Updated on Jan 27, 2026
भारत के ऑटो शेयर बाजार में Tata Motors और अन्य ऑटोमोटिव शेयरों पर इस हफ्ते भारी ध्यान देखा जा रहा है। हाल के बाजार अपडेट में Tata Motors PV शेयर प्राइस लाइव के अनुसार शेयर में उतार-चढ़ाव और बाजार की नर्वस निवेशक भावना साफ दिखाई दे रही है। नीचे हम विस्तार से बताते हैं कि क्यों स्टॉक गिर रहा है, क्या निवेशकों के लिए यह “बाय” का मौका है, और क्यों M&M, Bharat Forge जैसे ऑटो शेयर भी फोकस में हैं। taazanews24x7.com
Tata Motors शेयर प्राइस में गिरावट — प्रमुख कारण
2025-26 में Tata Motors शेयर में बड़ी गिरावट आई है, जिसके कई प्रमुख कारण हैं:
- ट्रेड नीतियों का असर – भारत ने EU के साथ संभावित व्यापार समझौते में वाहन आयात शुल्क में कटौती पर विचार किया है जो 110% से घटकर लगभग 40% होगा। इससे यूरोपीय ब्रांडों को भारत में बाजार में प्रवेश सस्ता हो जाएगा, जिससे प्रीमियम और लक्ज़री सेगमेंट पर दबाव बढ़ सकता है — और इसके असर से ऑटो शेयर जैसे M&M तथा TATA MOTORS में गिरावट देखी गई।
- JLR की चुनौतियाँ – TATA MOTORS का लक्ज़री ब्रांड Jaguar Land Rover (JLR) कंपनी की कुल आमदनी का बड़ा हिस्सा बनाता है (लगभग 70% तक)। JLR की कमजोर डिमांड खासकर चीन, यूरोप और अमेरिका में मार्च 2025 में अमेरिकी 25% टैरिफ के लागू होने के बाद TATA MOTORS शेयर पर भारी पड़ा है।
- तकनीकी तैयारी में गिरावट – तकनीकी चार्ट और निवेशकों की भावना ने भी शेयर को कमज़ोर बनाया है, जिससे यह कई मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है।
इन सब वजहों से TATA MOTORS के शेयर पिछले 52-हफ्तों में लगभग 40% से अधिक गिर चुके हैं और कई निवेशक सोच रहे हैं कि क्या यह “बाय द डिप” का समय है।
BNP Paribas ब्लॉक डील से शेयर में उछाल
हाल ही में फ्रांसीसी बैंक BNP Paribas ने TATA MOTORS में करीब ₹152 करोड़ का ब्लॉक डील स्टेक खरीदा, जिससे शेयर भाव में लगभग 1% की बढ़त देखी गई। यह संकेत है कि संस्थागत निवेशक TATA MOTORS को अभी भी अवसर की नज़र से देख रहे हैं।
यह निवेश खासकर कम विद्यार्थि (oversold) मार्केट परिस्थितियों में सकारात्मक संकेत देता है, क्योंकि बड़ी संस्थाएँ तब ही निवेश करती हैं जब वे भविष्य में सुधार की उम्मीद करती हैं।
Multibagger से Correction Mode तक: Tata Motors की यात्रा
Tata Motors उन चुनिंदा भारतीय शेयरों में शामिल है जिसने पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। एक समय ऐसा भी था जब इसे EV थीम का सबसे बड़ा लाभार्थी माना जा रहा था।
लेकिन शेयर बाजार में एक नियम हमेशा लागू होता है —
तेज़ी के बाद करेक्शन आना तय है।
करेक्शन क्यों जरूरी था?
- शेयर का वैल्यूएशन ऐतिहासिक औसत से ऊपर चला गया था
- EV को लेकर उम्मीदें बहुत तेज़ी से प्राइस में जुड़ गई थीं
- JLR बिज़नेस पर निर्भरता बढ़ गई थी
इसलिए मौजूदा गिरावट को सिर्फ “कमजोरी” कहना सही नहीं होगा — यह स्वस्थ करेक्शन भी हो सकता है।

EV, JLR और ऑटो मार्केट की स्थिति
TATA MOTORS की EV ड्रीम और JLR की मोमेंटम पर भी ध्यान देना ज़रूरी है:
- EV सेगमेंट: भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन TATA MOTORS को JSW MG और अन्य प्रतिस्पर्धियों से कड़ी टक्कर मिल रही है।
- JLR मोमेंटम: JLR पर कुछ वैश्विक चुनौतियाँ बनी हैं — जैसे कि टैरिफ, मांग में नरमी और आर्थिक अनिश्चितताएँ — फिर भी कई ब्रोकरेज फर्मों की राय है कि हाल की गिरावट “ओवरड्राइव्न” है, और लंबे समय में सुधार की गुंजाइश है।
Tata Motors और JLR: ताकत भी, चुनौती भी
Tata Motors की सबसे बड़ी ताकत और सबसे बड़ा जोखिम — दोनों का नाम है Jaguar Land Rover (JLR)।
JLR से मिलने वाले फायदे
- कंपनी के कुल रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा
- प्रीमियम और लग्ज़री सेगमेंट में मजबूत ब्रांड वैल्यू
- इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड मॉडल्स की ग्लोबल मौजूदगी
लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं
- चीन और यूरोप में डिमांड की सुस्ती
- अमेरिका-EU ट्रेड पॉलिसी और टैरिफ का असर
- प्रीमियम कार सेगमेंट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
इसी वजह से हाल के नतीजों और आउटलुक पर बाजार थोड़ा सतर्क नजर आ रहा है।
EV Dreams: क्या इलेक्ट्रिक व्हीकल अब भी गेम-चेंजर हैं?
