तमिल सिनेमा के इतिहास में अगर किसी फिल्म को रिलीज से पहले ही ‘इवेंट’ कहा जाए, तो वह थलपति विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ (Jana Nayagan) ही है। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक युग का समापन मानी जा रही है। करोड़ों फैंस, सियासी हलकों और फिल्म इंडस्ट्री की निगाहें इस प्रोजेक्ट पर टिकी हैं। लेकिन जिस फिल्म को 9 जनवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देनी थी, वह अब कानूनी पेच और सेंसर विवाद के चलते अटकी हुई है। taazanews24x7.com
मद्रास हाई कोर्ट में हुई ताजा सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस फैसले ने जहां मेकर्स की बेचैनी बढ़ा दी है, वहीं फैंस की उम्मीदें और इंतजार दोनों लंबा हो गया है। सवाल वही है – क्या ‘जन नायकन’ को जल्द रिलीज डेट मिलेगी या यह इंतजार और खिंचेगा?

9 जनवरी से शुरू हुआ विवाद, क्यों टली रिलीज?
‘जन नायकन’ को 9 जनवरी 2026 को रिलीज किया जाना था। मेकर्स ने बड़े स्तर पर प्रमोशन शुरू कर दिया था, एडवांस बुकिंग को लेकर चर्चाएं तेज थीं और BookMyShow जैसे प्लेटफॉर्म पर फिल्म को लेकर जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा था। लेकिन आखिरी वक्त पर CBFC (सेंसर बोर्ड) की ओर से सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया।
सेंसर सर्टिफिकेट के बिना किसी भी फिल्म की रिलीज संभव नहीं होती। इसी वजह से फिल्म की रिलीज टलती चली गई और मामला आखिरकार मद्रास हाई कोर्ट तक पहुंच गया।
मेकर्स का दावा है कि उन्होंने समय पर सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी की थीं, जबकि CBFC की दलील है कि उन्हें काउंटर एफिडेविट दाखिल करने और फिल्म के कुछ हिस्सों की समीक्षा के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला।
हाई कोर्ट में सुनवाई: क्यों बढ़ी गहमागहमी?
मद्रास हाई कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान माहौल काफी तल्ख नजर आया। कोर्ट ने दोनों पक्षों – फिल्म के मेकर्स और CBFC – की दलीलें सुनीं।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मेकर्स को फटकार लगाते हुए कहा कि “आप 500 करोड़ के बजट का हवाला देकर राहत नहीं मांग सकते।” कोर्ट का साफ कहना था कि कानून सबके लिए समान है, चाहे फिल्म का बजट कितना भी बड़ा क्यों न हो।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि रिलीज डेट अनाउंस करने से पहले मेकर्स को यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं।
‘धुरंधर 2’ का उदाहरण और प्राइम वीडियो की ‘धमकी’
सुनवाई के दौरान एक और दिलचस्प पहलू सामने आया, जब ‘धुरंधर 2’ का उदाहरण दिया गया। कोर्ट ने पूछा कि जब अन्य बड़ी फिल्मों को सेंसर सर्टिफिकेट मिलने में समय लगता है, तो ‘जन नायकन’ के लिए विशेष जल्दबाजी क्यों?
इसी बीच प्राइम वीडियो का नाम भी चर्चा में आया। दलील दी गई कि अगर फिल्म तय समय पर रिलीज नहीं होती, तो ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के साथ हुए करार पर असर पड़ सकता है। हालांकि कोर्ट ने इस तर्क को ज्यादा तवज्जो नहीं दी और साफ कहा कि व्यावसायिक दबाव के आधार पर कानून से समझौता नहीं किया जा सकता।
CBFC और मेकर्स के बीच टकराव की जड़
इस पूरे विवाद की जड़ में CBFC और मेकर्स के बीच बढ़ता टकराव है।
- मेकर्स का कहना है कि फिल्म को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से जिम्मेदार तरीके से बनाया गया है।
- CBFC की आपत्ति कुछ दृश्यों और संवादों को लेकर बताई जा रही है, जिन्हें लेकर बोर्ड अतिरिक्त समय चाहता है।
हालांकि, आधिकारिक तौर पर सेंसर बोर्ड ने विस्तृत आपत्तियों को सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन कोर्ट में यह जरूर कहा गया कि कानूनी प्रक्रिया को दरकिनार नहीं किया जा सकता।

