फुजियामा पावर IPO का आज आख़िरी दिन: सिर्फ 50% बोली ही मिली828 करोड़ के इश्यू को, GMP भी शांत- कही ये निवेशको के लिए चेतावनी तो नहीं?

नई दिल्ली, 17 नवंबर 2025

फुजियामा पावर IPO का आज आख़िरी दिन: भारत के उभरते हुए सोलर मार्केट में एक समय जिस IPO का इंतज़ार किया जा रहा था, वही Fujiyama Power Systems आज निवेशकों की कड़ी परीक्षा ले रहा है। कंपनी का ₹828 करोड़ का IPO अब अपने आख़िरी दिन पर पहुंच चुका है, लेकिन सब्सक्रिप्शन के आंकड़े उम्मीद से कहीं कम हैं। taazanews24x7.com

अभी तक इश्यू को करीब 50% सब्सक्रिप्शन ही मिल पाया है, जिससे साफ है कि निवेशकों की धारणा दो हिस्सों में बंटी हुई है—एक पक्ष भारत के सोलर सेक्टर की तेज़ ग्रोथ स्टोरी देख रहा है, जबकि दूसरा पक्ष कई बड़े IPOs के दबाव के कारण सतर्क है।

सबसे बड़ा सवाल है: क्या Fujiyama Power में निवेश करना समझदारी है?
या फिर यह IPO उन लिस्टिंग्स में शामिल हो सकता है, जिनके GMP फ्लैट दिखते हैं और लिस्टिंग के दिन निवेशकों को झटका लग जाता है?

आइए, एक-एक करके पूरे परिदृश्य को समझते हैं।

Fujiyama Power Systems: आखिर इतना शोर क्यों था?

Fujiyama Power Systems सोलर सॉल्यूशंस में तेजी से उभरने वाली कंपनी मानी जाती है।
इसकी खासियत है—

  • रुफटॉप सोलर सॉल्यूशंस
  • ऑन-ग्रिड, ऑफ-ग्रिड और हाइब्रिड सिस्टम
  • रिन्यूएबल एनर्जी में तेज़ी से बढ़ता मार्केट
  • ऐसे समय में IPO लॉन्च, जब देश RE (Renewable Energy) मिशन को आक्रामक रूप से आगे बढ़ा रहा है

कंपनी ने सार्वजनिक इश्यू के जरिए 600 करोड़ का फ्रेश इश्यू और 228 करोड़ का OFS (Offer For Sale) लाया है।
मतलब कंपनी इस पैसे से अपने विस्तार, रतलाम (MP) में नई फैक्ट्री, कर्ज भुगतान और कॉर्पोरेट खर्च पूरे करेगी।

कागज़ों पर कहानी मजबूत लगती है। राजस्व और मुनाफा भी पिछले वर्षों में बढ़ा है।
लेकिन इश्यू का रिस्पॉन्स अभी भी उम्मीदों जैसा नहीं दिख रहा।

सब्सक्रिप्शन इतना कम क्यों? सिर्फ 50% बोली—यह आंकड़ा क्या बताता है?

आज सुबह तक मिले आंकड़ों के मुताबिक इश्यू को कुल मिलाकर 50% बोली ही मिली है।

कैटेगरी-वाइज स्थिति भी यही कहती है:

  • रिटेल निवेशक: मध्यम रुचि
  • NII/HNI: बहुत कम उत्साह
  • QIB: थोड़ी भागीदारी, लेकिन आक्रामक नहीं

IPO के आख़िरी दिन आम तौर पर QIBs बोली जोड़ते हैं, लेकिन फिर भी 50% से आगे जाने का अनुमान मुश्किल है।

यह आंकड़े बताते हैं कि निवेशकों के मन में valuation, मार्केट सेंटिमेंट और GMP की स्थिति को लेकर कुछ संदेह है।

GMP: Fujiyama Power का ग्रे-मार्केट प्रीमियम बिल्कुल फ्लैट—0 रुपये!

IPO मार्केट में सबसे बड़ा चर्चा का विषय इसकी GMP (Grey Market Premium) है।
अब तक के सभी अपडेट बताते हैं कि Fujiyama Power का GMP 0 रुपये चल रहा है।

GMP का 0 होना आमतौर पर दो संकेत देता है—

  1. लिस्टिंग पर कोई अतिरिक्त फायदा नहीं मिलेगा
  2. मार्केट अनिश्चित है, निवेशक वेट-एंड-वॉच मोड में हैं

आजकल लिस्टिंग गेन चाहने वाले रिटेल निवेशक GMP को ही आधार मानकर निवेश करते हैं।
लेकिन 0 GMP के कारण इस IPO को वह सपोर्ट बिल्कुल नहीं मिल पा रहा।

Fujiyama Power vs Capillary Tech: कौन मजबूत? GMP में किसका पलड़ा भारी?

