‘PLANE में बम है!’— एक टिश्यू पेपर से मचा हड़कंप, लखनऊ में करानी पड़ी INDIGO FLIGHTकी इमरजेंसी लैंडिंग

दिल्ली से पश्चिम बंगाल के बागडोगरा जा रही इंडिगो की एक उड़ान में शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब विमान के टॉयलेट में रखे टिश्यू पेपर पर हाथ से लिखा एक खौफनाक संदेश मिला— PLANE में बम है।” इस एक पंक्ति ने न सिर्फ विमान में बैठे सैकड़ों यात्रियों की धड़कनें तेज कर दीं, बल्कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल, एयरलाइन सुरक्षा तंत्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट मोड में ला दिया। एहतियातन विमान को लखनऊ एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी।

यह घटना एक बार फिर बताती है कि हवाई यात्रा में सुरक्षा से जुड़ी एक छोटी-सी सूचना भी किस तरह बड़े स्तर पर असर डाल सकती है। साथ ही यह सवाल भी खड़े करती है कि क्या ऐसी धमकियां महज शरारत हैं या इसके पीछे कोई गंभीर साजिश छिपी हो सकती है? taazanews24x7.com

उड़ान की सामान्य शुरुआत, फिर अचानक बदला माहौल

इंडिगो की यह फ्लाइट तय समय पर दिल्ली एयरपोर्ट से बागडोगरा के लिए रवाना हुई थी। शुरुआती कुछ मिनटों तक सब कुछ सामान्य था। यात्री अपनी सीटों पर बैठे थे, कुछ लोग मोबाइल में व्यस्त थे, तो कुछ खिड़की से बाहर बादलों का नज़ारा ले रहे थे। क्रू मेंबर्स यात्रियों की जरूरतों का ध्यान रख रहे थे।

लेकिन उड़ान के दौरान जैसे ही एक क्रू मेंबर वॉशरूम की नियमित जांच के लिए गया, वहां की तस्वीर अचानक बदल गई। टॉयलेट के भीतर टिश्यू पेपर पर लिखी धमकी देखकर वह सहम गया। लिखा था— “There is a bomb in the plane.” यानी साफ शब्दों में बम होने का दावा।

क्रू मेंबर ने बिना समय गंवाए इसकी सूचना कॉकपिट में पायलट को दी। इसके बाद तय प्रोटोकॉल के तहत स्थिति को गंभीर मानते हुए तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को अलर्ट किया गया।

क्यों चुना गया लखनऊ? डायवर्जन के पीछे की रणनीति

जब किसी उड़ान में बम की धमकी मिलती है, तो सबसे पहला सवाल होता है— विमान को कहां उतारा जाए? इस मामले में दिल्ली से उड़ान भर चुका विमान उस वक्त उत्तर भारत के एयरस्पेस में था। लखनऊ एयरपोर्ट रणनीतिक रूप से न सिर्फ नजदीक था, बल्कि वहां सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाएं भी पर्याप्त मानी जाती हैं।

इसी वजह से इंडिगो और ATC ने मिलकर फैसला लिया कि विमान को लखनऊ डायवर्ट किया जाए। पायलट ने यात्रियों को शांत रहने की अपील की और बताया कि सुरक्षा कारणों से विमान की लैंडिंग बदली जा रही है।

यात्रियों के लिए सबसे मुश्किल पल

हालांकि यात्रियों को पूरी जानकारी नहीं दी गई, लेकिन अचानक डायवर्जन और क्रू की गंभीरता देखकर कई लोगों को अंदाजा लग गया कि मामला सामान्य नहीं है। कुछ यात्री घबरा गए, तो कुछ ने अपने परिजनों को फोन कर हालात बताए।

एक यात्री ने बाद में बताया,

“हमने सोचा था कोई तकनीकी खराबी होगी, लेकिन जैसे ही लखनऊ में भारी सुरक्षा के बीच विमान उतरा, तब समझ आया कि मामला गंभीर है।”

विमान के लैंड करते ही उसे रनवे से अलग ले जाया गया। यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया। किसी को भी घबराने या अफरा-तफरी फैलाने की अनुमति नहीं दी गई।

लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षा का सख्त घेरा

विमान के उतरते ही लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं।

  • बम निरोधक दस्ता
  • डॉग स्क्वॉड
  • सीआईएसएफ
  • स्थानीय पुलिस

सभी ने मिलकर विमान की गहन जांच शुरू की। यात्रियों का सामान अलग रखा गया और एक-एक बैग की तलाशी ली गई। विमान के हर हिस्से— सीट, ओवरहेड बिन, कॉकपिट, कार्गो होल्ड— को बारीकी से चेक किया गया।

करीब दो से तीन घंटे तक चली जांच के बाद राहत की खबर सामने आई— विमान में कोई बम या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। धमकी फर्जी निकली।

धमकी टिश्यू पेपर पर ही क्यों? जांच एजेंसियों के सामने सवाल

सबसे बड़ा सवाल यही है कि टिश्यू पेपर पर यह धमकी किसने और क्यों लिखी?

