टीवी और फिटनेस जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। रियलिटी शो MTV Splitsvilla 7 के चर्चित कंटेस्टेंट और छह बार ‘मिस्टर इंडिया’ का खिताब अपने नाम कर चुके Mayank Pawar का 37 साल की उम्र में अचानक निधन हो गया। इस खबर ने न सिर्फ उनके परिवार और करीबी दोस्तों को, बल्कि पूरी फिटनेस कम्युनिटी और उनके लाखों चाहने वालों को गहरे सदमे में डाल दिया है। taazanews24x7.com
बताया जा रहा है कि उनकी मौत अचानक हुई। शुरुआती जानकारी में मृत्यु के कारण का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है। परिवार ने इस कठिन समय में गोपनीयता बनाए रखने की अपील की है। लेकिन एक बात साफ है—इतनी कम उम्र में एक फिट और सक्रिय बॉडीबिल्डर का यूं चले जाना हर किसी को झकझोर रहा है।

फिटनेस की दुनिया का चमकता सितारा
Mayank Pawar का नाम देश की बॉडीबिल्डिंग इंडस्ट्री में सम्मान के साथ लिया जाता था। उन्होंने छह बार ‘मिस्टर इंडिया’ का खिताब जीतकर खुद को शीर्ष एथलीट्स की कतार में खड़ा किया। यह उपलब्धि किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होती। इसके पीछे वर्षों की कठोर ट्रेनिंग, सख्त डाइट, मानसिक अनुशासन और अटूट समर्पण छिपा होता है।
Mayank Pawar की पहचान सिर्फ उनकी मसल्स या स्टेज प्रेजेंस तक सीमित नहीं थी। वे एक मोटिवेशनल शख्सियत भी थे। सोशल मीडिया पर वे नियमित रूप से फिटनेस टिप्स, डाइट प्लान और मोटिवेशनल संदेश साझा करते थे। युवाओं के बीच वे एक रोल मॉडल बन चुके थे।
‘स्प्लिट्सविला 7’ से मिली राष्ट्रीय पहचान
Mayank Pawar को देशभर में पहचान मिली MTV Splitsvilla 7 से। यह शो युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय रहा है। उस सीजन को होस्ट कर रही थीं बॉलीवुड अभिनेत्री Sunny Leone और मशहूर वी जे Nikhil Chinapa।
शो में Mayank Pawar का आत्मविश्वास, उनका एथलेटिक शरीर और उनका शांत लेकिन मजबूत व्यक्तित्व दर्शकों को खूब पसंद आया। वे उन प्रतिभागियों में से थे जो शो में सिर्फ ड्रामा नहीं, बल्कि अपने टैलेंट और पर्सनैलिटी से जगह बनाते हैं।
कहा जाता है कि एक फिटनेस-आधारित टास्क के दौरान उनकी मेहनत और समर्पण को देखकर सनी लियोनी भावुक हो गई थीं। वह पल शो के सबसे यादगार पलों में से एक माना जाता है। यही वह समय था जब देशभर के दर्शकों ने मयंक को सिर्फ एक बॉडीबिल्डर नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और मेहनती इंसान के रूप में पहचाना।

संघर्ष से सफलता तक की कहानी
Mayank Pawar की सफलता रातोंरात नहीं आई थी। वे एक साधारण पृष्ठभूमि से आते थे। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बॉडीबिल्डिंग को अपना जुनून बनाया।
सुबह 4 बजे उठकर ट्रेनिंग करना, सख्त डाइट फॉलो करना और प्रतियोगिताओं के लिए महीनों तक खुद को अनुशासित रखना—यह सब उनकी दिनचर्या का हिस्सा था।
कई इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि शुरुआत में उन्हें जिम फीस तक भरने में दिक्कत होती थी। लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। धीरे-धीरे उन्होंने लोकल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और फिर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे।
छह बार ‘मिस्टर इंडिया’ बनना इस बात का प्रमाण है कि वे सिर्फ भाग लेने नहीं, बल्कि जीतने के इरादे से मैदान में उतरते थे।
अचानक आई मौत की खबर, शॉक में फैंस
मंगलवार देर रात जब Mayank Pawar के निधन की खबर सामने आई, तो सोशल मीडिया पर शोक संदेशों की बाढ़ आ गई। इंस्टाग्राम, फेसबुक और X (ट्विटर) पर #MayankPawar ट्रेंड करने लगा।
फैंस ने लिखा—
“इतना फिट इंसान अचानक कैसे चला गया?”
“आप हमेशा प्रेरणा रहेंगे।”
“विश्वास नहीं हो रहा कि आप अब हमारे बीच नहीं हैं।”
कई फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स और बॉडीबिल्डर्स ने उनकी तस्वीरें साझा कर श्रद्धांजलि दी। कुछ ने लिखा कि वे हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते थे और नए एथलीट्स को गाइड करते थे।
फिटनेस इंडस्ट्री में उठे सवाल
हालांकि मौत का कारण अभी सामने नहीं आया है, लेकिन फिटनेस इंडस्ट्री में हेल्थ और सेफ्टी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। बॉडीबिल्डिंग एक ऐसा खेल है जिसमें शरीर पर अत्यधिक दबाव पड़ता है।
- कड़ी ट्रेनिंग
- कैलोरी डेफिसिट डाइट
- सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल
- स्टेज प्रेप के दौरान डिहाइड्रेशन
इन सभी कारकों का स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित मेडिकल चेकअप और संतुलित ट्रेनिंग बेहद जरूरी है।

