SBI FD Interest Rates: अगर आप अपनी बचत को शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रखकर फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो अगस्त 2026 में बैंक FD की ब्याज दरों पर नजर रखना जरूरी है। खासकर इसलिए क्योंकि देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI ने ₹3 करोड़ और उससे अधिक की बल्क टर्म डिपॉजिट पर चुनिंदा अवधि के लिए ब्याज दरों में कटौती की है। नई दरें 15 अगस्त 2026 से लागू हो चुकी हैं। हालांकि, यह बदलाव आम ग्राहकों की ₹3 करोड़ से कम वाली सामान्य FD पर लागू नहीं हुआ है। taazanews24x7.com
दूसरी तरफ, छोटी रकम वाले निवेशकों के लिए कुछ Small Finance Banks अभी भी 7 फीसदी से ज्यादा ब्याज वाली FD पेश कर रहे हैं। इनमें Unity Small Finance Bank की 501 दिन की स्पेशल FD खास तौर पर चर्चा में है। बैंक सामान्य ग्राहकों को इस अवधि पर 7.80 फीसदी और वरिष्ठ नागरिकों को 8.30 फीसदी सालाना ब्याज दे रहा है।
ऐसे में सवाल सीधा है—अगर आपके पास ₹5 लाख हैं और आप उन्हें FD में लगाना चाहते हैं, तो कहां ज्यादा फायदा मिल सकता है? क्या SBI की FD बेहतर है या 501 दिन की स्पेशल FD जैसी योजनाओं में ज्यादा रिटर्न मिल सकता है? आइए आसान भाषा में पूरा हिसाब समझते हैं।
SBI ने बल्क FD पर क्यों घटाई ब्याज दर?
सबसे पहले SBI के बदलाव को समझना जरूरी है। यहां एक बात स्पष्ट है कि यह कटौती हर SBI ग्राहक की FD पर नहीं हुई है। SBI ने ₹3 करोड़ या उससे अधिक की घरेलू बल्क टर्म डिपॉजिट की कुछ अवधि वाली FD पर ब्याज दर घटाई है। बैंक की संशोधित दरें 15 अगस्त 2026 से लागू हैं।
SBI ने 7 दिन से 179 दिन की बल्क FD पर ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25 प्रतिशत अंक की कटौती की है। वहीं 180 दिन से 210 दिन की अवधि वाली FD पर 10 बेसिस पॉइंट यानी 0.10 प्रतिशत अंक की कमी की गई है।
हालांकि, 211 दिन से लेकर 10 साल तक की अन्य बल्क FD दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी यह कहना सही नहीं होगा कि SBI ने सभी FD पर ब्याज घटा दिया है।

SBI की नई बल्क FD दरें
| अवधि | सामान्य ग्राहक | वरिष्ठ नागरिक |
| 7-14 दिन | 4.25% | 4.75% |
| 15-45 दिन | 4.75% | 5.25% |
| 46-179 दिन | 4.85% | 5.35% |
| 180-210 दिन | 5.50% | 6.00% |
| 211 दिन से 1 साल से कम | 5.60% | 6.10% |
| 1 साल से 2 साल से कम | 6.25% | 6.75% |
| 2 साल से 3 साल से कम | 6.15% | 6.65% |
| 3 साल से 5 साल से कम | 6.00% | 6.50% |
| 5 साल से 10 साल | 6.00% | 6.50% |
ये दरें ₹3 करोड़ और उससे अधिक की बल्क डिपॉजिट के लिए हैं।
यहां निवेशकों को सबसे बड़ी बात याद रखनी चाहिए—₹5 लाख की SBI FD पर ये बल्क FD दरें लागू नहीं होतीं। SBI की ₹3 करोड़ से कम वाली सामान्य FD की दरें अलग हैं और बैंक ने इस बदलाव में उन्हें संशोधित नहीं किया है।
₹5 लाख वाले निवेशक के लिए असली तस्वीर क्या है?
