Australia के सिडनी शहर का नाम आते ही आंखों के सामने समुद्र की लहरें, खुला आसमान और दुनिया भर से आए पर्यटकों की चहल-पहल उभरती है। इसी Sydney में स्थित बॉन्डी बीच (Bondi Beach)—जो अब तक सुकून, आज़ादी, रंग-बिरंगी रोशनियों और उत्सवों का प्रतीक रहा—मंगलवार की रात अचानक गोलियों की आवाज़ से दहल उठा। यह वह वक्त था जब समुद्र किनारे यहूदी समुदाय के लोग अपने पवित्र त्योहार हनुक्का का जश्न मना रहे थे। लेकिन कुछ ही मिनटों में यह जश्न ऐसी त्रासदी में बदल गया, जिसने पूरे ऑस्ट्रेलिया को हिलाकर रख दिया। taazanews24x7.com
अचानक हुई अंधाधुंध फायरिंग में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। बीच पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही हर तरफ चीख-पुकार और भगदड़ मच चुकी थी।
घटना ने न सिर्फ Sydney, बल्कि पूरे Australia को झकझोर कर रख दिया है। समुद्र किनारे मौज-मस्ती और शांति के लिए पहचाने जाने वाले Bondi Beach पर ऐसा खौफनाक मंजर किसी ने सोचा भी नहीं था।
त्योहार की खुशियां और अचानक टूटी गोलियों की गूंज
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हनुक्का के मौके पर बॉन्डी बीच पर माहौल पूरी तरह उत्सवमय था। रंगीन लाइटें, मोमबत्तियां, पारिवारिक प्रार्थनाएं और बच्चों की हंसी—सब कुछ सामान्य चल रहा था। समुद्र की लहरों के साथ गीतों की आवाज़ गूंज रही थी। तभी अचानक तेज़ धमाकों जैसी आवाज़ें सुनाई दीं।
शुरुआत में लोगों को लगा कि शायद कोई तेज़ आवाज़ वाला पटाखा फूटा है, लेकिन कुछ ही पलों में जब लोग ज़मीन पर गिरने लगे और चारों तरफ खून फैलने लगा, तब स्थिति की भयावहता का अंदाजा हुआ। कुछ ही मिनटों में बॉन्डी बीच चीख-पुकार, भगदड़ और अफरा-तफरी का केंद्र बन गया और समझ आया कि यह पटाखे नहीं, बल्कि गोलियां थीं।
दो बंदूकधारियों ने बरसाईं गोलियां
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, दो हथियारबंद हमलावर भीड़ के बीच पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। चश्मदीदों के अनुसार, बीच पर जगह-जगह शव पड़े थे और घायल लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे। हमलावरों ने खास तौर पर उस हिस्से को निशाना बनाया, जहां त्योहार का मुख्य आयोजन चल रहा था।
लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ समुद्र की ओर दौड़े, तो कुछ रेत पर ही गिर पड़े। कई लोग अपनों को ढूंढते हुए मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन गोलियों की आवाज़ ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। घटना के बाद Bondi Beach का दृश्य किसी युद्ध क्षेत्र से कम नहीं था—चारों तरफ खून के धब्बे, बिखरी हुई निजी वस्तुएं और सदमे में डूबे लोग। स्थानीय निवासी और पर्यटक लंबे समय तक सन्न खड़े रहे।