हालांकि इस मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, लेकिन यह घटना एक बार फिर फिटनेस कम्युनिटी को सतर्क कर रही है।
निजी जीवन और व्यक्तित्व
मयंक पवार अपने परिवार से बेहद जुड़े हुए थे। वे अपनी निजी जिंदगी को ज्यादा सार्वजनिक नहीं करते थे, लेकिन सोशल मीडिया पर कभी-कभी माता-पिता के साथ तस्वीरें साझा करते थे।
करीबी लोगों का कहना है कि वे बेहद जमीन से जुड़े इंसान थे। सफलता के बावजूद उनमें घमंड नहीं था। वे नए एथलीट्स को फ्री में गाइड करने से भी नहीं हिचकिचाते थे।
उनका मानना था कि फिटनेस सिर्फ मसल्स बनाने का नाम नहीं, बल्कि एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का तरीका है।
आखिरी पोस्ट ने किया भावुक
मयंक का हालिया सोशल मीडिया पोस्ट अब फैंस को भावुक कर रहा है। उन्होंने लिखा था—
“आपकी मेहनत ही आपकी असली पहचान है। हार मानना विकल्प नहीं है।”
यह संदेश अब उनके चाहने वालों के लिए एक आखिरी प्रेरणा की तरह है।
रियलिटी शो के बाद का करियर
Splitsvilla के बाद मयंक ने मॉडलिंग, फिटनेस ट्रेनिंग और ब्रांड प्रमोशन में भी कदम रखा। वे कई जिम चेन और फिटनेस ब्रांड्स से जुड़े हुए थे।
उन्होंने कई शहरों में फिटनेस वर्कशॉप आयोजित कीं और युवाओं को नैचुरल बॉडीबिल्डिंग के लिए प्रेरित किया। उनका फोकस हमेशा क्लीन डाइट और अनुशासित ट्रेनिंग पर रहा।
इंडस्ट्री की प्रतिक्रियाएं
टीवी और फिटनेस जगत की कई हस्तियों ने शोक जताया है। कई कलाकारों और एथलीट्स ने कहा कि मयंक का जाना एक बड़ी क्षति है।
उनके साथ काम कर चुके लोगों का कहना है कि वे सेट पर भी उतने ही प्रोफेशनल थे जितने जिम में।
एक अधूरी कहानी
37 साल की उम्र कोई जाने की उम्र नहीं होती। मयंक पवार के कई सपने अभी बाकी थे। वे युवाओं के लिए एक फिटनेस अकादमी शुरू करना चाहते थे, जहां ट्रेनिंग के साथ-साथ सही मार्गदर्शन भी मिले।
उनकी मौत ने यह सवाल भी छोड़ा है कि क्या हम अपने स्वास्थ्य को लेकर पर्याप्त सजग हैं?
मयंक की कहानी हमें सिखाती है कि सफलता मेहनत से मिलती है, लेकिन स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन है।

श्रद्धांजलि
Mayank Pawar सिर्फ एक बॉडीबिल्डर नहीं थे, बल्कि एक प्रेरणा थे। उनकी मुस्कान, उनका आत्मविश्वास और उनका जज्बा हमेशा याद किया जाएगा।
उनकी उपलब्धियां और उनके मोटिवेशनल शब्द आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।
ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और परिवार को इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करे।