Padma Awards 2026: धर्मेंद्र को Padma Vibhushan, रोहित शर्मा को Padma Shri ,शिबू सोरेन, अलका याग्निक सहित 131 हस्तियों को मिला देश का प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान

जब देश अपने नायकों को सलाम करता है

हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर जब पद्म पुरस्कारों की घोषणा होती है, तो यह सिर्फ नामों की सूची नहीं होती, बल्कि भारत की आत्मा, उसकी मेहनत, संघर्ष और उपलब्धियों का उत्सव होता है। Padma awards 2026 भी कुछ ऐसा ही संदेश लेकर आए हैं। इस साल कुल 131 हस्तियों को पद्म Vibhushan, Padma bhushan और Padma Shri से सम्मानित करने का ऐलान किया गया है। taazanews24x7.com

इस सूची में फिल्म, खेल, राजनीति, सामाजिक सेवा, कला, साहित्य, शिक्षा, विज्ञान और चिकित्सा जैसे तमाम क्षेत्रों के वे नाम शामिल हैं, जिन्होंने अपने काम से देश की पहचान को मजबूत किया है।
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को पद्म विभूषण, भारतीय क्रिकेट के सुपरस्टार रोहित शर्मा को पद्म श्री, वहीं झारखंड आंदोलन के प्रतीक शिबू सोरेन और संगीत जगत की मधुर आवाज़ अलका याग्निक को PADMA BHUSHANदेने की घोषणा ने खास तौर पर सुर्खियां बटोरी हैं।

पद्म पुरस्कार क्या हैं?

पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं। इन्हें पहली बार 1954 में शुरू किया गया था। इनका उद्देश्य उन व्यक्तियों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया हो।

पद्म पुरस्कारों की तीन श्रेणियां

  1. पद्म विभूषण – असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए
  2. PADMA BHUSHAN– उच्च श्रेणी की विशिष्ट सेवा के लिए
  3. पद्म श्री – किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवा के लिए

इन पुरस्कारों की खास बात यह है कि ये किसी पद, धर्म, जाति या राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर दिए जाते हैं।

पद्म पुरस्कार 2026: एक नज़र में

  • कुल पुरस्कार: 131
  • महिलाएं: 19
  • विदेशी / NRI / OCI नागरिक: 6
  • मरणोपरांत सम्मान: 16
  • क्षेत्र: कला, खेल, राजनीति, शिक्षा, समाज सेवा, विज्ञान, चिकित्सा, साहित्य

पद्म विभूषण 2026: उत्कृष्टता की सर्वोच्च पहचान

धर्मेंद्र: भारतीय सिनेमा का अमर सितारा

बॉलीवुड के ‘हीमैन’ कहे जाने वाले धर्मेंद्र को इस साल पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। छह दशक से ज्यादा लंबे फिल्मी करियर में धर्मेंद्र ने रोमांस, एक्शन और गंभीर अभिनय — तीनों में अपनी अलग पहचान बनाई।

उन्होंने न सिर्फ हिंदी बल्कि पंजाबी सिनेमा को भी समृद्ध किया।
धर्मेंद्र की फिल्में केवल मनोरंजन नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने भारतीय समाज की भावनाओं, रिश्तों और संघर्षों को बड़े पर्दे पर जीवंत किया।

उनका यह सम्मान भारतीय सिनेमा के उस दौर को सलाम है, जिसने सादगी, भावनाओं और अभिनय की गहराई को प्राथमिकता दी।

अन्य पद्म विभूषण सम्मानित

इस श्रेणी में वे नाम शामिल हैं जिन्होंने देश को बौद्धिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से समृद्ध किया। कई नाम मरणोपरांत भी शामिल हैं, जो यह दर्शाता है कि देश अपने नायकों को कभी नहीं भूलता।

PADMA BHUSHAN2026: समर्पण और संघर्ष की कहानी

शिबू सोरेन: जल, जंगल और जमीन की आवाज़

शिबू सोरेन का नाम झारखंड आंदोलन के बिना अधूरा है। आदिवासी अधिकारों के लिए उनका संघर्ष दशकों तक चला। उन्होंने राजनीति को सत्ता नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन का माध्यम बनाया।

