PM-KISAN योजना की 22वीं किस्त से पहले बड़ा संकट, जानिए क्यों अटकी किस्त और क्या है पूरा समाधान
नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) देश के करोड़ों किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा की रीढ़ मानी जाती है। लेकिन साल 2026 की शुरुआत में यह योजना एक बार फिर संकट के दौर से गुजर रही है। वजह है—PM Kisan e-KYC का फेल या लंबित रहना, जिसके कारण लाखों किसान 22वीं किस्त से बाहर होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। taazanews24x7.com
सरकारी और राज्य स्तरीय रिपोर्टों के अनुसार, अब तक कई लाख लाभार्थियों का e-KYC अधूरा, असफल या Pending पाया गया है। नतीजतन, उनके बैंक खातों में ₹2,000 की अगली किस्त ट्रांसफर नहीं हो पा रही है। गांव-देहात से लेकर जिला मुख्यालयों तक किसान एक ही सवाल पूछ रहे हैं—
“जब हम पात्र हैं, तो हमारी किस्त क्यों रुकी?”
PM-KISAN योजना: किसानों के लिए जीवनरेखा
PM-KISAN योजना की शुरुआत 1 दिसंबर 2018 को हुई थी। इसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को न्यूनतम आय सहायता प्रदान करना है ताकि वे:
- बीज और खाद खरीद सकें
- खेती से जुड़े छोटे खर्च पूरे कर सकें
- साहूकारों पर निर्भरता कम कर सकें
इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल ₹6,000 की सहायता दी जाती है, जो तीन बराबर किस्तों (₹2,000 प्रति किस्त) में सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है।
अब तक सरकार 21 किस्तें जारी कर चुकी है और करोड़ों किसानों को इसका लाभ मिला है। लेकिन जैसे-जैसे लाभार्थियों की संख्या बढ़ी, वैसे-वैसे फर्जी और अपात्र लाभार्थियों की पहचान भी एक बड़ी चुनौती बन गई।
22वीं किस्त से पहले e-KYC क्यों बना अनिवार्य
सरकार ने PM-KISAN योजना में पारदर्शिता और शुद्धता बनाए रखने के लिए e-KYC (Electronic Know Your Customer) को अनिवार्य कर दिया। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य थे—
- फर्जी लाभार्थियों को सूची से हटाना
- मृत किसानों या डुप्लीकेट रिकॉर्ड की पहचान
- सही और पात्र किसान तक पैसा पहुंचाना
लेकिन व्यवहार में यह प्रक्रिया लाखों वास्तविक किसानों के लिए नई परेशानी बन गई।
जिन किसानों का e-KYC पूरा नहीं है, उनके सामने ये समस्याएं आ रही हैं:
- किस्त होल्ड कर दी जाती है
- भुगतान प्रक्रिया रोक दी जाती है
- नाम लाभार्थी सूची से हटने का खतरा रहता है
इसी कारण कई किसानों को PM Kisan Payment Status में
“Payment Failed”, “e-KYC Required” या “e-KYC Not Done” जैसे संदेश दिख रहे हैं।

PM Kisan e-KYC Failure: आंकड़ों के पीछे की जमीनी सच्चाई
सरकारी दावों के उलट, जमीनी स्तर पर स्थिति कहीं अधिक जटिल है। विभिन्न राज्यों से आई रिपोर्ट्स बताती हैं कि—
- बड़ी संख्या में किसानों का मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है
- कई CSC केंद्रों पर बायोमेट्रिक मशीनें ठीक से काम नहीं कर रहीं
- बुजुर्ग किसानों के फिंगरप्रिंट बार-बार फेल हो रहे हैं
- PM Kisan पोर्टल पर सर्वर डाउन और तकनीकी गड़बड़ी आम बात हो गई है
इन सभी कारणों से समय रहते e-KYC पूरी नहीं हो पाई और लाखों किसान किस्त से बाहर हो गए।
गांवों में डिजिटल दूरी बनी सबसे बड़ी बाधा
शहरों में भले ही e-KYC एक आसान ऑनलाइन प्रक्रिया लगे, लेकिन ग्रामीण भारत की तस्वीर बिल्कुल अलग है।
जमीनी हकीकत:
- कई गांवों में CSC केंद्र 10–15 किलोमीटर दूर
- इंटरनेट कनेक्टिविटी बेहद कमजोर
- बुजुर्ग किसान स्मार्टफोन नहीं चलाते
- OTP आधारित e-KYC में परिवार के सदस्यों पर निर्भरता
इन परिस्थितियों में समय पर e-KYC कर पाना हर किसान के लिए संभव नहीं हो पाता।
22वीं किस्त से पहले क्यों और सख्त हुई जांच
PM-KISAN की हर किस्त से पहले सरकार लाभार्थी डेटा को अपडेट और वेरिफाई करती है। 22वीं किस्त से पहले यह प्रक्रिया और कड़ी कर दी गई है।
यदि किसी किसान का रिकॉर्ड इन स्थितियों में पाया गया, तो भुगतान रोक दिया जाता है—
- e-KYC Pending
- Aadhaar Not Verified
- Bank Account Inactive
- DBT Disabled
- Land Record Mismatch
यही वजह है कि बड़ी संख्या में किसानों की किस्त अटक गई है।
PM Kisan 22वीं किस्त: कब आने की संभावना
हालांकि सरकार ने अब तक आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स और मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार—
- PM-KISAN की 22वीं किस्त 2026 की पहली तिमाही में जारी हो सकती है
- केवल उन्हीं किसानों को भुगतान मिलेगा जिनकी e-KYC पूरी होगी
सरकार इस बात पर स्पष्ट है कि बिना e-KYC किसी भी लाभार्थी को किस्त नहीं दी जाएगी।

