नई दिल्ली, 8 अक्टूबर 2025: त्योहारी सीजन में सोने-चांदी के आज के रेटकी शुरुआत के साथ ही सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का दौर जारी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर इंडेक्स की कमजोरी,भू-राजनीतिक तनाव और घरेलू मांग में बढ़ोतरी के चलते भारत में सोने-चांदी के दाम ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। निवेशकों और ग्राहकों दोनों की नजर अब आने वाले दिनों के संभावित रुझानों पर है। Taazanews24x7.com
सोने-चांदी के आज के रेट (Gold Price Today)
आज 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के दामों में हल्की बढ़त दर्ज की गई। प्रमुख महानगरों में Gold के ताज़ा रेट इस प्रकार हैं:
| शहर | 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) | 22 कैरेट सोना (10 ग्राम) |
| दिल्ली | ₹63,450 | ₹58,200 |
| मुंबई | ₹63,320 | ₹58,050 |
| चेन्नई | ₹63,700 | ₹58,500 |
| कोलकाता | ₹63,280 | ₹58,100 |
| जयपुर | ₹63,500 | ₹58,250 |
| लखनऊ | ₹63,400 | ₹58,180 |
| अहमदाबाद | ₹63,360 | ₹58,100 |
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सोने के दाम 63,000 रुपये के ऊपर रहना इस बात का संकेत है कि निवेशक लंबी अवधि में इसमें भरोसा दिखा रहे हैं।
आज का चांदी का रेट (Silver Price Today)
चांदी के दामों में भी आज तेजी देखी गई। औद्योगिक मांग और त्योहारों के सीजन में बढ़ती खरीदारी ने चांदी को मजबूती दी है।
| शहर | चांदी (1 किलो) |
| दिल्ली | ₹75,400 |
| मुंबई | ₹75,250 |
| जयपुर | ₹75,450 |
| अहमदाबाद | ₹75,320 |
| चेन्नई | ₹75,600 |
| कोलकाता | ₹75,350 |
पिछले एक महीने में चांदी की कीमतों में करीब ₹2,500 प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। औद्योगिक और इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर की बढ़ती मांग के चलते आने वाले हफ्तों में यह तेजी और बढ़ सकती है।

क्यों बढ़ रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
- डॉलर की कमजोरी: डॉलर इंडेक्स में गिरावट से सोने की वैश्विक कीमतों को सपोर्ट मिला।
- फेस्टिव सीजन की डिमांड: नवरात्र, धनतेरस और दिवाली की आहट के चलते ज्वेलरी मार्केट में डिमांड बढ़ी है।
- अंतरराष्ट्रीय तनाव: यूरोप और मध्यपूर्व में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित एसेट्स जैसे सोना चुन रहे हैं।
- कच्चे तेल की अस्थिरता: कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव से महंगाई का डर बढ़ता है, जिससे गोल्ड की ओर रुझान बढ़ता है।
निवेशकों के लिए क्या है अवसर?
वित्त विशेषज्ञों के अनुसार, यह समय दीर्घकालिक निवेश के लिए बेहतर है। जो निवेशक सोने में निवेश करना चाहते हैं, वे Sovereign Gold Bond, Gold ETF, या Digital Gold जैसे सुरक्षित विकल्पों का चयन कर सकते हैं।
शॉर्ट टर्म में हल्की प्रॉफिट बुकिंग संभव है, लेकिन आने वाले महीनों में कीमतों के ₹65,000 तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुझान
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड स्पॉट प्राइस $2,390 प्रति औंस और सिल्वर स्पॉट प्राइस $28.70 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहे हैं।
कॉमेक्स फ्यूचर्स में भी दोनों कीमती धातुओं में तेजी देखी जा रही है। डॉलर इंडेक्स 105.4 तक गिरा है, जिससे सोने को अतिरिक्त सपोर्ट मिला है।
अगले 7 दिनों का अनुमानित रुझान (Gold-Silver Forecast)
बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि आने वाले हफ्ते में सोने और चांदी के दामों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
| धातु | सपोर्ट लेवल | रेज़िस्टेंस लेवल | अनुमानित रुझान |
| सोना (10 ग्राम) | ₹62,800 | ₹64,000 | हल्की तेजी संभव |
| चांदी (1 किलो) | ₹74,500 | ₹76,200 | तेजी जारी रह सकती है |
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड $2,400 प्रति औंस का स्तर पार कर लेता है, तो भारत में सोने की कीमतें ₹64,000 के ऊपर जा सकती हैं। वहीं चांदी ₹76,500 तक पहुंच सकती है।
त्योहारी सीजन से बढ़ेगी डिमांड
ज्वेलरी मार्केट में पहले से ही ग्राहकों की भीड़ बढ़ रही है। दिल्ली और मुंबई के ज्वेलर्स का कहना है कि इस बार बिक्री पिछले साल की तुलना में 10-15% अधिक रहने की उम्मीद है।
धनतेरस और दिवाली के दौरान सोने की बुकिंग्स ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी बढ़ गई हैं।
Gold vs Silver Investment Comparison 2025
| कारक | सोना (Gold) | चांदी (Silver) |
| मूल्य स्थिरता | स्थिर और सुरक्षित | ज्यादा उतार-चढ़ाव वाला |
| निवेश रिटर्न (2024) | 13-14% औसतन | 18-20% औसतन |
| जोखिम स्तर | कम | मध्यम से ज्यादा |
| औद्योगिक उपयोग | बहुत कम | ज्यादा (EV, इलेक्ट्रॉनिक्स) |
| तरलता (Liquidity) | उच्च | मध्यम |
| लंबी अवधि का दृष्टिकोण (2025) | स्थिर बढ़त | संभावित तेज़ उछाल |
विशेषज्ञ राय:
यदि आप स्थिर रिटर्न और कम जोखिम चाहते हैं तो सोना बेहतर विकल्प है।
लेकिन अगर आप थोड़े जोखिम के साथ तेज़ मुनाफा चाहते हैं, तो 2025 में चांदी एक आकर्षक निवेश साबित हो सकती है। मोतीलाल ओसवाल, ICICI डायरेक्ट और एंजेल वन जैसे ब्रोकरेज हाउस का अनुमान है कि दिसंबर 2025 तक सोना ₹65,000–₹66,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है, जबकि चांदी ₹80,000 प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
निष्कर्ष त्योहारी मांग, डॉलर की कमजोरी और वैश्विक परिस्थितियों के कारण सोने-चांदी की कीमतें ऊंचाई पर बनी हुई हैं।
निवेशकों के लिए यह समय सुनहरा अवसर है — सोना स्थिरता का प्रतीक है, जबकि चांदी उच्च रिटर्न का संकेत दे रही है।
आने वाले हफ्तों में इन धातुओं के भाव में और तेजी देखने की संभावना है।