भारत में जब भी EV सेक्टर की बात होती है, Tata Motors का नाम सबसे पहले लिया जाता है। Nexon EV, Tiago EV और Punch EV ने कंपनी को शुरुआती बढ़त जरूर दिलाई, लेकिन अब मुकाबला तेज़ हो चुका है।
EV बिज़नेस में मौजूदा स्थिति
- नई कंपनियों की एंट्री
- प्राइस वॉर की शुरुआत
- मार्जिन पर दबाव
फिर भी, लंबे समय में EV सेगमेंट Tata Motors के लिए रणनीतिक ताकत बना रहेगा, खासकर तब जब सरकार की नीतियां इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के पक्ष में हों।
M&M, Bharat Forge सहित अन्य ऑटो शेयरों पर प्रभाव
जैसे ही TATA MOTORS और M&M शेयरों में गिरावट आई, वैसे ही Bharat Forge जैसे ऑटो मेटल और कंपोनेंट शेयर भी ट्रेंड में आए। यह गिरावट मुख्यतः आयात शुल्क कटौती की अफवाहों और बेहतर प्रतिस्पर्धा के डर से आई है।
- M&M और Hyundai, Maruti Suzuki जैसे शेयरों ने भी दबाव में ट्रेड किया।
- Nifty Auto इंडेक्स में वोलैटिलिटी बढ़ी है, जिससे ऑटो सेक्टर के निवेशकों को अलर्ट रहने की सलाह दी जा रही है।
Buy, Sell या Hold? विशेषज्ञ सलाह
निवेशक अक्सर पूछते हैं — अब क्या करें: खरीदें, बेचें या होल्ड करें? इसका जवाब स्थिति पर निर्भर करता है:
Buy (खरीदें)
- अगर आप लंबी अवधि (3-5 साल) के निवेशक हैं
- जब स्टॉक तकनीकी रूप से अत्यधिक ओवरसोल्ड हो (जैसा कि चार्ट संकेत दिखा रहे हैं)
- और अगर JLR तथा EV व्यवसाय में सुधार को आप लंबी अवधि में देखते हैं
कई ब्रोकरेज फर्म मानते हैं कि यह लंबी अवधि में एक अच्छा एंट्री पॉइंट हो सकता है क्योंकि कई नकारात्मक कारकों पहले से ही शेयर प्राइस में रेटेड हैं।
Sell (बेचें)
- अगर आपकी निवेश हॉराइज़न शॉर्ट-टर्म है और आप जोखिम से बचना चाहते हैं
- अगर आप JLR की कमजोर प्रदर्शन और वैश्विक टैरिफ अनिश्चितताओं को लेकर अनिश्चित हैं
Hold (होल्ड करें)
- यदि आप पहले से ही शेयर के मालिक हैं और कंपनी की लंबी अवधि की रणनीति (EV, नई लॉन्च, वैश्विक विस्तार) पर विश्वास रखते हैं
India–EU Trade Deal: Auto Stocks क्यों फोकस में?
हालिया चर्चा में India-EU Trade Deal ने ऑटो शेयरों को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
इस डील से क्या बदल सकता है?
- यूरोपीय कारों पर इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती
- भारतीय बाजार में विदेशी ब्रांड्स की एंट्री आसान
- घरेलू कंपनियों पर प्रतिस्पर्धात्मक दबाव
इसी कारण Tata Motors, M&M और Bharat Forge जैसे स्टॉक्स में हलचल देखी गई। हालांकि कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबे समय में इससे एक्सपोर्ट और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को भी बढ़ावा मिलेगा।
Technical Analysis: Oversold, लेकिन सतर्कता जरूरी
तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो Tata Motors कई इंडिकेटर्स पर Oversold Zone में दिखाई देता है।
टेक्निकल संकेत क्या कहते हैं?
