तारीख: 27 दिसंबर 2025
लेख श्रेणी: अंतरराष्ट्रीय राजनीति | बांग्लादेश न्यूज़
भूमिका: बांग्लादेश की राजनीति में Tarique Rahman का नाम क्यों अहम है?
बांग्लादेश की राजनीति पिछले कई दशकों से सत्ता संघर्ष, सैन्य शासन, लोकतांत्रिक आंदोलनों और पारिवारिक राजनीतिक विरासतों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। इन्हीं विरासतों में एक नाम है — Tarique Rahman वह न सिर्फ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता हैं, बल्कि देश की पूर्व प्रधानमंत्री Khalida Ziya के पुत्र और पूर्व राष्ट्रपति Ziaur Rahman के उत्तराधिकारी भी हैं। taazanews24x7.com
Tarique Rahman को समर्थक बांग्लादेश की लोकतांत्रिक राजनीति का भविष्य मानते हैं, जबकि आलोचक उन्हें विवादों से घिरा हुआ नेता बताते हैं। यही कारण है कि उनका नाम बांग्लादेश की राजनीति में हमेशा चर्चा में रहता है।
बांग्लादेश की राजनीति में कुछ नाम ऐसे हैं जो सत्ता में हों या न हों, लेकिन राजनीतिक विमर्श के केंद्र में हमेशा बने रहते हैं। Tarique Rahman ऐसा ही एक नाम है। वे न केवल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के शीर्ष नेता हैं, बल्कि उस राजनीतिक विरासत के उत्तराधिकारी भी हैं, जिसने आधुनिक बांग्लादेश की राजनीति को आकार दिया। समर्थक उन्हें लोकतंत्र की आवाज़ मानते हैं, जबकि आलोचक विवादों का चेहरा बताते हैं। सच चाहे जो हो, इतना तय है कि Tarique Rahman के बिना बांग्लादेश की राजनीति की कहानी अधूरी है।
बांग्लादेश की राजनीति में कुछ नाम ऐसे हैं जो केवल सत्ता से नहीं, बल्कि संघर्ष, टकराव और विचारधारात्मक लड़ाइयों से पहचाने जाते हैं। Tarique Rahman ऐसा ही एक नाम हैं। वे न तो सिर्फ एक नेता हैं और न ही केवल एक राजनीतिक परिवार के उत्तराधिकारी, बल्कि बांग्लादेश की मौजूदा राजनीति की सबसे जटिल और चर्चित शख्सियतों में से एक हैं।
Tarique Rahman न केवल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के शीर्ष नेता हैं, बल्कि उस राजनीतिक विरासत के उत्तराधिकारी भी हैं, जिसने आधुनिक बांग्लादेश की राजनीति को आकार दिया। समर्थक उन्हें लोकतंत्र की आवाज़ मानते हैं, जबकि आलोचक विवादों का चेहरा बताते हैं। सच चाहे जो हो, इतना तय है कि Tarique Rahman के बिना बांग्लादेश की राजनीति की कहानी अधूरी है।
जहाँ एक ओर उनके समर्थक उन्हें लोकतंत्र की बहाली का प्रतीक मानते हैं, वहीं दूसरी ओर आलोचक उन्हें पुराने सत्ता तंत्र और भ्रष्ट राजनीति से जोड़कर देखते हैं। इन दोनों ध्रुवों के बीच खड़ा Tarique Rahman आज भी बांग्लादेश की राजनीति को दिशा देने की क्षमता रखते हैं।
राजनीतिक विरासत में जन्म, लेकिन आसान नहीं रहा रास्ता
Tarique Rahman का जन्म 20 नवंबर 1967 को ढाका में हुआ। उनका बचपन एक ऐसे दौर में बीता जब बांग्लादेश एक नव-स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा था। उनके पिता शहीद राष्ट्रपति ज़ियाउर रहमान न केवल देश के सैन्य नायक थे, बल्कि उन्होंने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की स्थापना कर बहुदलीय राजनीति को नई दिशा दी।
1981 में ज़ियाउर रहमान की हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया। उस समय TARIQUE RAHMAN किशोर अवस्था में थे। यह घटना उनके जीवन और सोच पर गहरा प्रभाव छोड़ गई। राजनीति उनके लिए विरासत जरूर थी, लेकिन उसके साथ दर्द, असुरक्षा और संघर्ष भी जुड़ा हुआ था।

शिक्षा और राजनीतिक समझ का विकास
Tarique Rahman की शिक्षा ढाका में हुई। उन्होंने औपचारिक राजनीति में आने से पहले समाज और संगठन को समझने पर ध्यान दिया। वे उन नेताओं में नहीं रहे जो केवल नाम के सहारे आगे बढ़े हों।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, उन्होंने पार्टी संगठन, कार्यकर्ताओं की भूमिका और जमीनी राजनीति को नजदीक से समझा। यही कारण है कि बाद में वे BNP के भीतर एक रणनीतिक नेता के रूप में उभरे।
BNP में उभार: संगठन से रणनीति तक