इसी सप्ताह चर्चा में दूसरी बड़ी कंपनी है—Capillary Technologies

Capillary Tech का GMP बाजार में बहुत मजबूत दिख रहा है।
GMP रिपोर्ट्स में इस कंपनी के लिए निवेशकों में उत्साह Fujiyama से कई गुना ज्यादा है।

अगर साइड-by-साइड तुलना करें:

पैरामीटरFujiyama PowerCapillary Tech
IPO साइज₹828 करोड़लगभग ₹2900 करोड़
GMP0 रुपये (फ्लैट)तेज़ी से ऊपर, पॉजिटिव
सेक्टरसोलर रिन्यूएबलSaaS/ टेक
निवेशक भावनासतर्ककाफी सकारात्मक

Fujiyama Power जहां स्थिर सेक्टर में काम करती है, Capillary Tech का सेक्टर हाई ग्रोथ माना जाता है।
यही वजह है कि Capillary Tech का GMP लगातार ऊपर बना हुआ है, जबकि Fujiyama बाजार की संकोच भरी चाल को झेल रहा है।

PhysicsWallah और अन्य कंपनियों की लिस्टिंग का भी असर?

इस सप्ताह कई बड़े नाम लिस्टिंग की कतार में हैं—

  • PhysicsWallah
  • Tenneco
  • Emmvee Solar
  • कई अन्य टेक कंपनियां

इनके GMP, ब्रांड वैल्यू और चर्चा ने बाजार में तरलता (Liquidity) खींची है।
निवेशक अपनी पूंजी का बड़ा हिस्सा उन IPOs में लगा रहे हैं जहां लिस्टिंग गेन का अनुमान ज़्यादा है।

Fujiyama Power एक मजबूत कंपनी जरूर है, लेकिन ब्रांड नॉइज़ (Market Buzz) PhysicsWallah जितना नहीं बन पाया।

इस वजह से भी Fujiyama का GMP दबा हुआ है।

2900 करोड़ रुपये के MEGA IPO का भी GMP फ्लैट—निवेशकों को झटका?

IPO मार्केट में हाल ही में 2900 करोड़ का एक बड़ा IPO आया, जिसका GMP भी फ्लैट ही रहा।
लिस्टिंग के दिन निवेशकों को भारी झटका लगा और कोई बड़ा गेन नहीं मिला।

इस घटना ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
अब निवेशक GMP को गंभीरता से देख रहे हैं और कम GMP वाले IPOs से दूरी बनाकर चल रहे हैं। Fujiyama Power भी उसी श्रेणी में आता दिख रहा है—
कम GMP, धीमी सब्सक्रिप्शन और कई बड़े IPOs का दबाव।

क्या Fujiyama Power IPO में निवेश करना चाहिए?

एक निवेशक के रूप में सवाल बहुत सीधा है—
क्या आखिरी दिन इस IPO में पैसे डालने चाहिए या नहीं?

सकारात्मक पक्ष (Plus Points)

  • सोलर सेक्टर की लंबी भविष्यवाणी
  • कंपनी की राजस्व ग्रोथ अच्छी
  • कैपेक्स प्लानिंग स्पष्ट
  • सरकारी नवीकरणीय ऊर्जा मिशन का सपोर्ट
  • टेक्नोलॉजी और उत्पाद डाइवर्सिटी

नकारात्मक पक्ष (Risk Points)

  • GMP 0, यानी लिस्टिंग गेन की NO संभावना
  • सिर्फ 50% सब्सक्रिप्शन — Demand कम है
  • कई बड़े IPOs का दबाव
  • कड़ी प्रतिस्पर्धा
  • नया प्लांट (रतलाम) टाइमलाइन और खर्च जोखिम

मार्केट में हाल ही में कई फ्लैट लिस्टिंग देखने को मिली हैं

Fujiyama Power IPO — लिस्टिंग-डे का प्राइस प्रेडिक्शन (Expert View)

  • प्राइस बैंड: कंपनी ने IPO के लिए ₹216–₹228 प्रति शेयर तय किया है।
  • पब्लिक इश्यू का आकार: कुल ₹828 करोड़ का IPO है, जिसमें ₹600 करोड़ नई इक्विटी (फ्रेश इश्यू) और ₹228 करोड़ OFS (Offer for Sale) शामिल है।
  • GMP (Grey Market Premium): फिलहाल GMP 0 रुपये का है, यानी ग्रे-मार्केट में शेयरों की कोई अतिरिक्त प्रीमियम या डिस्काउंट नज़र नहीं आ रहा है।
  • सब्सक्रिप्शन लेटेस्ट ट्रेंड: IPO का तीसरे दिन सब्सक्रिप्शन लगभग 45% तक पहुँच गया था।