Bondi Beach बना युद्ध का मैदान
फायरिंग के बाद Bondi Beach का दृश्य किसी युद्ध क्षेत्र से कम नहीं था। रेत पर खून के धब्बे, बिखरी हुई चप्पलें, मोबाइल फोन और रोते-बिलखते लोग—हर तरफ डर और सन्नाटा था। चश्मदीदों के मुताबिक, कई शव बीच पर ही पड़े थे, जबकि घायल लोग दर्द से कराह रहे थे।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि उन्होंने Bondi Beach पर कभी ऐसा मंजर नहीं देखा था। जो जगह कभी परिवारों और पर्यटकों की पसंदीदा थी, वही जगह कुछ ही मिनटों में मौत और डर का प्रतीक बन गई।
पुलिस का त्वरित कार्यवायी, दोनों हमलावर ढेर
घटना की सूचना मिलते ही New South Wales पुलिस हरकत में आ गई। पूरे Bondi इलाके को तुरंत सील कर दिया गया। हेलीकॉप्टर, स्नाइपर यूनिट और स्पेशल फोर्स को तैनात किया गया। समुद्र और आसपास की सड़कों पर कड़ी निगरानी रखी गई।
कई घंटों तक चले सर्च और काउंटर ऑपरेशन के बाद पुलिस ने दोनों बंदूकधारियों को मार गिराने की पुष्टि की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हमलावरों के पास आधुनिक हथियार थे और उन्होंने पूरी योजना के साथ हमला किया था। फिलहाल हमलावरों की पहचान और उनके मकसद को लेकर जांच जारी है।
पुलिस कमिश्नर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,
“यह एक सुनियोजित हमला प्रतीत होता है। हम हर एंगल से जांच कर रहे हैं—चाहे वह आतंकी साजिश हो या हेट क्राइम।”
मृतकों और घायलों की स्थिति
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, इस गोलीबारी में मारे गए 10 लोगों में पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं। कुछ मृतक स्थानीय निवासी थे, जबकि कुछ पर्यटक बताए जा रहे हैं। घायलों को Sydney के प्रमुख अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अस्पतालों में आपातकालीन व्यवस्था लागू कर दी गई है और अतिरिक्त डॉक्टरों व नर्सों को तैनात किया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, कई घायलों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
क्या यह धार्मिक नफरत से प्रेरित हमला?
हनुक्का जैसे धार्मिक पर्व के दौरान यहूदी समुदाय को निशाना बनाए जाने से हेट क्राइम की आशंका गहराती जा रही है। Australia में बीते वर्षों में धार्मिक असहिष्णुता और नस्लीय तनाव को लेकर बहस होती रही है, और यह घटना उन चिंताओं को मजबूत और गहरा कर रही है। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी आतंकी संगठन या धार्मिक समूह का नाम नहीं लिया है, लेकिन जांच एजेंसियां इस एंगल से भी मामले की पड़ताल कर रही हैं। सोशल मीडिया गतिविधियों, संदिग्ध संपर्कों और डिजिटल सबूतों की गहन जांच की जा रही है।

प्रधानमंत्री और सरकार का बयान
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि
“यह हमला निर्दोष नागरिकों पर ही नहीं, बल्कि Australia की शांति, एकता और बहुसांस्कृतिक मूल्यों पर हमला है।”
सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता और घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है। इसके साथ ही देशभर में प्रमुख धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया
Bondi Beach गोलीबारी की घटना पर दुनिया भर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई देशों के नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस हमले की निंदा की है और पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की। यहूदी संगठनों ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
संयुक्त राष्ट्र ने भी बयान जारी कर कहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की हिंसा वैश्विक चिंता का विषय बनती जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
Bondi Beach जैसे हाई-प्रोफाइल और भीड़भाड़ वाले पर्यटन स्थल पर इस तरह की घटना ने ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा इंतज़ाम ज़रूरी हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, समुद्री तटों को अक्सर कम जोखिम वाला माना जाता है, लेकिन यह घटना बताती है कि अब सुरक्षा रणनीति पर फिर से विचार करने की जरूरत है तथा इंटेलिजेंस इनपुट और ग्राउंड-लेवल सिक्योरिटी को और मजबूत करने की जरूरत है।
Bondi Beach की बदली पहचान
Bondi Beach सिर्फ एक समुद्र तट नहीं, बल्कि Sydney की पहचान है। यहां हर साल लाखों पर्यटक आते हैं। लेकिन इस गोलीबारी ने इस जगह की छवि पर गहरा असर डाला है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब Beach पर जाते समय डर महसूस हो रहा है। कई परिवारों ने फिलहाल Bondi Beach से दूरी बना ली है।
जांच जारी, कई सवाल अब भी अनुत्तरित
फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस हमले से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं। हमलावर कौन थे, उनका मकसद क्या था और क्या उनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था—इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और सोशल मीडिया गतिविधियों को खंगाला जा रहा है।
निष्कर्ष
हनुक्का जैसे शांतिपूर्ण और पवित्र त्योहार के दौरान बॉन्डी बीच पर हुई यह गोलीबारी आधुनिक समाज के सामने एक गंभीर चेतावनी है। जब त्योहारों की खुशियां गोलियों की आवाज़ में दब जाएं, तो यह केवल एक देश की नहीं, बल्कि पूरी मानवता की हार होती है। बॉन्डी बीच की रेत शायद वक्त के साथ फिर से साफ हो जाए, लेकिन उस रात का डर और दर्द Sydney और Australia की यादों में लंबे समय तक जिंदा रहेगा।

Salute to this man who saved 100’s of lives in Bondi Beach, Sydney Australia 🇦🇺! He snatched the gun from terrorist!pic.twitter.com/sZoGN9PbWx
— Star Brief (@StarBrief) December 14, 2025