उन्हें PADMA BHUSHANदिया जाना उन लाखों आदिवासियों के संघर्ष को मान्यता देना है, जिनकी आवाज़ उन्होंने संसद से लेकर सड़क तक उठाई।

अलका याग्निक: संगीत की अमर आवाज़

90 के दशक का हिंदी सिनेमा अलका याग्निक की आवाज़ के बिना अधूरा है। उन्होंने हजारों गीत गाए, जिनमें प्रेम, दर्द, खुशी और विरह — हर भावना झलकती है।

उनकी आवाज़ ने पीढ़ियों को संगीत से जोड़ा। PADMA BHUSHANसम्मान यह साबित करता है कि लोकप्रिय कला भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी शास्त्रीय विधाएं।

अन्य प्रमुख PADMA BHUSHANसम्मानित

इस श्रेणी में राजनीति, खेल, सिनेमा, प्रशासन और कला के वे दिग्गज शामिल हैं, जिन्होंने लंबे समय तक निरंतर योगदान दिया।

पद्म श्री 2026: मेहनत और हुनर की असली पहचान

रोहित शर्मा: क्रिकेट का ‘हिटमैन’

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा को पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान सिर्फ उनके रिकॉर्ड्स के लिए नहीं, बल्कि उनके नेतृत्व, संयम और टीम भावना के लिए भी है।

रोहित शर्मा ने:

  • भारत को कई ऐतिहासिक जीत दिलाईं
  • युवा खिलाड़ियों के लिए आदर्श बने
  • क्रिकेट को जन-जन तक पहुंचाया

उनका यह सम्मान खेल जगत में भारत की बढ़ती ताकत का प्रतीक है।

अन्य पद्म श्री सम्मानित

पद्म श्री सूची में कई ऐसे नाम शामिल हैं, जिन्हें अक्सर लाइमलाइट नहीं मिलती:

  • ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा फैलाने वाले शिक्षक
  • लोक कलाकार
  • सामाजिक कार्यकर्ता
  • डॉक्टर और वैज्ञानिक
  • महिला खिलाड़ी और कोच

यही इस पुरस्कार की असली ताकत है — गुमनाम नायकों को पहचान।

गुमनाम नायक: पद्म पुरस्कारों की आत्मा

पद्म पुरस्कार 2026 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कई ऐसे लोग शामिल हैं, जिन्होंने बिना किसी प्रचार के दशकों तक समाज सेवा की।

किसी ने पहाड़ों में स्कूल खोले,
किसी ने आदिवासी भाषा को बचाया,
तो किसी ने मुफ्त इलाज को मिशन बना लिया।

ये लोग साबित करते हैं कि देश सिर्फ बड़े नामों से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे प्रयासों से आगे बढ़ता है।

राजनीति और पद्म पुरस्कार: संतुलन की मिसाल

अक्सर पद्म पुरस्कारों को लेकर राजनीति की बहस होती है, लेकिन 2026 की सूची में संतुलन साफ दिखाई देता है। इसमें विभिन्न विचारधाराओं, राज्यों और पृष्ठभूमि के लोग शामिल हैं।

यह दिखाता है कि योगदान विचारधारा से बड़ा होता है।

महिलाओं की मजबूत मौजूदगी

इस साल पद्म पुरस्कारों में 19 महिलाएं शामिल हैं। संगीत, खेल, विज्ञान, समाज सेवा — हर क्षेत्र में महिलाओं की उपस्थिति यह बताती है कि भारत में नेतृत्व का चेहरा बदल रहा है।

पद्म पुरस्कार समारोह कब और कहां?

पद्म पुरस्कार 2026 का औपचारिक समारोह राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।

यह समारोह न केवल सम्मान का, बल्कि प्रेरणा का भी अवसर होता है।

निष्कर्ष:padma awards2026 क्या संदेश देते हैं?

पद्म पुरस्कार 2026 यह संदेश देते हैं कि:

  • मेहनत कभी अनदेखी नहीं जाती
  • सेवा का कोई शॉर्टकट नहीं होता
  • असली सफलता समाज को कुछ लौटाने में है

धर्मेंद्र से लेकर रोहित शर्मा तक, शिबू सोरेन से लेकर अलका याग्निक तक — हर नाम अपने क्षेत्र का एक अध्याय है।

ये पुरस्कार सिर्फ मेडल नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा की मशाल हैं।

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