ज़ोरान ममदानि: न्यूयॉर्क की नई दिशा – वित्त नीति, आप्रवासन सोच और विपक्ष के मुकाबले रणनीति

नई दिल्ली, नवंबर 2025:
अमेरिका के सबसे बड़े शहर न्यूयॉर्क की राजनीति इस समय एक नए मोड़ पर खड़ी है। भारतीय मूल के मुस्लिम राजनेता ज़ोरान ममदानि (Zohran Mamdani) न केवल प्रगतिशील विचारों के प्रतीक बनकर उभरे हैं, बल्कि उन्होंने वित्त, आप्रवासन और सामाजिक न्याय को अपने अभियान का आधार बनाया है।
उनकी नीतियाँ पारंपरिक अमेरिकी राजनीति से अलग हैं और यही कारण है कि ममदानि आज “न्यूयॉर्क के आम लोगों की आवाज़” बन चुके हैं। taazanews24x7.com

यह लेख तीन मुख्य पहलुओं — वित्त नीति, आप्रवासन नीति, और विपक्ष के मुकाबले रणनीति — पर गहराई से नज़र डालता है।

भाग 1: ज़ोरान ममदानि की वित्त नीति – “अमीरों से टैक्स, गरीबों के लिए राहत”

ज़ोरान ममदानि की वित्त नीति का केंद्रबिंदु है — “Tax the Rich, Empower the Working Class” यानी “अमीरों पर उचित कर और आम नागरिकों को आर्थिक ताक़त देना।”
उनकी आर्थिक सोच का उद्देश्य है कि न्यूयॉर्क के हर नागरिक को समान अवसर मिले, चाहे वह किरायेदार हो, प्रवासी हो या कामकाजी वर्ग।

उच्च आय वर्ग पर कर सुधार

ममदानि का मानना है कि न्यूयॉर्क के धनाढ्य वर्ग और बड़े कॉर्पोरेट्स ने वर्षों तक कर-छूटों का लाभ उठाया है।
उनका प्रस्ताव है कि—

  • 5 मिलियन डॉलर से अधिक वार्षिक आय वालों पर 2% अतिरिक्त कर लगाया जाए।
  • बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों और लक्ज़री हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर “Urban Wealth Tax” लागू किया जाए।
    इससे प्राप्त राजस्व को वे सार्वजनिक सेवाओं और सस्ती आवास योजनाओं में लगाना चाहते हैं।

“Affordable Housing” पर निवेश

ममदानि का मुख्य चुनावी वादा रहा है कि वे 2 लाख नए सस्ते घर बनाएंगे।
उनका तर्क है कि हर न्यूयॉर्कवासी को “घर” मिलना बुनियादी अधिकार है, न कि लक्ज़री।
उन्होंने “Public Housing Renewal Fund” की घोषणा की है, जिसमें किराए-फ्रीज़ और निम्न आय वाले परिवारों के लिए 0% ब्याज पर ऋण योजना शामिल है।

 “Free Buses, Fair City” कार्यक्रम

न्यूयॉर्क में बस यात्रा को पूरी तरह मुफ्त करने का प्रस्ताव उनके सबसे चर्चित वादों में है।
उनका कहना है—

“अगर शहर कामकाजी लोगों से चलता है, तो उन्हें काम पर पहुँचने के लिए बसों का किराया नहीं देना चाहिए।”

इस योजना के लिए अनुमानित 800 मिलियन डॉलर सालाना खर्च आएगा, जिसे वे कॉर्पोरेट टैक्स और लग्जरी हाउस टैक्स से पूरा करने की बात कहते हैं।

4. लघु व्यापार और स्टार्टअप समर्थन

ममदानि की आर्थिक नीति में छोटे व्यापारियों को विशेष स्थान दिया गया है।

  • “NYC Microbiz Credit” के तहत वे 10,000 डॉलर तक बिना ब्याज के ऋण देंगे।
  • डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स प्रशिक्षण को सरकारी सहायता के दायरे में लाने की योजना है।
    यह न्यूयॉर्क के तकनीकी और युवा उद्यमियों के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है।

आप्रवासन नीति – “Immigrants make New York stronger”

ज़ोरान ममदानि खुद एक आप्रवासी परिवार से आते हैं — उनके पिता युगांडा से और माता भारत से हैं।
इसलिए, उनकी आप्रवासन नीति (Immigration Policy) केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि व्यक्तिगत प्रतिबद्धता है।

Sanctuary City” की मजबूती

ममदानि ने ऐलान किया है कि न्यूयॉर्क “Sanctuary City” बना रहेगा, जहाँ प्रवासियों को सुरक्षा और सम्मान मिलेगा।
उन्होंने कहा है—

“न्यूयॉर्क को बनाना है एक ऐसा शहर जहाँ कोई व्यक्ति अपनी नागरिकता या धर्म के कारण भयभीत न रहे।”

वे प्रवासियों की कानूनी सहायता के लिए “Community Legal Defense Fund” बनाना चाहते हैं, जिससे बिना दस्तावेज़ वाले कामगारों को वकीलों और काउंसलिंग की सुविधा मिलेगी।

Work Authorization for All”

