Ladki Bahin Yojana eKYC: 31 दिसंबर के बाद नहीं मिलेगा दूसरा मौका, मंत्री Aditi Tatkare का आख़िरी अल्टीमेटम

महाराष्ट्र की लाखों महिलाओं के लिए 31 दिसंबर सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि एक फैसला करने वाली डेडलाइन बन चुकी है। मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना के तहत हर महीने मिलने वाले 1500 रुपये को लेकर सरकार ने अब कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी है। महिला एवं बाल विकास मंत्री Aditi Tatkare ने साफ शब्दों में कह दिया है—
“31 दिसंबर के बाद eKYC का कोई एक्सटेंशन नहीं मिलेगा।” taazanews24x7.com

यानी अगर आपने अब भी यह सोचकर इंतज़ार कर रखा है कि सरकार आख़िरी समय में फिर से तारीख बढ़ा देगी, तो यह सबसे बड़ी भूल साबित हो सकती है। सरकार का संदेश सीधा है—
eKYC नहीं, तो किस्त नहीं।

लाडकी बहिण योजना: सिर्फ पैसे की योजना नहीं, भरोसे का सवाल

लाडकी बहिण योजना को महाराष्ट्र सरकार ने सिर्फ एक आर्थिक सहायता कार्यक्रम के तौर पर नहीं, बल्कि महिला सम्मान और आत्मनिर्भरता के मॉडल के रूप में पेश किया था।
हर महीने मिलने वाले 1500 रुपये कई परिवारों के लिए:

  • रसोई का खर्च
  • बच्चों की फीस
  • दवाइयों का इंतज़ाम
  • छोटी-मोटी घरेलू ज़रूरतें

पूरा करने का आधार बने हैं।

ग्रामीण इलाकों में यह रकम कई बार घर की एकमात्र नियमित आय साबित हुई है। यही वजह है कि सरकार इस योजना को लेकर किसी भी तरह की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े के खिलाफ अब सख्त रुख अपनाए हुए है।

eKYC को लेकर सरकार इतनी सख्त क्यों है?

सरकार के स्तर पर यह साफ माना गया है कि जब योजना इतनी बड़ी हो—लाखों लाभार्थी, हजारों करोड़ रुपये का खर्च—तो सिस्टम की शुद्धता सबसे अहम हो जाती है।

पिछले कुछ महीनों की जांच में सामने आया कि:

  • एक ही महिला के नाम पर दो-दो एंट्री
  • मृत लाभार्थियों के खातों में पैसे
  • आधार और बैंक खाते का मेल न होना
  • निष्क्रिय बैंक खातों में DBT फेल होना

इन सबने सरकार को मजबूर किया कि eKYC को अनिवार्य फिल्टर बनाया जाए।

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि अगर यह प्रक्रिया पूरी तरह लागू नहीं की गई, तो योजना लंबे समय तक टिक नहीं पाएगी।

मंत्री Aditi Tatkare का बयान क्यों अहम है?

Aditi Tatkare का बयान कोई सामान्य चेतावनी नहीं है। वह सरकार के उस विभाग की मंत्री हैं, जो सीधे इस योजना को चला रहा है।
उनके शब्दों में साफ संदेश था:

“लाडकी बहिण योजना की eKYC के लिए पर्याप्त समय दिया जा चुका है। 31 दिसंबर आख़िरी तारीख है। इसके बाद कोई भी शिकायत या अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा।”

राजनीतिक गलियारों में इसे फाइनल कॉल माना जा रहा है। यानी अब न तो प्रशासनिक स्तर पर और न ही राजनीतिक दबाव में तारीख बढ़ने की कोई संभावना बची है।

31 दिसंबर के बाद क्या-क्या अटक सकता है?

अगर eKYC नहीं हुई, तो असर सिर्फ अगली किस्त तक सीमित नहीं रहेगा।

संभावित नुकसान:

  1. 1500 रुपये की मासिक किस्त बंद
  2. लाभार्थी सूची से नाम हटना
  3. दोबारा शामिल होने के लिए नई जांच
  4. भविष्य की किस्तों पर भी सवाल
  5. तकनीकी कारणों से पुराने भुगतान भी अटक सकते हैं

सरकारी सिस्टम में एक बार नाम “Inactive” हो गया, तो उसे दोबारा “Active” कराना आसान नहीं होता।

6 लाख महिलाएं योजना से बाहर! यह आंकड़ा क्यों चौंकाने वाला है?

