एक बात साफ है—
यह पल बनावटी नहीं, बल्कि पूरी तरह भावनाओं से भरा हुआ था।
Sudha chandran lost in devotion at Mata ki chowki😳🙌…..jai mata di🙏 pic.twitter.com/ZUKzBVKs8W
— mira (@whitecheezpasta) January 4, 2026