क्या Bhagirath Bhatt बनेंगे ‘बिग बॉस 20’ का हिस्सा? सितार के सुरों से स्टारडम तक और अब रियलिटी शो की दहलीज पर खड़े एक कलाकार की पूरी कहानी

देश के सबसे चर्चित और बहुप्रतीक्षित रियलिटी शो बिग बॉस का 20वां सीजन शुरू होने से पहले ही सुर्खियों में है। हर साल की तरह इस बार भी संभावित कंटेस्टेंट्स के नामों को लेकर सोशल मीडिया पर अटकलों का बाजार गर्म है। टीवी सितारों से लेकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स तक कई नाम सामने आ रहे हैं। लेकिन जिन नामों ने इस बार दर्शकों को चौंकाया है, उनमें एक नाम खास तौर पर चर्चा में है—सितार वादक और संगीतकार भगीरथ भट्टtaazanews24x7.com

क्या सचमुच शास्त्रीय संगीत की दुनिया का यह संजीदा कलाकार सलमान खान के शो ‘बिग बॉस 20’ में नजर आएगा? या यह सिर्फ एक अफवाह है जो टीआरपी और चर्चा के लिए उछाली जा रही है? इस सवाल का जवाब तलाशने से पहले जरूरी है कि हम समझें कि आखिर भगीरथ भट्ट हैं कौन, और क्यों उनका नाम बिग बॉस जैसे मंच से जुड़ते ही इतना बड़ा मुद्दा बन गया है।

शास्त्रीय संगीत का युवा चेहरा: कौन हैं भगीरथ भट्ट?

भगीरथ भट्ट उन चुनिंदा युवा कलाकारों में शामिल हैं जिन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। सितार जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्र को उन्होंने सिर्फ एक क्लासिकल इंस्ट्रूमेंट की सीमाओं में नहीं बांधा, बल्कि उसे आधुनिक प्रयोगों के साथ जोड़ा।

उनकी पहचान सिर्फ एक वादक की नहीं, बल्कि एक विचारशील संगीतकार की भी है। मंच पर उनकी मौजूदगी सादगी भरी होती है, लेकिन जैसे ही उनकी उंगलियां तारों को छूती हैं, माहौल बदल जाता है। रागों की गहराई, आलाप की विस्तारपूर्ण शैली और तानों की सटीकता—ये सब उनके वर्षों के कठिन रियाज़ का परिणाम हैं।

भगीरथ का संगीत सफर आसान नहीं रहा। छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचने में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। सीमित संसाधन, अवसरों की कमी और शास्त्रीय संगीत के प्रति युवाओं की घटती दिलचस्पी—इन सबके बीच उन्होंने खुद को स्थापित किया।

From Strings to Stardom: एक प्रेरक यात्रा

भगीरथ भट्ट की कहानी किसी प्रेरक फिल्म की पटकथा जैसी लगती है। बचपन से ही संगीत के प्रति झुकाव था। परिवार ने समर्थन दिया, लेकिन राह आसान नहीं थी। सुबह के लंबे रियाज़, गुरु के सख्त अनुशासन और मंच पर खुद को साबित करने की बेचैनी—यही उनकी दिनचर्या थी।

कई बार छोटे-छोटे आयोजनों में प्रस्तुति देकर वे घर लौटते थे, लेकिन उम्मीद कभी नहीं छोड़ी। धीरे-धीरे उन्हें बड़े मंच मिलने लगे। संगीत महोत्सवों में सराहना मिली। आलोचकों ने उनके बजाने की शैली को “परंपरा और आधुनिकता का संतुलित संगम” बताया।

डिजिटल दौर ने उनके करियर को नई दिशा दी। जब उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने फ्यूजन प्रयोग साझा किए, तो युवाओं ने उन्हें हाथों-हाथ लिया। इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर उनके वीडियो वायरल होने लगे। सितार की धुनें, जो कभी सिर्फ संगीत सभाओं तक सीमित थीं, अब लाखों मोबाइल स्क्रीन पर गूंजने लगीं।

यहीं से शुरू हुआ उनका ‘Strings to Stardom’ का सफर।

बिग बॉस 20: क्यों जुड़ा उनका नाम?

