ODISHA संगीत जगत के महान सुरकार ABHIJIT MAJUMDAR का निधन CARDIAC ARREST से थम गईं 700 से ज्यादा गानों की धड़कनें, 54 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

जब सुर खामोश हो जाएं

ODISHA की सांस्कृतिक धरती पर एक ऐसी खबर आई है, जिसने संगीत प्रेमियों के दिल को गहरे जख्म दिए हैं। ODISHA संगीत और सिनेमा को दशकों तक अपनी धुनों से समृद्ध करने वाले मशहूर संगीतकार और गायक ABHIJIT MAJUMDAR अब इस दुनिया में नहीं रहे। 54 वर्ष की उम्र में CARDIAC ARREST के चलते उनका निधन हो गया। उन्होंने AIIMS भुवनेश्वर में अंतिम सांस ली, जहां वे पिछले कई महीनों से जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे थे। taazanews24x7.com

ABHIJIT MAJUMDAR का जाना सिर्फ एक कलाकार का जाना नहीं है, बल्कि यह ODISHA संगीत के एक पूरे युग के अंत जैसा है। उनके गानों में ओडिशा की मिट्टी की खुशबू, लोक परंपरा की आत्मा और आधुनिक संगीत की तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिलता था।

AIIMS भुवनेश्वर में ली अंतिम सांस

मिली जानकारी के अनुसार, ABHIJIT MAJUMDAR को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद AIIMS भुवनेश्वर में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की एक बड़ी टीम लगातार उनके इलाज में जुटी हुई थी। लेकिन CARDIAC ARREST ने उनकी हालत को और गंभीर बना दिया।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि वे पिछले चार महीनों से कोमा में थे। इस दौरान उनके चाहने वाले लगातार उनके स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे थे। सोशल मीडिया पर उनके फैंस रोज़ उनके लिए दुआएं मांगते दिख रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

54 साल की उम्र में थम गया रचनात्मक सफर

ABHIJIT MAJUMDAR की उम्र महज 54 साल थी। यह वही दौर होता है जब कलाकार अनुभव, परिपक्वता और रचनात्मक ऊर्जा के शिखर पर होता है। उनके पास अभी कई संगीत परियोजनाएं थीं, कई धुनें अधूरी थीं और कई सपने बाकी थे।

उनके निधन की खबर सामने आते ही ODISHA फिल्म इंडस्ट्री, संगीत जगत और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। हर कोई यही कहता नजर आया—“इतनी जल्दी नहीं जाना था।”

कौन थे ABHIJIT MAJUMDAR?

संघर्ष, साधना और सफलता की कहानी

ABHIJIT MAJUMDAR का जन्म ओडिशा के एक साधारण परिवार में हुआ था। बचपन से ही संगीत उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा। घर में रेडियो पर बजने वाले गीत, लोक संगीत और शास्त्रीय सुरों ने उनके मन में संगीत के बीज बो दिए।

उन्होंने औपचारिक रूप से संगीत की शिक्षा भी ली और लगातार अभ्यास के बल पर अपनी पहचान बनाई। शुरुआती दिनों में उन्हें संघर्ष का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

ODISHA सिनेमा में संगीत का नया दौर

ABHIJIT MAJUMDAR ने उस दौर में ODISHA सिनेमा में कदम रखा, जब इंडस्ट्री बदलाव के दौर से गुजर रही थी। उन्होंने पारंपरिक धुनों को आधुनिक संगीत के साथ जोड़कर एक नई धारा बनाई।

उनकी खासियत थी कि वे

  • लोक संगीत की आत्मा को बनाए रखते थे
  • युवा पीढ़ी की पसंद को समझते थे
  • हर फिल्म की कहानी के अनुसार संगीत रचते थे

यही वजह थी कि उनके गाने सीधे दिल में उतर जाते थे।

700 से ज्यादा गानों का अमूल्य खजाना

ABHIJIT MAJUMDAR का योगदान आंकड़ों से कहीं बड़ा है, लेकिन फिर भी यह जानना जरूरी है कि उन्होंने अपने करियर में 700 से अधिक गानों की रचना की।