विश्लेषण (Expert Insight):
इन बिंदुओं को मिलाकर मैं अनुमान लगाता हूँ कि लिस्टिंग-डे पर शेयर संभवतः ऊपर-नीचे थोड़ा उतार-चढ़ाव दिखा सकते हैं, लेकिन बहुत बड़ा “लिफ्ट-ऑफ़” (फ्लाइट) की संभावना कम है। कुछ संभावनाएँ इस तरह हैं:

  • Base Case (सबसे यथार्थ-संभावित): शेयर लिस्टिंग के दिन ₹216–₹222 के दायरे में रह सकते हैं। यह इसलिए क्योंकि IPO प्राइस बैंड के निचले सिरे के करीब लिस्टिंग हो सकती है, विशेषकर अगर ग्रे-मार्केट में कोई बड़ा सनक नहीं बन रही हो।
  • Upside Scenario: अगर क्वालिफाइड इंस्टिट्यूशनल बायर्स (QIBs) आखिरी दिन बढ़िया बोली लगाते हैं और सब्सक्रिप्शन झटका खाता है, तो शेयर ₹228–₹235 तक भी जा सकते हैं।
  • Downside Scenario: यदि सब्सक्राइबिंग कमजोर बनी रहती है, या लिस्टिंग से पहले कुछ नकारात्मक न्यूज आती है, तो शेयर ₹205–₹215 की रेंज तक गिर भी सकता है।

निष्कर्ष:
लिस्टिंग-डे पर बहुत बड़ा गेन मिलने की संभावना कम है; यह IPO लॉन्ग टर्म होल्ड के लिए ज्यादा मुनाफेदार हो सकता है, न कि सिर्फ “लिस्टिंग-गेन के लिए एक फास्ट टर्नअराउंड”। यदि आपका उद्देश्य Short-Term Listing Gain है —यह IPO आपको निराश कर सकता है। GMP और सब्सक्रिप्शन दोनों संकेत कमजोर हैं।

यदि आप Long-Term Renewable Sector Growth पर दांव लगाना चाहते हैं —Fujiyama Power एक संतुलित विकल्प हो सकता है। कंपनी की नींव मजबूत है और विस्तार की योजना साफ है। लेकिन…
आपको लिस्टिंग के दिन गिरावट झेलने की मानसिक तैयारी रखनी होगी।

6 महीने का रिटर्न मॉडल (6-माह का प्रोजेक्शन)

यह अनुमान मॉडल (projection) मेरी विशेषज्ञ राय पर आधारित है — इसमें कंपनी की विस्तार योजना, मार्केट ट्रेंड, वित्तीय स्थिति और संभावित जोखिम शामिल हैं।

परिदृश्य6 महीने बाद अनुमानित शेयर प्राइससंभावित रिटर्न (%)
Bull Case (सोलर सेक्टर में तेजी, कंपनी विस्तार पर सफल)₹260–₹280लगभग +15% से +25%
Base Case (मध्यम विकास, सब्सक्रिप्शन धीरे-धीरे बढ़े)₹225–₹245लगभग 0% से +10%
Bear Case (ऑफ-मार्केट दबाव, मुफ्ती मांग, टेक्निकल या संचालन समस्या)₹185–₹210लगभग –5% से –15%

मेरी विशेषज्ञ राय:

  • मध्यम अवधि (6 महीने) में यदि कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (जैसे रतलाम) समय पर चालू कर पाती है और सब्सिडी / मांग लॉजिकल रफ्तार पकड़ती है, तो Base से Bull के बीच की स्थिति सबसे अधिक संभावित है।
  • अगर बाजार में सोलर या नवीकरणीय ऊर्जा का जोर बना रहता है, तो Bull केस में देखे गए रिटर्न संभव हो सकते हैं।
  • लेकिन अगर सब्सक्रिप्शन के पहले संकेत जैसी सुस्ती बनी रहती है, या ऑपरेशनल चुनौतियाँ (कैपेक्स, उत्पादन) बड़े पैमाने पर सामने आती हैं, तो Bear केस का जोखिम भी जीनता है।

मेरी सलाह (Expert Recommendation): अगर आप इस IPO में निवेश कर रहे हैं, तो कम-से-कम 6 महीने का लैग रखें, और लिस्टिंग के बाद तुरंत बेचने की रणनीति पर ज्यादा निर्भर न हों।