‘बिग बॉस’ सिर्फ एक शो नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक घटना बन चुका है। यहां आने वाला हर चेहरा अचानक सुर्खियों में आ जाता है। चाहे वह टीवी स्टार हो, फिल्मी हस्ती हो या सोशल मीडिया सेंसेशन—बिग बॉस का मंच सबको नई पहचान देता है।

इस बार खबरें आईं कि मेकर्स ऐसे प्रतिभाशाली चेहरों को शामिल करना चाहते हैं जो सिर्फ विवादों के लिए नहीं, बल्कि अपनी उपलब्धियों के लिए जाने जाते हों। इसी क्रम में भगीरथ भट्ट का नाम चर्चा में आया।

कुछ एंटरटेनमेंट पोर्टल्स ने दावा किया कि उनसे संपर्क किया गया है। हालांकि, अभी तक न तो शो की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि हुई है और न ही भगीरथ की टीम ने कुछ स्पष्ट कहा है।

ऐसे में सवाल उठता है—क्या यह सच है या सिर्फ चर्चा का हिस्सा?

क्या बिग बॉस के मंच पर फिट बैठते हैं भगीरथ?

यह सवाल बेहद दिलचस्प है। बिग बॉस का घर विवादों, रणनीतियों और भावनात्मक उतार-चढ़ाव से भरा होता है। वहां 24 घंटे कैमरे चलते हैं, निजी स्पेस सीमित होता है और हर शब्द पर दर्शकों की नजर रहती है।

भगीरथ जैसे गंभीर और साधना में रमे कलाकार के लिए यह माहौल कितना अनुकूल होगा?

एक तरफ यह मंच उन्हें नई लोकप्रियता दे सकता है, वहीं दूसरी ओर यह उनके शांत और सादगी भरे व्यक्तित्व के विपरीत भी हो सकता है।

लेकिन अगर वे आते हैं, तो शायद शो की छवि में भी बदलाव देखने को मिले। कल्पना कीजिए, सुबह की शुरुआत अगर सितार की मधुर धुन से हो—तो बिग बॉस का माहौल ही अलग हो जाएगा।

फैंस की राय: समर्थन और विरोध दोनों

सोशल मीडिया पर भगीरथ के नाम की चर्चा होते ही फैंस दो हिस्सों में बंट गए।

एक वर्ग का मानना है कि उन्हें शो में जरूर जाना चाहिए। इससे शास्त्रीय संगीत को नया मंच मिलेगा और युवा पीढ़ी उनसे और करीब से जुड़ सकेगी।

दूसरी तरफ, कुछ लोग मानते हैं कि बिग बॉस जैसा शो उनके स्तर के कलाकार के लिए उपयुक्त नहीं है। उनका तर्क है कि इस तरह के शो में अनावश्यक विवाद होते हैं, जो एक गंभीर कलाकार की छवि को प्रभावित कर सकते हैं।

यह बहस बताती है कि भगीरथ अब सिर्फ एक संगीतकार नहीं, बल्कि एक सार्वजनिक व्यक्तित्व बन चुके हैं, जिनके हर कदम पर चर्चा होती है।

कलाकारों का रियलिटी शो की ओर रुख

पिछले कुछ वर्षों में हमने देखा है कि कई संगीतकार और कलाकार रियलिटी शो में नजर आए हैं। इससे उनकी लोकप्रियता कई गुना बढ़ी है।

आज का दौर मल्टी-प्लेटफॉर्म विजिबिलिटी का है। सिर्फ मंचीय प्रस्तुति या एल्बम रिलीज काफी नहीं है। टीवी, डिजिटल और सोशल मीडिया—हर जगह मौजूद रहना जरूरी हो गया है। अगर भगीरथ भट्ट बिग बॉस में जाते हैं, तो यह उनके करियर का रणनीतिक कदम भी हो सकता है।

क्या कहते हैं इंडस्ट्री जानकार?

