नई दिल्ली, कमोडिटी डेस्क। घरेलू वायदा बाजार में आज Gold and Silver Price में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कमजोर वैश्विक संकेतों और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के चलते मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में 2 से 2.5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। यही दबाव गोल्ड और सिल्वर ETF तथा डिजिटल गोल्ड की कीमतों में भी दिखाई दिया। taazanews24x7.com
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली, बॉन्ड यील्ड में बढ़त और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है—क्या सोने-चांदी में यह गिरावट अस्थायी है या आगे भी दबाव बना रह सकता है?
MCX पर सोना-चांदी क्यों फिसले?
आज के कारोबार में MCX गोल्ड फ्यूचर्स की कीमतों में तेज गिरावट देखी गई। शुरुआती सत्र में ही बिकवाली का दबाव बन गया, जो दोपहर तक कायम रहा। चांदी में गिरावट सोने से भी अधिक रही, क्योंकि यह धातु औद्योगिक मांग से भी जुड़ी होती है और वैश्विक आर्थिक संकेतों से ज्यादा प्रभावित होती है।
कमोडिटी विश्लेषकों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में नरमी और डॉलर इंडेक्स की मजबूती ने घरेलू बाजार पर सीधा असर डाला। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना अन्य मुद्राओं के मुकाबले महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक मांग कमजोर पड़ती है।
ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेत
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना और चांदी कई कारकों से प्रभावित होते हैं—
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति
- डॉलर इंडेक्स की दिशा
- अमेरिकी बॉन्ड यील्ड
- वैश्विक महंगाई के आंकड़े
- भू-राजनीतिक तनाव
हाल के आर्थिक आंकड़ों से संकेत मिले हैं कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अपेक्षा से अधिक मजबूत बनी हुई है। इससे ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर हुई हैं। ब्याज दरें ऊंची रहने से सोना, जो कोई ब्याज नहीं देता, निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो जाता है।
ETF में गिरावट से संकेत क्या?
गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में भी आज कमजोरी देखी गई। संस्थागत निवेशकों ने कुछ होल्डिंग घटाई हैं, जिससे कीमतों पर दबाव आया।
ETF में गिरावट आम निवेशकों के लिए भी एक संकेत होती है, क्योंकि यह दर्शाती है कि बड़े निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। हालांकि, दीर्घकालिक नजरिए से देखें तो गोल्ड ETF अभी भी पोर्टफोलियो में स्थिरता लाने का एक अहम साधन माना जाता है।
डिजिटल गोल्ड में भी नरमी
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बिकने वाला डिजिटल गोल्ड भी आज दबाव में रहा। इसकी कीमतें सीधे स्पॉट और वायदा बाजार से जुड़ी होती हैं। जैसे ही MCX और अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट आती है, डिजिटल गोल्ड की कीमतें भी उसी दिशा में चलती हैं।
हालांकि, कई वित्तीय सलाहकार मानते हैं कि डिजिटल गोल्ड में छोटी-छोटी किश्तों में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए यह गिरावट औसत लागत कम करने का अवसर हो सकती है।

गिरावट के मुख्य कारण
1. डॉलर इंडेक्स में मजबूती
डॉलर के मजबूत होने से सोने की कीमतें वैश्विक स्तर पर दबाव में आती हैं। निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर को प्राथमिकता देते हैं।
2. बॉन्ड यील्ड में उछाल
जब अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ती है तो निवेशक सोने से पैसा निकालकर बॉन्ड में लगाने लगते हैं।
3. मुनाफावसूली
हाल के हफ्तों में सोने और चांदी में मजबूत तेजी देखी गई थी। ऊंचे स्तरों पर ट्रेडर्स ने मुनाफा बुक किया।
4. कमजोर ट्रेडिंग वॉल्यूम
पतले कारोबार के कारण छोटे ऑर्डर भी कीमतों में बड़ी हलचल पैदा कर सकते हैं।
क्या यह गिरावट और बढ़ सकती है?
तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक, यदि सोना प्रमुख सपोर्ट लेवल से नीचे बंद होता है तो शॉर्ट टर्म में और कमजोरी देखने को मिल सकती है। चांदी में अस्थिरता अधिक रहने की संभावना है, क्योंकि यह औद्योगिक मांग से भी जुड़ी है।
हालांकि, वैश्विक अनिश्चितता, किसी बड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रम या महंगाई के नए आंकड़े बाजार की दिशा बदल सकते हैं। यदि जोखिम बढ़ता है तो निवेशक फिर से सोने की ओर रुख कर सकते हैं।
शादी और त्योहारों का असर
भारत में सोने की मांग शादी और त्योहारों के सीजन में बढ़ जाती है। यदि कीमतें नीचे आती हैं तो ज्वैलर्स की खरीदारी बढ़ सकती है, जिससे बाजार को निचले स्तरों पर समर्थन मिल सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी अच्छी फसल और बेहतर आय की स्थिति सोने की मांग को प्रभावित करती है।
निवेशकों के लिए रणनीति
- लॉन्ग टर्म निवेशक: चरणबद्ध निवेश (SIP जैसी रणनीति) अपनाएं।
- शॉर्ट टर्म ट्रेडर: स्पष्ट स्टॉप लॉस रखें और वोलैटिलिटी से सावधान रहें।
- ETF निवेशक: पोर्टफोलियो का 5-10% हिस्सा सोने में रखना संतुलित रणनीति मानी जाती है।
- डिजिटल गोल्ड निवेशक: छोटी-छोटी रकम से औसत लागत कम करने का प्रयास करें।
क्या सोना अभी भी सुरक्षित निवेश है?
इतिहास गवाह है कि आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई और बाजार की अस्थिरता के दौर में सोना सुरक्षित ठिकाना साबित हुआ है। भले ही अल्पकालिक उतार-चढ़ाव हो, लेकिन लंबी अवधि में सोने ने निवेशकों को स्थिर रिटर्न दिया है। चांदी की बात करें तो यह दोहरी भूमिका निभाती है—एक कीमती धातु और एक औद्योगिक धातु। इसलिए इसमें उतार-चढ़ाव अपेक्षाकृत अधिक रहता है।

आगे किन बातों पर रखें नजर?
- अमेरिकी फेड की अगली बैठक
- डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड
- वैश्विक महंगाई के आंकड़े
- कच्चे तेल की कीमतें
- भारत में आयात शुल्क और नीतिगत बदलाव
ये सभी कारक आने वाले दिनों में सोने-चांदी की दिशा तय करेंगे।
निष्कर्ष
आज सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने बाजार में हलचल पैदा कर दी है। MCX गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में 2.5% तक की गिरावट, ETF में कमजोरी और डिजिटल गोल्ड में नरमी यह दर्शाती है कि फिलहाल बाजार दबाव में है।
हालांकि, दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह घबराने का समय नहीं बल्कि रणनीति के साथ कदम उठाने का अवसर हो सकता है। बाजार में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है, लेकिन सही योजना और धैर्य के साथ निवेशक इस अस्थिरता को अपने पक्ष में बदल सकते हैं।
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।)
FAQ:
Q1. आज MCX पर सोने और चांदी का भाव क्यों गिरा है?
आज डॉलर इंडेक्स में मजबूती, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़त और वैश्विक बाजार से कमजोर संकेतों के कारण MCX गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट देखी गई।
Q2. क्या सोने की कीमत में आगे और गिरावट आ सकती है?
अगर डॉलर मजबूत बना रहता है और ब्याज दरों में कटौती टलती है, तो शॉर्ट टर्म में दबाव जारी रह सकता है। हालांकि वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने पर कीमतों में रिकवरी संभव है।
Q3. डिजिटल गोल्ड की कीमत कैसे तय होती है?
डिजिटल गोल्ड की कीमतें अंतरराष्ट्रीय स्पॉट प्राइस और MCX रेट के आधार पर तय होती हैं। इसमें रियल-टाइम मार्केट मूवमेंट का असर होता है।
Q4. क्या अभी गोल्ड ETF में निवेश करना सही रहेगा?
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए गिरावट चरणबद्ध निवेश का अवसर हो सकती है। लेकिन निवेश से पहले जोखिम प्रोफाइल जरूर देखें।
Q5. चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव क्यों रहता है?
चांदी की औद्योगिक मांग अधिक होती है, इसलिए यह आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक विकास दर से ज्यादा प्रभावित होती है।
Q6. शादी सीजन में सोने की कीमत पर क्या असर पड़ता है?
भारत में शादी और त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है।
Q7. MCX गोल्ड और स्पॉट गोल्ड में क्या अंतर है?
MCX गोल्ड फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट पर आधारित होता है, जबकि स्पॉट गोल्ड तत्काल डिलीवरी के भाव को दर्शाता है।
