PM Modi बोले: ‘‘THIRUVANANTHAPURAM से KERALA में भाजपा सरकार की नींव पड़ गई’’ – गुजरात की तरह यहां से भी बदलाव आएगा

THIRUVANANTHAPURAM (KERALA) — शुक्रवार को KERALA की राजधानी THIRUVANANTHAPURAM में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक विशाल चुनावी रैली के दौरान PM Modi ने एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने ऐतिहासिक अंदाज़ में कहा कि ‘‘जैसे 1987 में अहमदाबाद से गुजरात का सफ़र शुरू हुआ और वहां भाजपा की सरकार बनी, वैसे ही आज THIRUVANANTHAPURAM से KERALA में भाजपा सरकार की नींव पड़ गई है’’ — और आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा एक सशक्त विकल्प बनकर उभरेगी। taazanews24x7.com

प्रधानमंत्री KERALA के चुनावी प्रचंद माहौल में भाजपा के ‘‘मिशन दक्षिण’’ के तहत प्रदेश में विकास, सुशासन और बदलाव के मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे हैं। उनका यह बयान भाजपा की राजनीतिक रणनीति और दक्षिण भारत में बढ़ते राजनीतिक दावों का प्रतीक भी माना जा रहा है।

THIRUVANANTHAPURAM की जीत: एक ऐतिहासिक राजनीतिक बदलाव

PM Modi के विधानमंडल चुनावी रैली के केंद्र बिंदु रहे THIRUVANANTHAPURAM नगर निगम चुनाव का नतीजा, जिसमें भाजपा-एनडीए ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में भाजपा ने 101 वार्डों में से 50 पर विजय प्राप्त की थी, जिससे 45 वर्षों के लंबे वामपंथी (एलडीएफ) शासन को झटका लगा।

PM Modi ने इस जीत को केवल स्थानीय निकाय स्तर की सफलता नहीं कहा, बल्कि ‘‘KERALA में राजनीतिक बदलाव की नींव’’ बताया। उनका तर्क था कि जैसे गुजरात का भाजपा का सफर एक नगर निगम की जीत से शुरू हुआ था, उसी प्रकार KERALA में भी यह जीत राज्य में भाजपा की सत्ता की दिशा में पहला बड़ा कदम है।

वे बोले:

यह सिर्फ THIRUVANANTHAPURAM की जीत नहीं है — यह एक राजनीतिक बदलाव की शुरुआत है। लोग अब विकास, सुशासन और पारदर्शिता की राजनीति चाहते हैं।”

1987 का अहमदाबाद मॉडल: भाजपा का राजनीतिक इतिहास

PM Modi ने अपने भाषण में 1987 के अहमदाबाद नगर निगम चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि गुजरात में भाजपा की सत्ता की नींव उसी जीत के साथ शुरु हुई थी। उस जीत ने आगे चलकर गुजरात में भाजपा को राज्य की सत्ता तक पहुंचाया, और फिर लगातार वर्षों तक उसे मजबूत बनाया।

PM Modi ने तर्क दिया कि राजनीति में एक छोटी-सी जीत बहुत बड़ा मुमकिन बदलाव ला सकती है, क्योंकि लोग जब एक नए विकल्प को आजमाते हैं और उससे संतुष्ट होते हैं, तो वे उसी विकल्प को बड़े स्तर पर समर्थन देने लगते हैं। वह आगे बोले:

“अहमदाबाद की जीत से गुजरात में जो बदलाव आया, उसके जैसे ही आज THIRUVANANTHAPURAM से KERALA में बदलाव की शुरुआत हो रही है।”

यह बयान भाजपा की स्थानीय जीत को राज्य स्तरीय राजनीतिक ‘टर्निंग प्वाइंट’ के रूप में पेश करने की कोशिश है — ताकि इसे जनमत की व्यापक लहर के रूप में पेश किया जा सके।

सियासी परिप्रेक्ष्य: KERALA की राजनीतिक पहचान

KERALA पहले से ही भारतीय राजनीति में अलग-सा मुकाम रखता है। राज्य में दशकों तक एलडीएफ (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) और यूडीएफ (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) के बीच सत्ता का दो-दलीय मुकाबला रहा है। भाजपा को KERALA में अब तक सियासी जमीन जमाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।

PM Modi ने अपने भाषण में इस दो-दलिया समीकरण पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि एलडीएफ-यूडीएफ के बीच सत्ता परिवर्तन सिर्फ राजनीति की पुरानी आदत बन चुकी है, लेकिन इससे राज्य का विकास और सुशासन प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण की राजनीति ने राज्य को पिछड़ेपन में रखा है, और अब लोगों ने बदलाव की दिशा में कदम उठाया है।

PM Modi ने स्पष्ट किया कि भाजपा एक विकास-उन्मुख, पारदर्शी और राष्ट्रीय दृष्टिकोण वाली सरकार का विकल्प है, जो “KERALA के युवाओं, किसानों और व्यवसायियों के हितों को प्राथमिकता देगा।”

