Wakefit Innovations IPO: निवेशकों की धीमी एंट्री, GMP में भारी गिरावट – क्या वाकई इस इश्यू में उतना दम है?

भारत के तेजी से फैलते फ़र्नीचर और मैट्रेस मार्केट में अपनी अलग पहचान बना चुकी Wakefit Innovations इन दिनों चर्चा के केंद्र में है। वजह है इसका बहुप्रतीक्षित IPO, जिसे लेकर बाजार में शुरू से ही खासा उत्साह देखा जा रहा था। लेकिन जैसे ही इश्यू खुला, शुरुआती आंकड़ों ने उम्मीदों पर हल्का सा ब्रेक लगा दिया।

प्राइस बैंड से लेकर GMP और सब्सक्रिप्शन तक, हर मोर्चे पर कई तरह की प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि Wakefit का यह IPO निवेशकों के लिए ठोस कमाई का मौका बनेगा या फिर यह भी उन इश्यूज़ की सूची में शामिल होगा जिनमें शोर ज्यादा और निवेशक भागीदारी कम रही? taazanews22x7.com

Wakefit Innovations IPO — प्रमुख तथ्य एक नजर में

  • प्राइस बैंड: ₹185 – ₹195 प्रति शेयर
  • लॉट साइज: 76 शेयर
  • न्यूनतम निवेश (रिटेल): ₹14,820
  • कुल इश्यू साइज: ₹1,288.89 करोड़
  • फ्रेश इश्यू: ₹377.18 करोड़
  • OFS (Offer For Sale): ₹911.71 करोड़
  • सब्सक्रिप्शन अवधि: 8–10 दिसंबर 2025
  • संभावित लिस्टिंग: 15 दिसंबर 2025

IPO का बड़ा हिस्सा OFS है—यानि कंपनी में पहले से निवेश करने वाले निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। यह संकेत कभी-कभी बाज़ार में गलत मैसेज दे सकता है—कि पुराने निवेशक आंशिक निकासी चाहते हैं।

Wakefit का बिज़नेस मॉडल – क्या है असली USP?

Wakefit उन कंपनियों में है जिन्होंने D2C (Direct-to-Consumer) मार्केट को भारत में मजबूत किया। मॉडल सरल है—बिचौलियों को हटाकर सीधे उपभोक्ता को प्रोडक्ट्स देना, जिससे कीमतें कम और मार्जिन बेहतर बनते हैं।

कंपनी की प्रमुख प्रोडक्ट कैटेगरी:

  • मैट्रेस (Memory Foam, Orthopedic)
  • बेड्स
  • अलमारियाँ
  • सोफा
  • होम डेकोर आइटम्स

Wakefit इस समय 870 से अधिक शहरों में डिलीवरी देता है और भारत के टॉप D2C मैट्रेस ब्रांडों में शामिल है। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने फर्नीचर सेगमेंट में आक्रामक एंट्री की है।

रेवेन्यू बढ़ा, पर मुनाफा अभी दूर

कंपनी का FY25 का कुल रेवेन्यू लगभग ₹1,305 करोड़ रहा—जो तेजी से बढ़ती मांग और होम-फर्निशिंग मार्केट में मजबूत पकड़ का संकेत देता है।

लेकिन समस्या ये है कि मजबूत रेवेन्यू के बावजूद कंपनी मुनाफे में नहीं आ पाई—यानि:

  • नेट प्रॉफिट: निगेटिव
  • EBITDA मार्जिन: 6–7%
  • मार्केटिंग और लोजिस्टिक्स कॉस्ट: बहुत अधिक
  • ऑफलाइन स्टोर्स में निवेश: कैश आउटफ्लो बढ़ रहा
  • फर्नीचर श्रेणी की कम मार्जिन: प्रभाव दिख रहा

मतलब—कंपनी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन कमाई और खर्च के बीच संतुलन अब भी नहीं बन पाया है।

GMP में खतरनाक गिरावट — निवेशकों का भरोसा क्यों हिला?

Wakefit Innovations का GMP (Grey Market Premium) शुरुआत में बहुत मजबूत था।

तारीखGMP (₹ में)
लॉन्च से पहले₹35–₹36
खुलने के बाद₹20
Day-1 के बाद₹8–₹10
Day-2 के दौरान₹4–₹6

GMP का लगभग 90% गिरना यह दिखाता है कि अनौपचारिक बाजार में Wakefit के लिए उत्साह तेज़ी से ठंडा पड़ा है।

GMP गिरने के कारण:

  1. कंपनी प्रॉफिट में नहीं
  2. OFS बहुत बड़ा — पुराने निवेशक निकल रहे
  3. फर्नीचर और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर मार्केट में दबाव
  4. Day-1 सब्सक्रिप्शन उम्मीद से कमजोर
  5. लिस्टिंग गेन की संभावनाएँ अचानक कम हो गईं

म्यूचुअल फंड्स और QIBs द्वारा पहले दिन उत्साह न दिखाना सबसे बड़ा संकेतक था जिसने GMP को नीचे धकेला।

IPO सब्सक्रिप्शन स्टेटस — क्या वाकई लोगों को नहीं भाया ये इश्यू?