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक करीब 26 लाख लाभार्थी महिलाएं ऐसी हैं, जिनकी eKYC पूरी नहीं हुई है।
यह संख्या इसलिए गंभीर है क्योंकि:

  • इनमें बड़ी संख्या ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की है
  • कई महिलाएं पहली बार किसी सरकारी DBT योजना से जुड़ी हैं
  • तकनीकी जानकारी की कमी सबसे बड़ी बाधा रही है

सरकार का तर्क है कि बार-बार तारीख बढ़ाने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि सिस्टम और ढीला पड़ेगा।

ग्राउंड रिपोर्ट: महिलाएं क्यों नहीं करा पाईं eKYC?

ज़मीनी हकीकत देखें तो समस्या सिर्फ लापरवाही की नहीं है।

मुख्य कारण:

  • आधार से मोबाइल नंबर लिंक न होना
  • बैंक खाते में नाम की स्पेलिंग का अंतर
  • पुरानी पासबुक, नया आधार
  • CSC सेंटर पर भीड़
  • तकनीकी सर्वर स्लो होना

कई महिलाएं यह भी मानकर बैठी रहीं कि “पैसा तो आ ही रहा है, अभी क्यों कराएं?”

अब वही सोच सबसे बड़ी परेशानी बनती दिख रही है।

eKYC कैसे कराएं: आसान भाषा में पूरी प्रक्रिया

ऑनलाइन तरीका

अगर मोबाइल या लैपटॉप उपलब्ध है:

  1. योजना की आधिकारिक वेबसाइट खोलें
  2. Beneficiary या eKYC सेक्शन में जाएं
  3. आधार नंबर डालें
  4. OTP से वेरिफिकेशन करें
  5. डिटेल्स कन्फर्म करें
  6. सबमिट कर स्टेटस चेक करें

ऑफलाइन तरीका (CSC / सेतु केंद्र)

तकनीक से परेशानी है तो यह सबसे भरोसेमंद रास्ता है:

  • नजदीकी CSC या सेतु केंद्र जाएं
  • आधार, पासबुक और मोबाइल साथ रखें
  • ऑपरेटर से eKYC कराएं
  • रसीद या कन्फर्मेशन जरूर लें

किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?

  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक
  • आधार से लिंक मोबाइल नंबर
  • योजना पंजीकरण विवरण (अगर हो)

इनमें से एक भी चीज़ मिसिंग हुई तो प्रक्रिया अटक सकती है।

eKYC स्टेटस कैसे जांचें?

सरकार सलाह दे रही है कि eKYC कराने के बाद स्टेटस जरूर जांचें:

  • वेबसाइट पर जाकर “eKYC Status” देखें
  • Completed / Verified दिखे तो चिंता नहीं
  • Pending दिखे तो तुरंत सुधार कराएं

1500 रुपये कब आएंगे? लेटेस्ट स्थिति

सरकारी सूत्रों के अनुसार:

  • जिनकी eKYC पूरी है, उनकी किस्त प्रोसेस में है
  • जिनकी eKYC अधूरी है, उनकी राशि होल्ड कर दी गई है
  • 31 दिसंबर के बाद सिर्फ Verified खातों में भुगतान होगा

यानी साफ है—पैसा सिस्टम से जुड़े बिना नहीं निकलेगा।

सरकार डेडलाइन क्यों नहीं बढ़ाना चाहती?

इसके पीछे तीन बड़ी वजहें हैं:

  1. पहले ही कई बार तारीख बढ़ाई जा चुकी
  2. चुनावी वादों की विश्वसनीयता दांव पर
  3. वित्तीय अनुशासन बनाए रखना जरूरी

सरकार का मानना है कि अगर अब भी ढील दी गई, तो भविष्य में कोई भी योजना समय पर लागू नहीं हो पाएगी।

महिलाओं के लिए आख़िरी सलाह

  • आख़िरी दिन का इंतज़ार न करें
  • आज ही eKYC कराएं
  • कन्फर्मेशन जरूर चेक करें
  • किसी दलाल या अफवाह पर भरोसा न करें

निष्कर्ष: 31 दिसंबर सिर्फ तारीख नहीं, फैसला है

लाडकी बहिण योजना महाराष्ट्र की महिलाओं के लिए एक मजबूत सहारा बनी है। लेकिन यह सहारा तभी कायम रहेगा, जब लाभार्थी सरकारी नियमों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगी

मंत्री अदिति तटकरे का संदेश बिल्कुल साफ है—
अब कोई मौका नहीं, कोई बहाना नहीं।

अगर आपको हर महीने 1500 रुपये चाहिए, तो
31 दिसंबर से पहले eKYC कराना ही होगा।

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