तमिल और तेलुगु सिनेमा में इन दिनों एक बहस तेज़ी से गहराती जा रही है। मामला सिर्फ दो फिल्मों का नहीं है, बल्कि उस सोच का है, जो आज के बड़े बजट, बड़े सितारों और पैन-इंडिया फिल्मों के दौर में बार-बार सवालों के घेरे में आती है। एक तरफ 2023 में रिलीज़ हुई नंदमुरी बालकृष्ण की ‘Bhagavanth Kesari’, जिसे उसके मजबूत सामाजिक संदेश और अलग ट्रीटमेंट के लिए सराहा गया, और दूसरी तरफ थलापति विजय की आखिरी बताई जा रही फिल्म ‘Jana Nayagan’, जिसका Trailer रिलीज़ होते ही इंटरनेट पर विवादों में घिर गया। taazanews24x7.com
सोशल मीडिया से लेकर फिल्मी गलियारों तक एक ही सवाल गूंज रहा है—
क्या ‘Jana Nayagan’ वास्तव में ‘Bhagavanth Kesari’ से प्रेरित है, या यह उसी कहानी का नया रूप है?

विवाद की शुरुआत: एक ट्रेलर और कई सवाल
‘Jana Nayagan’ का Trailer जैसे ही रिलीज़ हुआ, विजय के फैंस में उत्साह की लहर दौड़ गई। दमदार एक्शन, सख्त लुक, सिस्टम से टकराता नायक और बॉबी देओल का खतरनाक विलेन अवतार—सब कुछ एक मेगा ब्लॉकबस्टर का वादा कर रहा था।
लेकिन यह खुशी ज्यादा देर टिक नहीं पाई।
कुछ ही घंटों के भीतर सोशल मीडिया यूजर्स ने Trailer के सीन-दर-सीन स्क्रीनशॉट निकालने शुरू कर दिए। तुलना सीधे जाकर टकराई ‘Bhagavanth Kesari’ से।
कहीं कहानी का ढांचा मिलता-जुलता लगा, कहीं नायक की सोच, तो कहीं भावनात्मक और सामाजिक मुद्दों की प्रस्तुति।
यहीं से शुरू हुआ ‘Jana Nayagan Trailer विवाद’।
‘Bhagavanth Kesari’: एक फिल्म जो बेंचमार्क बन गई
इस पूरे विवाद को समझने के लिए पहले यह जानना जरूरी है कि ‘Bhagavanth Kesari’ आखिर क्यों इतनी प्रभावशाली मानी जाती है।
नंदमुरी बालकृष्ण स्टारर यह फिल्म सिर्फ एक एक्शन ड्रामा नहीं थी। यह एक विचार थी—जहां ताकत का मतलब सिर्फ हथियार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और मार्गदर्शन था।
फिल्म में एक मजबूत पुरुष किरदार को महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में दिखाया गया, लेकिन बिना भाषणबाज़ी और बनावटी नारेबाज़ी के।
‘Bhagavanth Kesari’ ने यह दिखाया कि
- हीरो सिर्फ दुश्मन से नहीं लड़ता
- वह सिस्टम से भी सवाल करता है
- और सबसे अहम, वह दूसरों को अपने पैरों पर खड़ा होने की ताकत देता है
यही वजह है कि फिल्म रिलीज़ के बाद सिर्फ हिट नहीं हुई, बल्कि चर्चा का विषय बन गई।

‘Jana Nayagan’: आखिरी फिल्म होने का दबाव
थलापति विजय के लिए ‘Jana Nayagan’ सिर्फ एक और फिल्म नहीं है। इसे उनके 34 साल लंबे करियर की आखिरी फिल्म बताया जा रहा है। इसके बाद वे सक्रिय राजनीति में उतरने वाले हैं।
ऐसे में फैंस की उम्मीदें आसमान पर थीं।
लोग चाहते थे कि विजय अपनी विदाई फिल्म में कुछ ऐसा करें, जो न सिर्फ बॉक्स ऑफिस बल्कि सिनेमा के इतिहास में याद रखा जाए।
लेकिन जैसे ही ‘Bhagavanth Kesari’ से तुलना शुरू हुई, वही उम्मीदें सवालों में बदलने लगीं।
समानताएं जिन्होंने बढ़ाया शक
सोशल मीडिया यूजर्स और फिल्म समीक्षकों ने जिन बिंदुओं पर सबसे ज्यादा सवाल उठाए, वे कुछ इस तरह हैं:
1. सिस्टम से लड़ता नायक
दोनों फिल्मों में नायक एक ऐसे सिस्टम से टकराता है, जो अंदर से सड़ा हुआ है।
वह अकेला खड़ा होता है, बिना सत्ता का हिस्सा बने।
2. सामाजिक संदेश
महिला सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और जिम्मेदारी—ये मुद्दे ‘भगवंत केसरी’ की आत्मा रहे हैं।
‘जना नायकन’ के Trailer में भी इन्हीं विषयों की झलक दिखाई देती है।
3. भावनात्मक एंगल
हीरो सिर्फ ताकतवर नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है।
यह एंगल दोनों फिल्मों में लगभग समान नजर आया।
4. विलेन की भूमिका
विलेन सिर्फ एक आदमी नहीं, बल्कि ताकत और सिस्टम का चेहरा है।
इन समानताओं ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या यह सिर्फ प्रेरणा है या कहानी का पुनर्प्रस्तुतीकरण।