- RSI लो लेवल पर
- शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड
- वॉल्यूम में गिरावट
यह संकेत Bounce Back की संभावना जरूर दिखाते हैं, लेकिन कन्फर्मेशन के बिना जल्दबाज़ी जोखिम भरी हो सकती है।

भारत-EU ट्रेड डील का व्यापक असर
भारत-EU के संभावित व्यापार समझौते से:
- लक्ज़री कारों के आयात शुल्क में कटौती, जिससे यूरोपीय ब्रांडों को भारत में बेहतर प्रतिस्पर्धा मिलेगी
- इससे टाटा जैसे घरेलू ब्रांडों पर प्रीमियम सेगमेंट में दबाव आ सकता है
- दूसरी ओर, इससे स्थानीय उत्पादन और निर्यात दोनों को फायदा भी मिल सकता है
आने वाले महीनों में इस समझौते के अंतिम रूप लेने के बाद बाजार और निवेशक सोच में बदलाव देखने को मिल सकता है।
रिस्क लेने से बचने वाले निवेशक
अन्य स्टॉक्स से तुलना: Tata Motors बनाम M&M
जहां M&M ग्रामीण डिमांड और SUV सेगमेंट पर मजबूत पकड़ रखता है, वहीं Tata Motors का दांव EV और ग्लोबल मार्केट पर है।
यही अंतर निवेशकों को तय करना होगा —
स्थिरता चाहिए या संभावनाओं वाला जोखिम?
भविष्य की तस्वीर: Tata Motors कहां जा सकता है?
आने वाले समय में Tata Motors के शेयर की दिशा तय करेंगे:
- JLR का प्रदर्शन
- EV सेगमेंट की प्रॉफिटेबिलिटी
- वैश्विक ट्रेड पॉलिसी
- भारतीय ऑटो डिमांड
अगर ये फैक्टर अनुकूल रहे, तो मौजूदा स्तर लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए आकर्षक साबित हो सकते हैं।
निष्कर्ष
Tata Motors Share Price इस समय दबाव में है, लेकिन इसे सिर्फ नकारात्मक नजरिए से देखना सही नहीं होगा। यह दौर उन निवेशकों के लिए मौका हो सकता है जो धैर्य, समझ और लंबी सोच रखते हैं।
गिरावट डराती जरूर है, लेकिन यही गिरावट भविष्य के रिटर्न की नींव भी बन सकती है।
M&M, Bharat Forge एवं अन्य ऑटो शेयर भी ट्रेंड में हैं, खासकर व्यापार नीतियों के संभावित बदलाव के कारण।
Buy/Sell/Hold का निर्णय व्यक्तिगत जोखिम प्रोफ़ाइल और निवेश लक्ष्य पर निर्भर करता है।
FAQs:
Q1. आज TATA MOTORS का शेयर प्राइस क्यों गिर रहा है?
TATA MOTORS के शेयर में गिरावट के पीछे भारत-EU ट्रेड डील, JLR की कमजोर वैश्विक मांग, ऑटो सेक्टर में प्रॉफिट बुकिंग और बाजार की अस्थिरता प्रमुख कारण हैं।
Q2. क्या TATA MOTORS का शेयर अभी खरीदने लायक है?
विशेषज्ञों के अनुसार TATA MOTORS शेयर ओवरसोल्ड ज़ोन में है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह “Buy on Dips” का मौका हो सकता है, जबकि शॉर्ट टर्म निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
Q3. TATA MOTORS के शेयर पर JLR का कितना असर है?
TATA MOTORS की कुल आय में Jaguar Land Rover (JLR) का लगभग 65–70% योगदान है। इसलिए JLR के प्रदर्शन का सीधा असर TATA MOTORS के शेयर प्राइस पर पड़ता है।
Q4. भारत-EU ट्रेड डील से TATA MOTORS को नुकसान होगा या फायदा?
इस ट्रेड डील से यूरोपीय कारों के आयात शुल्क में कटौती हो सकती है, जिससे प्रीमियम सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। हालांकि, लंबे समय में निर्यात और टेक्नोलॉजी साझेदारी से TATA MOTORS को फायदा भी हो सकता है।
Q5. TATA MOTORS EV सेगमेंट का भविष्य कैसा है?
भारत में EV मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। TATA MOTORS इस सेगमेंट में लीडर है, लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण कंपनी को इनोवेशन और कीमतों पर ध्यान देना होगा।
Q6. TATA MOTORS शेयर Buy, Sell या Hold – क्या करें?
- Buy: लंबी अवधि (3–5 साल) के निवेशक
- Hold: पहले से निवेशित और कंपनी की रणनीति पर भरोसा रखने वाले
- Sell: शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स या कम जोखिम लेने वाले निवेशक