1990 के दशक में जब बांग्लादेश में लोकतांत्रिक आंदोलनों का दौर चल रहा था, तब BNP एक मजबूत विपक्ष और बाद में सत्ताधारी दल के रूप में उभरी। इसी समय Tarique Rahman पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में सक्रिय हुए।
उन्होंने:
- युवा कार्यकर्ताओं को संगठित किया
- पार्टी की स्थानीय इकाइयों को मजबूत किया
- चुनावी रणनीति पर काम किया
धीरे-धीरे वे पार्टी के उन नेताओं में शामिल हो गए जिनकी राय को अहम माना जाने लगा।
2001–2006: सत्ता के करीब और विवादों के केंद्र में
2001 में BNP की सत्ता में वापसी हुई और बेगम खालिदा ज़िया प्रधानमंत्री बनीं। इस दौर को Tarique Rahman के राजनीतिक जीवन का सबसे प्रभावशाली लेकिन सबसे विवादित चरण माना जाता है।
हालाँकि वे किसी संवैधानिक पद पर नहीं थे, लेकिन उनके प्रभाव को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता था। इस समय उनके खिलाफ आरोप लगे कि वे सरकार के निर्णयों में दखल देते हैं और सत्ता के समानांतर एक प्रभावशाली केंद्र के रूप में काम कर रहे हैं।
BNP का कहना था कि ये आरोप राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का नतीजा थे, लेकिन आलोचकों ने इन्हें गंभीर सवालों के रूप में पेश किया।
भ्रष्टाचार के आरोप और राजनीतिक टकराव
इस दौर में Tarique Rahman के खिलाफ कई भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हुए। ये मामले आगे चलकर उनके पूरे राजनीतिक भविष्य को प्रभावित करने वाले साबित हुए।
राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि यह केवल कानूनी लड़ाई नहीं थी, बल्कि सत्ता और विपक्ष के बीच चल रही गहरी राजनीतिक जंग का हिस्सा थी।
BNP समर्थकों का दावा रहा कि Tarique Rahman को जानबूझकर निशाना बनाया गया ताकि पार्टी को कमजोर किया जा सके।
2007: अंतरिम सरकार और राजनीति का कठोर मोड़
2007 में जब बांग्लादेश में सेना समर्थित अंतरिम सरकार बनी, तो राजनीति का पूरा समीकरण बदल गया। भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत कई बड़े नेताओं की गिरफ्तारी हुई।
इसी दौरान Tarique Rahman को भी गिरफ्तार किया गया। हिरासत के दौरान उनके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंताएँ सामने आईं। मानवाधिकार संगठनों ने भी उनकी स्थिति पर सवाल उठाए।
बाद में चिकित्सा कारणों से उन्हें इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मिली और वे लंदन चले गए। यहीं से उनके निर्वासन की शुरुआत हुई।
निर्वासन में जीवन, लेकिन राजनीति से दूरी नहीं
लंदन में रहते हुए भी Tarique Rahman ने राजनीति से नाता नहीं तोड़ा। वे BNP के सीनियर वाइस चेयरमैन बने और पार्टी की रणनीति तय करने में केंद्रीय भूमिका निभाने लगे।
डिजिटल तकनीक ने उन्हें दूरी के बावजूद सक्रिय रहने का मौका दिया।
वे:
- वीडियो संदेश जारी करते हैं
- पार्टी नेताओं से ऑनलाइन बैठक करते हैं
- अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने बांग्लादेश की स्थिति रखते हैं
उनके भाषण अक्सर बांग्लादेश की राजनीति में नई बहस को जन्म देते हैं।

2004 ग्रेनेड हमला मामला: सबसे बड़ा विवाद
Tarique Rahman के राजनीतिक जीवन का सबसे संवेदनशील और गंभीर अध्याय है 2004 का ग्रेनेड हमला मामला। इस हमले में तत्कालीन विपक्षी नेता शेख हसीना को निशाना बनाया गया था।
अदालती फैसलों में Tarique Rahman को दोषी ठहराया गया, जिससे उनकी राजनीति और छवि को गहरा झटका लगा।
BNP और उनके समर्थकों ने इन फैसलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर निष्पक्ष सुनवाई की मांग उठाई।
यह मामला आज भी बांग्लादेश की राजनीति में गहरे विभाजन का प्रतीक बना हुआ है।
लोकतंत्र, चुनाव और Tarique Rahman की विचारधारा
Tarique Rahman खुद को लोकतांत्रिक मूल्यों का समर्थक बताते हैं। उनका मुख्य आरोप है कि बांग्लादेश में निष्पक्ष चुनाव की व्यवस्था कमजोर हो चुकी है।
उनके प्रमुख राजनीतिक मुद्दे रहे हैं:
- स्वतंत्र चुनाव आयोग
- निष्पक्ष और भागीदारीपूर्ण चुनाव
- राजनीतिक बंदियों की रिहाई
- मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
उनका कहना है कि लोकतंत्र के बिना आर्थिक और सामाजिक विकास संभव नहीं है।
युवाओं में बढ़ता प्रभाव
बांग्लादेश की बड़ी आबादी युवा वर्ग की है। बेरोज़गारी, सीमित अवसर और राजनीतिक दबाव युवाओं के बड़े मुद्दे हैं। Tarique Rahman इन मुद्दों को अपने भाषणों में प्रमुखता से उठाते हैं।
यही कारण है कि BNP समर्थक युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता बनी हुई है। वे उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देखते हैं जो भविष्य की राजनीति को समझता है।
प्रवासी बांग्लादेशी समुदाय में समर्थन
यूरोप, अमेरिका और मध्य-पूर्व में बसे बांग्लादेशी नागरिकों के बीच भी Tarique Rahman की मजबूत पकड़ मानी जाती है।
प्रवासी समुदाय उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बांग्लादेश की लोकतांत्रिक आवाज़ उठाने वाला नेता मानता है।
समर्थक बनाम आलोचक: दो ध्रुवों में बँटी छवि
Tarique Rahman शायद बांग्लादेश के सबसे ज्यादा विवादित लेकिन प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं।
समर्थकों के अनुसार
- वे राजनीतिक प्रताड़ना के शिकार हैं
- उन्हें निष्पक्ष मौका नहीं मिला
- वे लोकतंत्र की बहाली कर सकते हैं
आलोचकों के अनुसार
- वे पुराने सत्ता ढांचे का हिस्सा रहे हैं
- उनके खिलाफ लगे आरोप गंभीर हैं
- राजनीति में पारदर्शिता की कमी रही है
यह टकराव ही उनकी राजनीति को लगातार चर्चा में रखता है।
क्या होगी बांग्लादेश वापसी?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या Tarique Rahman की बांग्लादेश वापसी संभव है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्भर करेगा:
- कानूनी मामलों की स्थिति पर
- राजनीतिक वातावरण पर
- अंतरराष्ट्रीय दबाव और कूटनीति पर
अगर वे लौटते हैं, तो यह BNP और पूरे देश की राजनीति के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।
भविष्य की राजनीति और संभावनाएँ
BNP के भीतर Tarique Rahman को भविष्य का सबसे बड़ा चेहरा माना जाता है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उन्हें अगली पीढ़ी का नेतृत्व सौंपने के पक्ष में हैं।
अगर राजनीतिक हालात बदले और निष्पक्ष चुनाव हुए, तो Tarique Rahman बांग्लादेश की सत्ता राजनीति में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
निष्कर्ष: विवादों से परे एक निर्णायक नाम
Tarique Rahman की कहानी केवल सत्ता और विपक्ष की कहानी नहीं है, बल्कि यह बांग्लादेश के लोकतांत्रिक संघर्ष, राजनीतिक टकराव और भविष्य की उम्मीदों की कहानी भी है।
वे निर्वासन में हैं, लेकिन राजनीति के केंद्र में हैं।
उनका नाम आते ही बांग्लादेश की राजनीति की पूरी बहस सामने आ जाती है। आने वाला समय तय करेगा कि इतिहास उन्हें
एक विवादित नेता के रूप में याद रखेगा या लोकतांत्रिक बदलाव के चेहरे के रूप में।
FAQ:
Q1. Tarique Rahman कौन हैं?
Tarique Rahman बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता हैं और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया के पुत्र हैं।
Q2. Tarique Rahman इस समय कहाँ रहते हैं?
Tarique Rahmanवर्तमान में यूनाइटेड किंगडम (लंदन) में निर्वासन जीवन जी रहे हैं।
Q3. Tarique Rahman पर कौन-कौन से आरोप लगे हैं?
उन पर भ्रष्टाचार और 2004 के ग्रेनेड हमले जैसे मामलों में आरोप लगे हैं, जिन्हें BNP राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताती है।
Q4. क्या Tarique Rahman बांग्लादेश वापस लौट सकते हैं?
राजनीतिक हालात और कानूनी राहत मिलने पर उनकी वापसी संभव मानी जाती है।
BIG NEWS 🚨 BNP leader Tarique Rahman returns to Bangladesh.
— News Algebra (@NewsAlgebraIND) December 26, 2025
INDIAN MEA : "India supports free and fair elections in Bangladesh, and this development should be viewed in that context only"
Main Contest is between BNP and Jamaat-e-Islami in Bangladesh.
Jamaat-e-Islami is Anti… pic.twitter.com/RtpqTvgrt6