अब आते हैं उस सवाल पर जिसमें ज्यादातर छोटे निवेशकों की दिलचस्पी होगी।
मान लीजिए आपके पास ₹5 लाख हैं। आप इसे बैंक FD में लगाना चाहते हैं और आपकी प्राथमिकता है कि पैसा सुरक्षित रहे और साथ में बैंक जमा पर अच्छा ब्याज भी मिले।
ऐसी स्थिति में केवल SBI की ब्याज दर देखकर फैसला करना सही तरीका नहीं है। आपको कम से कम तीन चीजों की तुलना करनी चाहिए—
ब्याज दर, FD की अवधि और बैंक का जोखिम प्रोफाइल।
यही वजह है कि 501 दिन की Unity Small Finance Bank FD निवेशकों का ध्यान खींच रही है।

501 दिन की Unity FD पर 7.80% ब्याज
Unity Small Finance Bank ने 11 जून 2026 से अपनी 501 दिन की विशेष FD पर ब्याज दर बढ़ाकर 7.80% सालाना कर दी थी। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यही दर 8.30% है। बैंक की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक यह दर ₹3 करोड़ से कम की रिटेल FD के लिए है।
यहां सबसे खास बात यह है कि 501 दिन की अवधि के लिए मिलने वाली 7.80% दर उसी बैंक की आसपास की कई अन्य अवधियों से ज्यादा है।
उदाहरण के लिए बैंक 1 साल की FD पर सामान्य ग्राहकों को 7.50% और 501 दिन पर 7.80% दे रहा है। 502 दिन से आगे की कई अवधियों में सामान्य दर 6.75% हो जाती है।
यानी 501 दिन की अवधि को एक तरह से स्पेशल टेन्योर बनाया गया है।
₹5 लाख की FD पर 501 दिन में कितना फायदा?
अब सबसे महत्वपूर्ण हिसाब।
अगर कोई सामान्य ग्राहक ₹5 लाख को 501 दिन के लिए 7.80% सालाना ब्याज दर वाली FD में निवेश करता है, तो केवल साधारण ब्याज के आधार पर मोटा अनुमान करीब ₹53,400 के आसपास बैठता है।
लेकिन FD में ब्याज के भुगतान और compounding के तरीके के कारण वास्तविक maturity amount इससे अलग हो सकता है। यदि ब्याज को बैंक की लागू compounding frequency के अनुसार जमा किया जाता है, तो अनुमानित ब्याज लगभग ₹55,900 के आसपास हो सकता है।
इस हिसाब से ₹5 लाख की राशि 501 दिन बाद करीब ₹5.56 लाख के आसपास पहुंच सकती है। हालांकि यह एक अनुमानित गणना है। वास्तविक maturity amount FD के प्रकार, ब्याज भुगतान विकल्प, compounding नियम और बैंक की गणना पद्धति पर निर्भर करेगा।
इसलिए निवेश करने से पहले बैंक के FD calculator या deposit advice में दिखाई गई maturity value को अंतिम मानना चाहिए।
अगर निवेशक वरिष्ठ नागरिक है?
वरिष्ठ नागरिकों के लिए तस्वीर और आकर्षक हो जाती है। Unity Bank 501 दिन की FD पर 8.30% सालाना ब्याज दे रहा है।
₹5 लाख पर 8.30% की दर से 501 दिन के लिए ब्याज सामान्य ग्राहक की तुलना में ज्यादा होगा। Compounding के आधार पर मोटे अनुमान में यह राशि करीब ₹5.89 लाख के आसपास जा सकती है। फिर से, वास्तविक maturity value बैंक की लागू गणना और payout option के हिसाब से तय होगी।
यानी एक ही ₹5 लाख पर senior citizen को सामान्य ग्राहक से बेहतर ब्याज मिल सकता है।
क्या 7.80% देखकर तुरंत FD कर देनी चाहिए?
यहीं पर थोड़ा रुकना जरूरी है।
FD में केवल ब्याज दर सबसे महत्वपूर्ण चीज नहीं होती। बैंक का प्रकार भी मायने रखता है। Unity एक Small Finance Bank है, जबकि SBI देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है।
दोनों के बीच तुलना करते समय निवेशक को बैंक की मजबूती के साथ-साथ DICGC deposit insurance limit, FD की शर्तें, premature withdrawal rules और अपने कुल बैंक डिपॉजिट का वितरण भी देखना चाहिए।
DICGC के नियमों के तहत पात्र बैंक जमा पर बीमा सीमा एक जमाकर्ता के लिए एक बैंक में कुल मिलाकर ₹5 लाख तक होती है, जिसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल होते हैं। इसलिए बड़ी रकम को एक ही बैंक में रखने के बजाय कई बैंकों में बांटना कई निवेशकों के लिए एक व्यावहारिक जोखिम प्रबंधन तरीका हो सकता है।
यहां यह भी समझना जरूरी है कि ₹5 लाख की FD का मतलब यह नहीं है कि हर स्थिति में पूरा ₹5 लाख बीमा सीमा के भीतर ही रहेगा, क्योंकि उसी बैंक में आपके अन्य पात्र जमा और उस पर जमा ब्याज भी कुल गणना में शामिल हो सकते हैं।

SBI की सामान्य FD और 501 दिन की FD में क्या अंतर?