उनकी नीति के तहत, सभी प्रवासियों को कार्य अनुमति और स्वास्थ्य बीमा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
वे फेडरल स्तर पर “Universal Work Authorization” के पक्षधर हैं और कहते हैं कि “काम करने का अधिकार किसी नागरिकता से नहीं, बल्कि इंसान होने से मिलना चाहिए।”

 शरणार्थियों के पुनर्वास केंद्र

उन्होंने “City Refugee Resource Hub” की स्थापना की घोषणा की है जहाँ शरणार्थियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सहायता दी जाएगी।
यह कदम उन्हें न केवल आप्रवासी समुदायों का समर्थन दिला रहा है बल्कि प्रगतिशील युवाओं का भरोसा भी।

आप्रवासियों के बच्चों के लिए शिक्षा नीति

ममदानि की शिक्षा नीति के अनुसार, बिना दस्तावेज़ वाले बच्चों को भी शहर के सार्वजनिक स्कूलों में फीस-फ्री प्रवेश मिलेगा।
उन्होंने यह भी वादा किया है कि ऐसी परिवारों को शिक्षा-लोन या छात्रवृत्ति के लिए भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा।

विपक्ष के मुकाबले रणनीति – “मुद्दों पर जवाब, कि नारों पर”

ममदानि का सबसे बड़ा राजनीतिक संघर्ष है विपक्ष से।
वर्तमान मेयर एरिक एडम्स और पूर्व गवर्नर एंड्र्यू क्यूमो दोनों ही उनके मुख्य प्रतिद्वंदी हैं।
ममदानि की रणनीति पारंपरिक हमलों से अलग है — वे व्यक्तिगत हमलों के बजाय नीति-आधारित जवाब देना पसंद करते हैं।

“People vs. Power” नैरेटिव

उनका पूरा अभियान “People vs. Power” यानी “जनता बनाम सत्ता” पर आधारित है।
वे कहते हैं—

“हम महलों से नहीं, मोहल्लों से राजनीति करेंगे।”

इस संदेश ने उन्हें मजदूर वर्ग, टैक्सी चालकों, अध्यापकों और युवा मतदाताओं में लोकप्रिय बना दिया है।

सोशल मीडिया और जमीनी नेटवर्क

विपक्ष जहाँ बड़े टीवी विज्ञापनों और कॉर्पोरेट दान पर निर्भर है, वहीं ममदानि का पूरा कैंपेन जमीनी स्तर पर संचालित है।

  • 60,000 से अधिक वालंटियर्स उनके “Zohran for NYC” अभियान में सक्रिय हैं।
  • उनका TikTok और Instagram कंटेंट युवाओं को “राजनीति कूल है” का नया संदेश दे रहा है।
    वे सोशल मीडिया को केवल प्रचार नहीं बल्कि संवाद का मंच मानते हैं।

विपक्षी हमलों पर संयमित जवाब

क्यूमो और एडम्स दोनों ने ममदानि को “अनुभवहीन” और “अत्यधिक वामपंथी” कहा।
ममदानि ने इसका जवाब शांत स्वर में दिया—

“अगर अनुभव का मतलब है कि आप अमीरों के लिए काम करें, तो मुझे अनुभव नहीं चाहिए।”

उनकी यह लाइन सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और उनके समर्थकों ने इसे “सच्ची नेतृत्व की निशानी” कहा।

गठबंधन राजनीति की रणनीति

ममदानि ने वामपंथी समूहों, श्रमिक यूनियनों, शिक्षकों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मजबूत गठजोड़ किया है।
इस गठबंधन के तहत वे “Progressive People’s Front” बना रहे हैं, जो स्थानीय चुनावों में भी प्रभाव दिखा सकता है।

ट्रंप समर्थक आलोचना का जवाब

जब कुछ ट्रंप समर्थकों ने उन्हें “मुस्लिम एजेंडा चलाने वाला उम्मीदवार” कहा, तो उन्होंने जवाब दिया—

“मेरा एजेंडा सिर्फ एक है – न्यूयॉर्क को इंसाफ़, समानता और करुणा का शहर बनाना।”
इस बयान ने उनके आलोचकों को शांत कर दिया और सहानुभूति का माहौल बनाया।

निष्कर्ष – नया युग, नई सोच

ज़ोरान ममदानि ने साबित किया है कि राजनीति में ईमानदारी, सामाजिक न्याय और समानता जैसे शब्द अब भी प्रासंगिक हैं।
उनकी वित्त नीति अमीरों से जवाबदेही मांगती है,
उनकी आप्रवासन नीति मानवीयता की मिसाल पेश करती है,
और उनकी विपक्षी रणनीति यह सिखाती है कि सच्ची राजनीति नारों से नहीं, नीतियों से बनती है।

अगर नवंबर 2025 के चुनाव में ममदानि मेयर बनते हैं,
तो यह न केवल न्यूयॉर्क की बल्कि पूरी अमेरिकी राजनीति की दिशा बदलने वाला क्षण होगा।
एक भारतीय मूल के मुस्लिम नेता के रूप में उनकी जीत इस बात का सबूत होगी कि विविधता अब अमेरिका की ताकत है, कमजोरी नहीं।”

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