इन गानों में शामिल थे:

  • रोमांटिक गीत
  • दर्द भरे गीत
  • भक्ति संगीत
  • लोकगीत
  • मॉडर्न यूथ सॉन्ग्स

हर शैली में उनकी पकड़ कमाल की थी।

गायक के रूप में भी खास पहचान

ABHIJIT MAJUMDAR सिर्फ संगीतकार ही नहीं थे, बल्कि एक संवेदनशील गायक भी थे। उनकी आवाज़ में एक अलग किस्म की सच्चाई और भावनात्मक गहराई थी।

जब वे कोई दर्द भरा गीत गाते थे, तो सुनने वाला खुद को उस दर्द से जोड़ लेता था। उनकी आवाज़ में बनावटीपन नहीं, बल्कि ज़िंदगी का अनुभव झलकता था।

नए कलाकारों के लिए बने संजीवनी

ODISHA संगीत जगत में ABHIJIT MAJUMDAR को एक मेंटॉर के रूप में भी याद किया जाएगा। उन्होंने कई नए गायकों और संगीतकारों को मौका दिया।

कई आज के मशहूर गायक यह मानते हैं कि अगर ABHIJIT MAJUMDAR का साथ नहीं मिला होता, तो उनका करियर शुरू ही नहीं हो पाता।

चार महीने तक कोमा में रहे

परिवार के मुताबिक, ABHIJIT MAJUMDAR की तबीयत करीब चार महीने पहले अचानक बिगड़ी थी। इसके बाद वे कोमा में चले गए और लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहे।

इस दौरान उनके स्वास्थ्य को लेकर कई बार अफवाहें भी फैलीं, लेकिन परिवार ने हर बार उम्मीद बनाए रखी। डॉक्टरों की कोशिशें भी जारी रहीं, लेकिन CARDIAC ARREST ने सब कुछ बदल दिया।

ODISHA संगीत जगत में शोक की लहर

उनके निधन की खबर मिलते ही ODISHA फिल्म इंडस्ट्री में काम ठप जैसा हो गया। कई शूटिंग रद्द कर दी गईं। संगीतकारों, निर्देशकों और गायकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें याद किया।

कई कलाकारों ने लिखा कि

“ABHIJIT MAJUMDAR सिर्फ संगीतकार नहीं, भावना थे।”

राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि

ओडिशा के मुख्यमंत्री, मंत्रियों और कई सामाजिक संगठनों ने उनके निधन पर शोक जताया। सरकारी स्तर पर भी इसे ODISHA संस्कृति के लिए बड़ी क्षति बताया गया।

श्रद्धांजलि संदेशों में कहा गया कि ABHIJIT MAJUMDAR का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।

परिवार और चाहने वालों का दर्द

ABHIJIT MAJUMDAR अपने पीछे परिवार, मित्र और लाखों प्रशंसक छोड़ गए हैं। उनके परिवार के लिए यह सिर्फ एक प्रसिद्ध कलाकार की नहीं, बल्कि एक स्नेही इंसान की क्षति है।

करीबी लोगों के अनुसार, वे बेहद सरल जीवन जीते थे और हमेशा जमीन से जुड़े रहे।

संगीत जो कभी नहीं मरेगा

भले ही ABHIJIT MAJUMDAR अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका संगीत हमेशा जीवित रहेगा। उनके गाने आने वाली पीढ़ियों को ODISHA संस्कृति और संगीत की विरासत से जोड़ते रहेंगे।

हर त्योहार, हर समारोह और हर भावनात्मक पल में उनके गीत गूंजते रहेंगे।

निष्कर्ष: सुरों का जादूगर अमर हो गया

ABHIJIT MAJUMDAR का निधन ODISHA संगीत जगत के लिए एक ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। उन्होंने संगीत को सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मा की आवाज़ बनाया।

आज सुर खामोश हैं, लेकिन उनकी धुनें हमेशा जिंदा रहेंगी।

श्रद्धांजलि ABHIJIT MAJUMDAR।
आप गए नहीं, आप अपने संगीत में अमर हो गए।

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