SBI की ₹3 करोड़ से कम वाली सामान्य FD पर मौजूदा दरें इस बल्क FD कटौती से अलग हैं। बैंक की उपलब्ध दरों के अनुसार सामान्य ग्राहकों के लिए 1 साल से 2 साल से कम की अवधि पर 6.25%, 2 साल से 3 साल से कम पर 6.40% और 3 साल से 5 साल से कम पर 6.30% की दर है। 5 साल से 10 साल की अवधि पर दर 6.05% है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए संबंधित दरें ज्यादा हैं।
इसका मतलब यह है कि अगर किसी व्यक्ति के पास ₹5 लाख हैं, तो उसे SBI की बल्क FD दर से तुलना नहीं करनी चाहिए। उसे SBI की सामान्य retail FD rate की तुलना Unity की 501-day retail FD से करनी होगी।
यही वह जगह है जहां FD से जुड़ी खबरों में निवेशक अक्सर भ्रमित हो जाते हैं।
₹3 करोड़ की सीमा बहुत महत्वपूर्ण है।
SBI की नई कटौती ₹3 करोड़ या उससे अधिक की बल्क डिपॉजिट के लिए है। ₹5 लाख वाले ग्राहक के लिए इसका सीधा असर नहीं है।
5 लाख को 5 साल के लिए कहां रखना बेहतर?
अगर निवेशक की जरूरत 501 दिन की नहीं बल्कि पांच साल की है, तो तस्वीर फिर बदल जाती है।
HDFC Bank की आधिकारिक दर तालिका के मुताबिक 5 साल से ज्यादा और 10 साल तक की अवधि के लिए सामान्य ग्राहकों की दर 6.15% है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6.65% है।
ICICI Bank की 1 अगस्त 2026 से प्रभावी दरों में 3 साल 1 दिन से 5 साल और 5 साल 1 दिन से 10 साल की अवधि के लिए सामान्य ग्राहक की दर 6.50% और वरिष्ठ नागरिक की दर 7% है।
इसलिए पांच साल के निवेश के लिए केवल 501 दिन की FD को देखकर फैसला नहीं किया जा सकता। यहां निवेशक को पूरी अवधि, ब्याज की compounding और maturity amount की तुलना करनी चाहिए।
Small Finance Banks ज्यादा ब्याज क्यों देते हैं?
यह सवाल भी काफी महत्वपूर्ण है।
Small Finance Banks अक्सर बड़ी commercial banks की तुलना में कुछ अवधियों पर ज्यादा FD interest offer करते हैं। इसका उद्देश्य deposits जुटाना और अपने बैंकिंग कारोबार को बढ़ाना भी होता है।
अगस्त 2026 में कई Small Finance Banks चुनिंदा अवधियों पर 8 फीसदी या उससे अधिक की सामान्य FD दरें दे रहे हैं। उदाहरण के तौर पर Unity 501 दिन पर 7.80%, जबकि कुछ अन्य Small Finance Banks कुछ दूसरी अवधियों पर 8% से ऊपर की दरें दे रहे हैं।
लेकिन ज्यादा ब्याज का मतलब यह नहीं कि निवेशक को बिना जांच किए FD खोल लेनी चाहिए।
FD में पैसा लगाने से पहले बैंक की जमा बीमा व्यवस्था, बैंक की वित्तीय स्थिति, premature withdrawal penalty और आपकी कुल जमा राशि को देखना जरूरी है।
FD में Tax का भी रखें ध्यान
FD से मिलने वाला ब्याज आपकी कुल taxable income में शामिल हो सकता है। इसलिए सिर्फ बैंक द्वारा बताई गई ब्याज दर को देखकर वास्तविक कमाई का अंदाजा लगाना ठीक नहीं है।
उदाहरण के लिए अगर किसी निवेशक को FD से ₹50,000 या ₹60,000 ब्याज मिलता है, तो उसकी tax liability उसके कुल taxable income और लागू tax rules पर निर्भर करेगी।
TDS और final tax liability एक ही चीज नहीं हैं। बैंक द्वारा TDS काटे जाने या न काटे जाने से यह तय नहीं होता कि ब्याज taxable है या नहीं।
इसलिए बड़े निवेश पर FD करने से पहले tax impact को भी गणना में शामिल करना समझदारी है।
क्या FD में पूरा पैसा एक ही बैंक में रखना चाहिए?