Fujiyama Power बनाम Capillary Tech — गहराई से तुलना (Expert Comparison Chart)

यह तुलना चार्ट दो IPOs के बीच में “लॉन्ग-टर्म क्षमता” और “लिस्टिंग-गेन संभावनाओं” को क्लियर करने में मदद करेगा:

पैरामीटरFujiyama Power SystemsCapillary Technologies
सेक्टर / बिजनेस मॉडलसोलर – रुफटॉप सोलर, इन्वर्टर्स, बैटरियाँटेक / SaaS – मार्केटिंग टेक, ग्राहक एंगेजमेंट, क्लाउड सॉल्यूशंस
IPO का आकारकरीब ₹828 करोड़ (₹600 करोड़ फ्रेश + ₹228 करोड़ OFS)(आपके पहले बयां अनुसार ~₹2,900 करोड़ — यह अनुमान है, मार्केट-स्पेकुलेशन पर आधारित)
प्राइस बैंड (IPO)₹216–₹228 प्रति शेयरसामान्यतः हाई ग्रोथ IPOs में प्राइस बैंड अधिक ऊँचा हो सकता है (मान लीजिए ऐसे बिज़नस)
GMP (Grey Market Premium)₹0 — बहुत कम या न के बराबर स्पेक्युलेटिव प्रीमियमGMP बहुत अधिक (रिपोर्ट किए गए उदाहरणों में Capillary Tech का GMP स्पेकुलेटिव कहा गया है) (आपके पहले बयां के अनुसार)
सब्सक्रिप्शन ट्रेंडधीमा शुरुआत, तीसरे दिन तक ~45% सब्सक्रिप्शनहाई ग्रोथ टेक IPO में आमतौर पर सब्सक्राइबिंग अधिक हो सकती है, खासकर यदि मार्केट उत्साहित हो
मजबूत पक्ष (Strengths)– स्वच्छ ऊर्जा में बढ़ती मांग – विस्तार के लिए तय योजनाएं (मैन्युफैक्चरिंग) – टेक्नोलॉजी + उत्पाद विविधता– क्लाउड-सास मॉडल, ऊँचे मार्जिन की संभावना – स्केलेबिलिटी बहुत बड़ी हो सकती है – मार्केटिंग टेक में मांग नई और बढ़ती
जोखिम (Risks)– उत्पादन या CAPEX में देरी – कम GMP = कम लिस्टिंग-गेन उम्मीद – सोलर मार्केट के नियम, raw material कीमतें– टेक IPO में वेल्यूएशन बहुत ऊँचा हो सकता है – कॉम्पिटिशन सख्त है – रेवेन्यू ग्रोथ में अस्थिरता और नकदी जोखिम
उपयुक्त निवेशक प्रोफाइललॉन्ग-टर्म, रिन्यूएबल सेक्टर वाले निवेशकहाई-रिस्क, हाई-रीवॉर्ड गेम चाहने वाले निवेशक
संभावित 6-माह रिटर्नमध्यम-लंबी अवधि में 0–25% तक (मॉडल के अनुसार)लिस्टिंग-गेन की संभावना अधिक, लेकिन उतार-चढ़ाव भी अधिक

Expert सुझाव — आप आगे क्या करें?

  1. लिस्टिंग के बाद निर्णय लें: अगर आप बेचने की सोच रहे हैं, तो लिस्टिंग-डे प्राइस के प्रदर्शन को देखें और तुरंत न करें।
  2. होल्ड अप्शन पर विचार करें: 6 महीने या उससे ज़्यादा का होल्ड रणनीति आपके लिए समझदारी भरी हो सकती है, खासकर यदि आप सोलर सेक्टर में विश्वास रखते हैं।
  3. रिसर्च जारी रखें: IPO के बाद कंपनी की क्वार्टर-वाइज़ रिपोर्ट, कैपेक्स प्रगति (जैसे रतलाम फैक्ट्री), और सोलर मार्केट की नीति-अपडेट्स पर नज़र रखें।
  4. डाइवर्सिफाइ करें: यदि आपके पास मॉडल कैपिटल है, तो सिर्फ इस IPO पर दांव न लगाएँ। आप Capillary Tech जैसे अन्य IPOs में भी हिस्सेदारी विचार कर सकते हैं — अपने रिस्क प्रोफाइल के हिसाब से।
  5. सलाहकार से बात करें: यदि आप शुरुआती हैं या बड़ी रकम लगा रहे हैं, तो वित्तीय सलाहकार से मिलकर फैसला लें।

Leave a Comment