  • क्या यह किसी यात्री की शरारत थी?
  • या किसी मानसिक दबाव में उठाया गया कदम?
  • या फिर सुरक्षा व्यवस्था की परीक्षा लेने की कोशिश?

जांच एजेंसियों ने टॉयलेट में लगे सीसीटीवी फुटेज (जहां उपलब्ध हो) और विमान में चढ़े यात्रियों की लिस्ट की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किस यात्री ने वॉशरूम का उपयोग उस समय किया था, जब यह संदेश छोड़ा गया।

इंडिगो का आधिकारिक बयान

इंडिगो एयरलाइन की ओर से जारी बयान में कहा गया,

“यात्रियों और क्रू की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जैसे ही विमान में संदिग्ध सूचना मिली, तय सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत फ्लाइट को लखनऊ डायवर्ट किया गया। जांच में कोई खतरा नहीं पाया गया और सभी यात्री सुरक्षित हैं।”

एयरलाइन ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद भी जताया।

क्या ऐसी धमकियां कानूनन गंभीर अपराध हैं?

भारत में विमान में बम की झूठी धमकी देना गंभीर आपराधिक अपराध है।

  • यह न सिर्फ यात्रियों की जान को खतरे में डालता है,
  • बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा मामला माना जाता है।

अगर आरोपी पकड़ा जाता है, तो उस पर

  • भारतीय दंड संहिता
  • विमानन सुरक्षा अधिनियम
  • और गैर-जमानती धाराओं में कार्रवाई हो सकती है।

ऐसे मामलों में जेल की सजा और भारी जुर्माना दोनों संभव हैं।

हाल के वर्षों में बढ़ती फर्जी धमकियां

यह पहली बार नहीं है जब किसी फ्लाइट में बम की फर्जी धमकी मिली हो। पिछले कुछ वर्षों में देश और दुनिया में ऐसे कई मामले सामने आए हैं।

  • कभी ईमेल के जरिए
  • कभी फोन कॉल से
  • और अब टिश्यू पेपर जैसे अजीब माध्यम से

विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार लोग “मजाक” या “ध्यान खींचने” के लिए ऐसी हरकतें करते हैं, लेकिन इसके परिणाम बेहद गंभीर होते हैं।

यात्रियों की सुरक्षा बनाम असुविधा: कठिन संतुलन

हर बार जब ऐसी धमकी मिलती है, तो एयरलाइन और सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक कठिन संतुलन होता है—

  • अगर धमकी को हल्के में लिया जाए और वह सच निकले, तो परिणाम भयावह हो सकते हैं।
  • अगर फर्जी धमकी पर पूरा सिस्टम सक्रिय किया जाए, तो यात्रियों को भारी असुविधा होती है।

इसलिए दुनिया भर में नियम साफ हैं— हर धमकी को वास्तविक मानकर जांच की जाती है।

लखनऊ में INDIGO FLIGHTके साथ भी यही किया गया, और यही सही कदम था।

बागडोगरा जाने वाले यात्रियों का क्या हुआ?

जांच पूरी होने के बाद यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आगे की यात्रा कराई गई। कुछ यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से भेजा गया, जबकि कुछ को होटल में ठहराया गया। एयरलाइन ने भरोसा दिलाया कि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

विशेषज्ञों की राय: सख्ती ही समाधान

एविएशन सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि

“जब तक फर्जी धमकी देने वालों पर सख्त और त्वरित कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसे मामले पूरी तरह खत्म नहीं होंगे।”

वे यह भी मानते हैं कि तकनीक के साथ-साथ यात्रियों में जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है।

एक टिश्यू पेपर, हजारों सवाल

दिल्ली से बागडोगरा जा रही INDIGO FLIGHTकी लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग की यह घटना दिखाती है कि हवाई सुरक्षा कितनी संवेदनशील है। एक टिश्यू पेपर पर लिखी पंक्ति ने पूरे सिस्टम को हिला दिया— और यही होना भी चाहिए था।

हालांकि राहत की बात यह रही कि धमकी फर्जी निकली और सभी यात्री सुरक्षित रहे। लेकिन यह घटना एक चेतावनी भी है— ऐसी हरकतें न सिर्फ गैर-जिम्मेदाराना हैं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देती हैं।

अब निगाहें जांच एजेंसियों पर हैं कि वे इस “टिश्यू पेपर बम धमकी” के पीछे के व्यक्ति तक पहुंच पाती हैं या नहीं। अगर आरोपी पकड़ा जाता है, तो उम्मीद की जा रही है कि उस पर ऐसी सख्त कार्रवाई होगी, जो भविष्य में किसी और को ऐसा “मजाक” करने से पहले सौ बार सोचने पर मजबूर कर दे।

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