मेकर्स की चुप्पी और अफवाहों का बाजार
अब तक ‘Jana Nayagan’ के निर्माताओं ने यह साफ नहीं किया है कि फिल्म ‘Bhagavanth Kesari’ की रीमेक है या नहीं।
यही चुप्पी अफवाहों को और हवा दे रही है।
कुछ ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह ऑफिशियल रीमेक नहीं, बल्कि “थीम-आधारित प्रेरणा” हो सकती है।
लेकिन दर्शकों का एक बड़ा वर्ग इसे मानने को तैयार नहीं है।
AI वॉटरमार्क विवाद: भरोसे पर चोट
विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ।
ट्रेलर के एक सीन में कथित तौर पर AI वॉटरमार्क दिखाई देने का दावा किया गया।
यूजर्स का कहना है कि एडिटिंग के दौरान इस्तेमाल किए गए किसी AI टूल का वॉटरमार्क हटाना मेकर्स भूल गए।
400 करोड़ के बजट वाली बताई जा रही फिल्म के लिए यह आरोप काफी गंभीर माना गया।
इसने न सिर्फ तकनीकी टीम पर सवाल उठाए, बल्कि फिल्म की तैयारी को लेकर भी संदेह पैदा किया।
बॉबी देओल: दमदार लेकिन परिचित?
बॉबी देओल का साउथ सिनेमा में विलेन अवतार दर्शकों के लिए नया जरूर है, लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि उनका किरदार भी उसी “पावरफुल एंटागोनिस्ट” टेम्पलेट पर चलता दिख रहा है, जो पहले कई फिल्मों में देखा जा चुका है।
हालांकि, यह भी सच है कि ट्रेलर पूरी फिल्म की तस्वीर नहीं होता।
विजय और रीमेक: पुराना रिश्ता
इस बहस में एक अहम पहलू यह भी है कि थलापति विजय का करियर रीमेक फिल्मों से अछूता नहीं रहा है।
बतौर लीड एक्टर वे करीब 16 रीमेक फिल्मों का हिस्सा रह चुके हैं, जिनमें कुछ बॉलीवुड से भी प्रेरित थीं।
इसलिए उनके समर्थक कहते हैं कि रीमेक होना कोई अपराध नहीं है।
सवाल बस इतना है—
क्या आखिरी फिल्म के लिए यही सही रास्ता था?
फैंस दो हिस्सों में बंटे
इस पूरे विवाद ने विजय के फैंस को भी दो हिस्सों में बांट दिया है।
- एक वर्ग का मानना है कि ट्रेलर देखकर जल्दबाजी में फैसला करना गलत है।
- दूसरा वर्ग कहता है कि अगर तुलना हो रही है, तो वजह जरूर होगी।
यही बहस ‘Jana Nayagan’ को रिलीज़ से पहले ही चर्चा के केंद्र में ले आई है।
‘Bhagavanth Kesari’ क्यों बार-बार चर्चा में आती है?
असल में, यह विवाद इस बात का सबूत है कि ‘Bhagavanth Kesari’ ने एक मजबूत छाप छोड़ी है।
जब भी कोई फिल्म सामाजिक जिम्मेदारी, सिस्टम और शक्ति की बात करती है, तो तुलना उसी से होने लगती है।
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— 𝕏M∆𝕏💫 (@adipurush_ram) January 3, 2026
निष्कर्ष: फैसला अभी बाकी है
‘Jana Nayagan’ और ‘Bhagavanth Kesari’ की तुलना फिलहाल Trailer तक सीमित है।
असली सच्चाई फिल्म की रिलीज़ के बाद ही सामने आएगी।
लेकिन इतना तय है कि
- ‘Bhagavanth Kesari’ ने एक बेंचमार्क सेट किया है
- और ‘Jana Nayagan’ उसी कसौटी पर परखी जा रही है
अब देखना यह है कि थलापति विजय अपनी आखिरी फिल्म से आलोचकों को जवाब देते हैं या यह विवाद फिल्म की रिलीज़ के बाद और गहरा जाता है।
फिलहाल एक बात साफ है—
यह विवाद सिर्फ दो फिल्मों का नहीं, बल्कि आज के साउथ सिनेमा की दिशा और सोच का आईना बन चुका है।
Bhagavanth Kesari Trailer vs Jana Nayagan Trailer
— ஈரோடு_அமீன்..🌾❤️💛 (@Erode_Amin_NTK) January 3, 2026
இந்த கேசரிக்குதான் இவ்வளவு பில்டப்பா.?#JanaNayagan #JanaNayaganTrailer_disaster pic.twitter.com/mr4cnWVsts