PM Kisan e-KYC करने की पूरी Step-by-Step प्रक्रिया
तरीका 1: ऑनलाइन e-KYC (घर बैठे, OTP आधारित)
- आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in खोलें
- होमपेज पर “e-KYC” विकल्प पर क्लिक करें
- अपना आधार नंबर दर्ज करें
- “Search” पर क्लिक करें
- आधार से जुड़े मोबाइल पर OTP आएगा
- OTP डालते ही e-KYC पूरी
यह तरीका उन्हीं किसानों के लिए है जिनका मोबाइल नंबर आधार से लिंक है।
तरीका 2: CSC सेंटर से बायोमेट्रिक e-KYC
यदि OTP नहीं आता या ऑनलाइन प्रक्रिया फेल हो जाती है—
- नजदीकी CSC (जन सेवा केंद्र) जाएं
- आधार कार्ड साथ ले जाएं
- फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन कराएं
- ऑपरेटर द्वारा e-KYC सत्यापन
- रसीद या स्लिप जरूर लें
e-KYC Status और Payment Status कैसे चेक करें
- pmkisan.gov.in पर जाएं
- “Beneficiary Status” पर क्लिक करें
- आधार नंबर / बैंक खाता / मोबाइल नंबर दर्ज करें
- Captcha भरें
- स्क्रीन पर e-KYC और किस्त की स्थिति दिखेगी
e-KYC फेल हो जाए तो क्या करें
किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। इन उपायों से समस्या का समाधान संभव है—
- आधार में नाम, जन्मतिथि या जेंडर सुधारें
- मोबाइल नंबर आधार से लिंक कराएं
- CSC पर दोबारा बायोमेट्रिक ट्राय करें
- बैंक खाते में DBT एक्टिवेशन चेक कराएं
- जिला कृषि कार्यालय या हेल्पलाइन से संपर्क करें

सरकार और कृषि मंत्रालय का पक्ष
कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार—
“PM-KISAN में e-KYC पारदर्शिता के लिए जरूरी है। पात्र किसानों को इससे डरने की जरूरत नहीं है। जैसे ही e-KYC पूरी होगी, भुगतान स्वतः बहाल हो जाएगा।”
सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि विशेष शिविर लगाकर किसानों की e-KYC कराई जाए।
किसानों की आवाज: योजना अच्छी, व्यवस्था कमजोर
किसानों का मानना है कि—
- योजना बेहद लाभकारी है
- लेकिन तकनीकी प्रक्रिया जटिल है
- CSC केंद्रों पर भीड़ और अव्यवस्था है
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सरकार ग्रामीण स्तर पर मोबाइल टीम, ऑफलाइन सहायता और बेहतर तकनीकी सपोर्ट दे, तो ऐसी समस्याएं काफी हद तक कम हो सकती हैं।
निष्कर्ष: समय रहते e-KYC ही सबसे बड़ा बचाव
PM-KISAN योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच है, लेकिन e-KYC की अनदेखी इस कवच को कमजोर कर सकती है। 22वीं किस्त से पहले यदि किसान समय रहते अपनी e-KYC पूरी नहीं करते, तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सलाह:
आज ही अपना PM Kisan e-KYC Status और Payment Status जांचें और किसी भी त्रुटि को तुरंत सुधारें, ताकि आपकी ₹2,000 की किस्त सुरक्षित रहे।
FAQ – PM Kisan e-KYC और 22वीं किस्त
Q1. e-KYC नहीं करने पर क्या नाम कट सकता है?
हाँ, लगातार लंबित रहने पर नाम हटाया जा सकता है।
Q2. क्या e-KYC दोबारा करनी पड़ती है?
आमतौर पर नहीं, लेकिन डेटा बदलने पर जरूरी हो सकती है।
Q3. CSC पर e-KYC के पैसे लगते हैं?
सरकारी निर्देशानुसार नाममात्र शुल्क या निःशुल्क।Q4. किस्त फेल हो जाए तो क्या अगली किस्त मिलेगी?
हाँ, बशर्ते e-KYC और अन्य विवरण सही हों।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अग्रिम किस्त का लाभ है पाना, तो अब जरूरी है ईकेवाईसी (#eKYC) करवाना
— Agriculture INDIA (@AgriGoI) February 3, 2025
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) के तहत पात्र किसानों को सालाना ₹6000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। सभी किसान भाई-बहन योजना की अग्रिम किस्त का लाभ पाने के… pic.twitter.com/RusnZRurtU