थलपति विजय की आखिरी फिल्म: भावनाओं का तूफान
‘जन नायकन’ सिर्फ इसलिए खास नहीं है कि यह एक बिग-बजट फिल्म है, बल्कि इसलिए भी कि इसे थलपति विजय की आखिरी फिल्म माना जा रहा है। विजय के राजनीति में सक्रिय होने और फिल्मों से दूरी बनाने की अटकलों के बीच यह फिल्म उनके करियर का अंतिम अध्याय कही जा रही है।
यही वजह है कि फैंस इस फिल्म को लेकर भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। रिलीज से पहले ही इसे ‘फेयरवेल फिल्म’ का दर्जा मिल चुका है।
BookMyShow पर 1 मिलियन से ज्यादा लाइक्स: क्रेज चरम पर
हाई कोर्ट में सुनवाई से पहले ही ‘जन नायकन’ ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। BookMyShow पर 1 मिलियन से ज्यादा लोगों ने फिल्म को पसंद किया।
यह आंकड़ा इस बात का सबूत है कि फिल्म को लेकर दर्शकों में किस कदर उत्साह है। आमतौर पर इतनी बड़ी संख्या किसी फिल्म को रिलीज से पहले ही नहीं मिलती, लेकिन थलपति विजय की स्टार पावर यहां साफ नजर आती है।
कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा: आगे क्या?
तमाम दलीलों को सुनने के बाद मद्रास हाई कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है। इसका मतलब यह है कि कोर्ट ने फिलहाल कोई अंतिम आदेश नहीं दिया है और आने वाले दिनों में इस पर निर्णय सुनाया जाएगा।
जब तक कोर्ट का आदेश नहीं आता, तब तक:
- फिल्म की रिलीज डेट अनिश्चित बनी रहेगी
- एडवांस बुकिंग और प्रमोशन पर भी असर पड़ेगा
- मेकर्स और वितरकों की रणनीति अधर में लटकी रहेगी

क्या ‘जन नायकन’ को जल्द मिलेगी नई रिलीज डेट?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कोर्ट के फैसले के बाद ‘जन नायकन’ को जल्द रिलीज डेट मिलेगी? विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कोर्ट CBFC को सीमित समय में सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश देता है, तो फिल्म कुछ ही हफ्तों में रिलीज हो सकती है।
लेकिन अगर सेंसर से जुड़े मुद्दों पर दोबारा बदलाव या समीक्षा का आदेश आता है, तो रिलीज में और देरी तय मानी जा रही है।
फिल्म इंडस्ट्री पर पड़ेगा असर?
‘जन नायकन’ का मामला सिर्फ एक फिल्म तक सीमित नहीं है। यह पूरी इंडस्ट्री के लिए एक नजीर (precedent) बन सकता है।
- बड़े बजट की फिल्मों के लिए कानूनी प्रक्रियाओं की अहमियत
- रिलीज डेट अनाउंस करने से पहले सेंसर क्लीयरेंस की जरूरत
- ओटीटी और थिएटर रिलीज के बीच संतुलन
इन सभी मुद्दों पर यह केस भविष्य में असर डाल सकता है।
फैंस की बेचैनी और सोशल मीडिया का माहौल
सोशल मीडिया पर ‘#JanaNayaganRelease’ और ‘#ThalapathyVijayLastFilm’ जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। फैंस लगातार कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं और मेकर्स से अपडेट की मांग कर रहे हैं।
कुछ फैंस का कहना है कि यह फिल्म सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं, बल्कि विजय के करियर को सलाम करने का मौका है, जिसे टालना उनके लिए भावनात्मक रूप से मुश्किल है।
निष्कर्ष: इंतजार लंबा, उम्मीद कायम
मद्रास हाई कोर्ट द्वारा फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद यह साफ है कि ‘जन नायकन’ की रिलीज पर सस्पेंस अभी खत्म नहीं हुआ है।
हालांकि, जिस तरह से फिल्म को लेकर क्रेज, रिकॉर्ड और चर्चा बनी हुई है, उससे यह तय है कि जब भी ‘जन नायकन’ रिलीज होगी, वह बॉक्स ऑफिस पर तूफान लेकर आएगी।
अब निगाहें सिर्फ और सिर्फ कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। क्या थलपति विजय की आखिरी फिल्म को हरी झंडी मिलेगी या यह इंतजार और लंबा होगा? जवाब जल्द ही सामने आएगा।
#Prime5 with @SehgalRahesha | Release of Vijay’s Jana Nayagan delayed further as Madras HC reserves order
— NDTV (@ndtv) January 20, 2026
NDTV's @jsamdaniel Reports pic.twitter.com/pTveNch0yZ