Day 1 की स्थिति

  • कुल सब्सक्रिप्शन: ~11–15%
  • रिटेल इंवेस्टर्स: ~50–52%
  • QIBs: बेहद कम
  • NII/HNI: लगभग नगण्य

रिटेल ने कुछ उत्साह दिखाया, पर बड़े निवेशक ठंडे रहे—जो किसी भी IPO में सबसे महत्वपूर्ण संकेत होता है।

Day 2 की स्थिति

Day-2 में भी स्थिति खास नहीं सुधरी—GMP के और गिरने से रिटेल में भी आत्मविश्वास कम दिखा।

विश्लेषकों की राय — Should You Apply?

ब्रोकरेज हाउस और मार्केट विश्लेषक इस IPO को लेकर दो हिस्सों में बंटे हुए हैं।

पॉजिटिव राय (Listing Gain के मानने वाले)

  • Wakefit एक मजबूत और भरोसेमंद D2C ब्रांड है
  • प्राइस बैंड उचित रखा गया है
  • यदि GMP थोड़ा भी स्टेबल हुआ तो 10–15% तक लिस्टिंग गेन संभव
  • रिटेल के लिए लॉट साइज और निवेश रकम भी उचित

निगेटिव राय (Risk Factor देख रहे विश्लेषक)

  • कंपनी अब तक मुनाफा नहीं कमा पाई
  • मार्जिन बहुत कम
  • मार्केट में Sleepyhead, Sleepwell, Ikea जैसे बड़े खिलाड़ी
  • OFS बहुत बड़ा — “Exit Opportunity” जैसा संकेत
  • लॉजिस्टिक्स लागत—D2C फर्नीचर में सबसे बड़ी समस्या
  • GMP का गिरना निवेशक धारणा को कमजोर कर रहा

कुल मिलाकर—विश्लेषकों का टोन “Cautious Optimism” का है।

Long Term बनाम Listing Gain – कौन-सी रणनीति सही?

Listing Gain के लिए:

अगर आपका मकसद सिर्फ “लिस्टिंग डे पर छोटा प्रॉफिट” कमाना है, तो Wakefit IPO अभी भी एक OK अवसर है—बशर्ते कि:

  • Day-3 पर सब्सक्रिप्शन उठता है
  • GMP स्टेबल होता है
  • मार्केट में सेंटीमेंट पॉजिटिव रहता है

भले GMP गिरा हो, लेकिन रिटेल की अच्छी भागीदारी लिस्टिंग में सपोर्ट दे सकती है।

Long Term Investors के लिए:

  • कंपनी एक अच्छी ब्रांड है
  • रेवेन्यू ग्रोथ मजबूत
  • फर्नीचर का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है
  • Wakefit की D2C पकड़ भी मजबूत

लेकिन…

  • प्रॉफिट नहीं
  • बिज़नेस मॉडल में खर्चा बहुत
  • ऑफलाइन एक्सपेंशन में जोखिम
  • कैशफ्लो कमजोर

दीर्घकालिक नजरिये से निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। शायद यह अभी “Wait & Watch” वाला मामला ज्यादा है।

निष्कर्ष — क्या Wakefit Innovations IPO मिस करना चाहिए?

Wakefit Innovations का IPO “Mixed Sentiment” पैदा करता है।
एक तरफ ब्रांड मजबूत है, प्राइस बैंड आकर्षक है और उद्योग तेजी से बढ़ रहा है।

दूसरी तरफ:

  • कंपनी प्रॉफिट में नहीं
  • GMP बुरी तरह गिर गया
  • सब्सक्रिप्शन सुस्त
  • OFS बहुत बड़ा
  • लॉजिस्टिक्स कॉस्ट हाई

जो निवेशक जोखिम उठा सकते हैं, वे लिस्टिंग गेन के नजरिये से ट्राय कर सकते हैं।
लेकिन स्थिर और सुरक्षित निवेश चाहने वालों को शायद इससे थोड़ी दूरी रखनी चाहिए।

यह IPO न तो बहुत खराब है, न बहुत चमकदार—यह रिस्क और उम्मीदों का संतुलन” है।

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