मान लीजिए किसी व्यक्ति के पास ₹15 लाख हैं। उसके सामने दो रास्ते हैं—पूरे ₹15 लाख एक ही बैंक में FD करना या अलग-अलग बैंकों में FD बनाना।
दूसरे विकल्प से बैंकिंग जोखिम को फैलाया जा सकता है। हालांकि अलग-अलग बैंकों की ब्याज दर, सुविधा और शर्तें अलग होती हैं।
अगर निवेशक का उद्देश्य सिर्फ अधिकतम ब्याज कमाना है, तो वह सबसे ज्यादा rate वाली FD देख सकता है। लेकिन अगर उद्देश्य सुरक्षा + liquidity + predictable return है, तो portfolio को अलग-अलग FD में बांटना ज्यादा व्यावहारिक हो सकता है।
Premature Withdrawal को नजरअंदाज न करें
FD बनाते समय ज्यादातर लोग सिर्फ maturity date देखते हैं। लेकिन असली जरूरत तब सामने आती है जब अचानक पैसे की जरूरत पड़ती है।
SBI की बल्क FD में नई जमा और renewal के लिए premature withdrawal पर 1% penalty लागू है।
Retail FD में भी बैंक की अपनी premature withdrawal conditions हो सकती हैं।
इसलिए FD बनाने से पहले यह जरूर देखें कि अगर आपको तय अवधि से पहले पैसा निकालना पड़ा तो बैंक कितना ब्याज देगा और क्या penalty लगेगी।
501 दिन की FD किसके लिए बेहतर हो सकती है?
501 दिन की FD उन निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकती है जिन्हें—
- करीब डेढ़ साल के आसपास पैसा सुरक्षित रखना है।
- शेयर बाजार के जोखिम से बचना है।
- नियमित बैंक FD से ज्यादा ब्याज की तलाश है।
- 501 दिन तक पैसे को लॉक रखने में परेशानी नहीं है।
- Small Finance Bank की FD की शर्तों और जोखिम को समझकर निवेश करना है।
वहीं जिन लोगों को कभी भी पैसे की जरूरत पड़ सकती है, उनके लिए पूरी रकम को लंबी अवधि की FD में लॉक करना सही रणनीति नहीं हो सकती।
निवेश करने से पहले ये 7 बातें जरूर जांचें
FD खोलना आसान है, लेकिन सही FD चुनना उससे ज्यादा जरूरी है।
पहली बात—Interest Rate: सिर्फ headline rate नहीं, बल्कि effective yield और maturity amount देखें।
दूसरी बात—Tenure: 501 दिन, 1 साल या 5 साल—आपकी जरूरत के हिसाब से अवधि चुनें।
तीसरी बात—Premature Withdrawal: समय से पहले पैसा निकालने पर penalty और interest calculation समझें।
चौथी बात—Tax: ब्याज पर लागू tax impact को ध्यान में रखें।
पांचवीं बात—Deposit Insurance: बैंक में आपकी कुल जमा राशि और लागू DICGC coverage को समझें।
छठी बात—Senior Citizen Benefit: अगर निवेशक वरिष्ठ नागरिक है तो अतिरिक्त ब्याज का फायदा जरूर देखें।
सातवीं बात—Liquidity: emergency fund को FD में पूरी तरह लॉक न करें।
आखिर ₹5 लाख वाले निवेशक के लिए क्या निष्कर्ष?
अगस्त 2026 में FD निवेशकों के सामने तस्वीर थोड़ी दिलचस्प है। एक तरफ SBI ने ₹3 करोड़ और उससे ज्यादा की बल्क FD पर छोटी अवधि की ब्याज दरों में कटौती की है। 7 से 179 दिन की अवधि में 25 bps और 180 से 210 दिन में 10 bps की कटौती की गई है। वहीं 211 दिन से 10 साल तक की बल्क FD दरों को जस का तस रखा गया है।
दूसरी तरफ ₹3 करोड़ से कम की रिटेल FD के लिए Unity Small Finance Bank की 501 दिन की FD 7.80% की दर के कारण ध्यान खींच रही है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यही दर 8.30% है।
₹5 लाख लगाने वाले निवेशक के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि SBI की बल्क FD दर को अपनी FD से तुलना न करें, क्योंकि ₹5 लाख बल्क डिपॉजिट की श्रेणी में नहीं आता।
अगर आपका लक्ष्य करीब 501 दिन के लिए पैसा रखना है, तो Unity जैसी FD की दर आकर्षक दिख सकती है। लेकिन अगर आपका लक्ष्य पांच साल या उससे ज्यादा का है, तो SBI, HDFC Bank, ICICI Bank और अन्य बैंकों की समान अवधि वाली FD का maturity amount, tax impact और सुरक्षा पहलुओं के साथ तुलना करना ज्यादा सही रहेगा।
आखिर में फैसला सिर्फ 7.80% देखकर न लें। FD में सही सवाल यह नहीं है कि कौन-सा बैंक सबसे ज्यादा ब्याज दे रहा है, बल्कि यह है कि आपकी रकम, अवधि, liquidity जरूरत और जोखिम के हिसाब से कौन-सी FD सबसे बेहतर बैठती है।