रोज़गार, युवा और विकास: पीएम का चुनावी एजेंडा

PM Modi ने रैली में विकास से जुड़े कई मुद्दों पर अपने वादों को दोहराया। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार के आने पर:

  • युवा वर्ग के लिए रोजगार सृजन और स्टार्ट-अप समर्थन बढ़ेगा।
  • किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने वाली योजनाएं लागू होंगी।
  • शहरी चुनौतियों के समाधान पर ध्यान दिया जाएगा।
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसपोर्ट के क्षेत्रों में बेहतर योजनाएँ लागू होंगी।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार KERALA में सत्ता में आती है, तो वे वहाँ की स्थानीय अर्थव्यवस्था और नौकरियों को आकर्षित करने के लिए उल्लेखनीय पहल करेंगे

सबरिमाला मामले पर PM Modi का बयान

PM Modi ने अपने संबोधन में सबरिमाला मंदिर के कथित स्वर्ण चुराई मामले का भी जिक्र किया और कहा कि यदि भाजपा सत्ता में आती है, तो वह इस मामले की पूरी जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

यह मुद्दा KERALA के सियासी परिदृश्य में काफी संवेदनशील है और PM Modi ने इसे भ्रष्टाचार व अनियमितता के खिलाफ भाजपा की जवाबदेही की मिसाल के रूप में पेश किया।

भाजपा की रणनीति: KERALA में विस्तार और चुनौती

PM Modi का यह दौरा KERALA विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले आया है, जब सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं। भाजपा ने दक्षिण भारत में अपनी जड़ों को मजबूत करने के लिए ‘मिशन साउथ’ अभियान भी तेज किया है, जिसमें KERALA, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक शामिल हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि THIRUVANANTHAPURAM की जीत भाजपा के लिए KERALA की राजनीति में प्रतीकात्मक बदलाव ला सकती है, लेकिन पूरे राज्य को जीतने के लिए भाजपा को अपनी सियासी योजनाओं में सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक संतुलन कायम रखना होगा

उद्योग विशेषज्ञ बताते हैं कि भाजपा KERALA की स्थानीय सामाजिक संरचना, धार्मिक विविधता और जातीय विविधताओं को ध्यान में रखते हुए अपनी सियासी रेखा तैयार कर रही है। इसके तहत पार्टी युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों और स्थानीय समुदायों को जोड़ने के प्रयास कर रही है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया और समीकरण

हालांकि भाजपा के दावों को लेकर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। लेफ्ट (सीपीएम) और कांग्रेस (यूडीएफ) ने मोदी के बयान को राजनीतिक प्रचार और अतिशयोक्ति बताया है। उनका कहना है कि THIRUVANANTHAPURAM की स्थानीय निकाय चुनाव की जीत को राज्य स्तरीय सरकार की नींव नहीं बताया जा सकता, क्योंकि KERALA की राजनीति में जनता की प्राथमिकता आज भी स्थानीय मुद्दों पर आधारित रहती है।

विपक्षी दलों का यह भी कहना है कि भाजपा की नीतियाँ KERALA की सामाजिक संरचना और सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप नहीं हैं, और पार्टी को विस्तृत मतदाता-आधार प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

आगे की राजनीति: 2026 विधानसभा चुनाव की तैयारी

KERALA में विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सभी राजनीतिक दल अपनी भाषा, नीतियों और अभियान को जोरदार ढंग से शुरू कर चुके हैं। भाजपा का कहना है कि THIRUVANANTHAPURAM में मिली जीत ने उन्हें राजनीतिक हौसला दिया है, और वे अब अन्य चुनावी क्षेत्रों में भी इसी तरह की सफलता की उम्मीद रखते हैं

विश्लेषक कहते हैं कि भाजपा को अगर KERALA में सत्ता तक पहुंचना है, तो उसने स्थानीय मुद्दों, बेरोज़गारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण जैसी प्रमुख विषयों पर रचनात्मक एजेंडा पेश करना होगा। साथ ही धार्मिक और सांस्कृतिक संतुलन बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि KERALA का सामाजिक ताना-बाना काफी संवेदनशील है।

निष्कर्ष: एक बदलाव की शुरुआत

PM Modi का THIRUVANANTHAPURAM संबोधन न केवल भाजपा के राजनीतिक दावों और उम्मीदों को दर्शाता है, बल्कि यह KERALA की राजनीति में एक संभावित नई लहर का संकेत भी माना जा सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह जीत ‘‘KERALA में भाजपा की जमीन तैयार करने का पहला कदम’’ है — जिससे आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा को एक निर्णायक भूमिका मिलने की संभावना बन सकती है।

चुनावी माहौल हर दिन बदल रहा है और आने वाले हफ्तों में सभी दलों के रणनीतिक निर्णय KERALA की राजनीति की दिशा तय करेंगे। आज THIRUVANANTHAPURAM से जो राजनीतिक संदेश भाजपा ने दिया है, वह निश्चित रूप से एक आयाम बदलाव की कहानी बताता है

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