Lionel Messi India Tour 2025: कोलकाता में जुनून की इंतिहा, उम्मीदों का बोझ और एक ऐतिहासिक दौरे की अधूरी कहानी

भारत में क्रिकेट सबसे बड़ा खेल जरूर है, लेकिन जब बात फुटबॉल की आती है, तो कोलकाता का नाम सबसे पहले लिया जाता है। यह शहर फुटबॉल को सिर्फ खेल नहीं, बल्कि पहचान मानता है। ऐसे शहर में अगर 14 साल बाद लियोनेल मेसी जैसे खिलाड़ी की वापसी हो, तो भावनाओं का उफान आना तय है। Lionel Messi India Tour 2025 ठीक वैसा ही मौका था—ऐसा मौका जिसे लोग जिंदगी भर याद रखना चाहते थे।

लेकिन यह दौरा जितना भव्य होना चाहिए था, उतना ही अव्यवस्थित और विवादों से घिरा नजर आया। मेसी की मौजूदगी ने जहां हजारों चेहरों पर मुस्कान लाई, वहीं गलत प्लानिंग और अधूरी जानकारी ने उसी भीड़ को गुस्से में बदलते भी देखा। taazanews24x7.com

एयरपोर्ट पर ही दिख गया था कि मामला सामान्य नहीं है

कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार सुबह का नजारा किसी अंतरराष्ट्रीय फाइनल मैच से कम नहीं था। तड़के से ही लोग जमा होने लगे थे। किसी ने अर्जेंटीना की जर्सी पहन रखी थी, तो किसी के हाथ में मेसी का पोस्टर था। बच्चे अपने माता-पिता के कंधों पर बैठे थे, ताकि हीरो की एक झलक मिल सके।

यह कोई अफवाह नहीं थी, यह शुद्ध जुनून था।
कई फैंस ने बताया कि वे बिहार, झारखंड, ओडिशा और नॉर्थ-ईस्ट से सिर्फ मेसी के लिए आए थे। किसी ने ट्रेन की रातभर की यात्रा की, तो किसी ने होटल का खर्च भी नहीं उठाया—बस एक नजर के लिए।

जब मेसी एयरपोर्ट से बाहर निकले और कार की ओर बढ़े, तो कुछ सेकंड के लिए सब कुछ थम सा गया। फिर अचानक नारे गूंजने लगे—
“GOAT… GOAT… MESSI!”

मेसी ने हल्की मुस्कान के साथ हाथ हिलाया। वह पल छोटा था, लेकिन हजारों लोगों के लिए बेहद बड़ा।

होटल से लेकर सड़कों तक, हर जगह मेसी

एयरपोर्ट के बाद मेसी का काफिला होटल की ओर बढ़ा, लेकिन वहां हालात और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गए। होटल के बाहर पहले से ही भारी भीड़ मौजूद थी। पुलिस को कई बार बैरिकेड बदलने पड़े, ट्रैफिक रोका गया।

यह साफ हो गया था कि यह सिर्फ एक सेलेब्रिटी विज़िट नहीं, बल्कि एक भावनात्मक विस्फोट है।

मेसी के साथ फोटो: जब भावनाएं और पैसे आमने-सामने आए

इस दौरे का सबसे ज्यादा विवादित पहलू बना—मेसी के साथ फोटो लेने की कीमत। आयोजकों ने एक एक्सक्लूसिव मीट-एंड-ग्रीट सेशन रखा, जिसमें मेसी के साथ एक फोटो के लिए ₹7 लाख से ₹10 लाख तक खर्च करने पड़े।

यह खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई।
एक तरफ लोग बोले—“यह इंटरनेशनल सुपरस्टार हैं।”
दूसरी तरफ फैंस ने कहा—“फुटबॉल गरीब का खेल रहा है, इसे अमीरों तक सीमित मत कीजिए।”

यह टकराव सिर्फ पैसे का नहीं था, यह भावनाओं का था।

साल्ट लेक स्टेडियम: उम्मीदों का सबसे बड़ा केंद्र

अगर इस दौरे का दिल कोई जगह थी, तो वह था कोलकाता का साल्ट लेक स्टेडियम। यही वह मैदान है, जहां 2011 में मेसी ने अर्जेंटीना के लिए गोल किया था। वही यादें इस बार हजारों लोगों को यहां खींच लाई थीं।

₹3,000 से ₹12,000 तक के टिकट बिके, लेकिन किसी ने शिकायत नहीं की। लोग सिर्फ यही सोच रहे थे—
“अगर मेसी मैदान में दिख गए, तो सब वसूल।”

स्टेडियम भरा हुआ था। हर उम्र, हर वर्ग, हर भावना मौजूद थी।

उम्मीदें टूटीं, और माहौल बदल गया

कुछ देर बाद धीरे-धीरे यह साफ होने लगा कि मेसी न तो मैच खेलेंगे और न ही कोई ट्रेनिंग सेशन करेंगे। वह सिर्फ औपचारिक रूप से स्टेडियम में आएंगे।

फिर वह खबर आई जिसने माहौल पूरी तरह बदल दिया—
मेसी सिर्फ 10 से 15 मिनट में स्टेडियम छोड़ चुके हैं।

पहले सन्नाटा छाया, फिर सवाल उठे, और फिर गुस्सा।

जब फैंस का धैर्य टूटा

जो लोग घंटों धूप में बैठे थे, जिन्होंने पैसे बचाकर टिकट खरीदे थे, उन्हें लगा कि उनके साथ अन्याय हुआ है। कुछ फैंस ने कुर्सियां उखाड़ दीं, पानी की बोतलें फेंकी गईं, पोस्टर फाड़े गए।

यह गुस्सा मेसी के खिलाफ नहीं था—यह गुस्सा उस सिस्टम के खिलाफ था, जिसने उम्मीदें बढ़ाईं और सच्चाई साफ नहीं बताई।

आयोजकों की सबसे बड़ी चूक

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल आयोजकों पर खड़ा हुआ।
क्या साफ-साफ बताया गया था कि मेसी खेलेंगे नहीं?
क्या प्रचार में जानबूझकर भ्रम पैदा किया गया?

अब तक कोई ठोस जवाब सामने नहीं आया, और यही चुप्पी फैंस को सबसे ज्यादा चुभी।

2011 की यादें और 2025 की हकीकत

2011 में मेसी आए थे, खेले थे और गोल किया था।
2025 में मेसी आए, लेकिन कहानी अलग रही—ज्यादा प्रचार, ज्यादा भीड़, कम स्पष्टता।

यही फर्क इस दौरे को अधूरा बना गया।

कोलकाता से हैदराबाद की ओर

स्टेडियम में हंगामे के बाद मेसी ने कोलकाता में ज्यादा वक्त नहीं बिताया और हैदराबाद के लिए रवाना हो गए। अब वहां आयोजक अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति न बने।

भारतीय फुटबॉल के लिए सबक

मेसी का भारत आना अपने आप में ऐतिहासिक है। इससे युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलती है और फुटबॉल को नई पहचान मिलती है। लेकिन यह दौरा यह भी सिखाता है कि फैंस की भावनाओं के साथ पारदर्शिता जरूरी है

निष्कर्ष

Lionel Messi India Tour 2025 एक ऐसा मौका था, जो भारतीय फुटबॉल इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जा सकता था। लेकिन कोलकाता की घटनाओं ने इसे अधूरी कहानी बना दिया।

मेसी आज भी करोड़ों दिलों के हीरो हैं। सवाल सिर्फ इतना है—
क्या अगली बार उनकी मौजूदगी को बेहतर तरीके से संभाला जाएगा?

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