मनोरंजन उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि बिग बॉस 20 अपने 20वें सीजन को खास बनाने के लिए कुछ अलग करने की कोशिश करेगा। ऐसे में एक शास्त्रीय कलाकार की एंट्री शो के लिए भी नई दिशा हो सकती है।

हालांकि, अंतिम निर्णय कई कारकों पर निर्भर करता है—कॉन्ट्रैक्ट, तारीखें, व्यक्तिगत प्राथमिकताएं और इमेज मैनेजमेंट।

सच्चाई क्या है?

फिलहाल जितनी जानकारी सार्वजनिक तौर पर सामने आई है, उसके आधार पर साफ तौर पर यह नहीं कहा जा सकता कि भगीरथ भट्ट वाकई ‘बिग बॉस 20’ का हिस्सा बनने जा रहे हैं। न तो शो के निर्माताओं की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा हुई है और न ही भगीरथ या उनकी टीम ने इन चर्चाओं की पुष्टि की है। ऐसे में इस खबर को अभी संभावनाओं और कयासों के दायरे में ही रखा जाना चाहिए।

हालांकि, एक बात बेहद दिलचस्प है—एक शास्त्रीय संगीतकार का नाम बिग बॉस जैसे मेनस्ट्रीम रियलिटी शो से जुड़ना अपने आप में बड़ी बात है। यह सिर्फ अफवाह नहीं, बल्कि इस बात का संकेत भी है कि भगीरथ भट्ट अब सीमित दर्शक वर्ग के कलाकार नहीं रहे। वे उस मुकाम पर पहुंच चुके हैं जहां उनकी पहचान शास्त्रीय मंचों से निकलकर व्यापक जनमानस तक पहुंच रही है। जब किसी कलाकार का नाम ऐसे शो के लिए चर्चा में आता है, तो यह उसकी बढ़ती लोकप्रियता और जनस्वीकृति का भी प्रमाण होता है।

निष्कर्ष: सुरों की साधना से लोकप्रियता की नई उड़ान

भगीरथ भट्ट की यात्रा हमें यह याद दिलाती है कि परंपरा और आधुनिकता एक-दूसरे की विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हो सकती हैं। उन्होंने सितार जैसे शास्त्रीय वाद्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का जो प्रयास किया, वही उन्हें आज इस मुकाम पर लाकर खड़ा करता है, जहां उनका नाम मनोरंजन जगत की बड़ी चर्चाओं में शामिल हो रहा है।

अगर वे ‘बिग बॉस 20’ में जाते हैं, तो यह सिर्फ उनके करियर का विस्तार नहीं होगा, बल्कि शास्त्रीय संगीत के लिए भी एक नया मंच साबित हो सकता है। करोड़ों दर्शकों के बीच सितार की धुन गूंजना अपने आप में एक सांस्कृतिक क्षण होगा। और अगर वे इस शो का हिस्सा नहीं भी बनते हैं, तब भी उनकी पहचान, उनकी साधना और उनकी उपलब्धियां किसी रियलिटी शो की मोहताज नहीं हैं।

फिलहाल दर्शकों की नजरें शो के आधिकारिक ऐलान पर टिकी हैं।
क्या वाकई बिग बॉस के घर में इस बार सुरों की गूंज सुनाई देगी, या यह चर्चा महज सोशल मीडिया की हलचल बनकर रह जाएगी?

आने वाले दिनों में तस्वीर साफ हो जाएगी—और शायद उसी के साथ तय होगा कि यह कहानी अफवाह थी या एक नई शुरुआत।

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